तहसील में पेडेंसी भी भरमार, बरसात में होगा सीमांकन कार्य

Bilaspur News - अब बरसात शुरू होने के बाद भी सीमांकन के मामले निपटाए जाएंगे। लंबित आवेदनों की संख्या को देखते हुए ऐसे लंबित आवेदन...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 06:30 AM IST
Bilaspur News - chhattisgarh news pedency in tahsil should be allowed removing department work
अब बरसात शुरू होने के बाद भी सीमांकन के मामले निपटाए जाएंगे। लंबित आवेदनों की संख्या को देखते हुए ऐसे लंबित आवेदन और गैर कृषि जमीन के मामलों को निपटाने के लिए कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को आदेश दिया है। बिलासपुर तहसील में 45 पटवारी हल्के हैं। अब तक 15 जून के बाद बरसात शुरू होने के बाद 15 अक्टूबर तक सीमांकन के मामले निपटाने पर प्रतिबंध रहता था। इसकी वजह खेताें में सीमांकन प्रक्रिया में नाप जोख के दौरान फसलों को क्षति पहुंचती थी। सीमांकन के लंबित मामलों की संख्या को देखते हुए इसमें थोड़ा संशोधन कर मामले निपटाने को कहा गया है। सीमांकन के लिए गैर कृषि जमीनों को ही निपटाया जाएगा। सीमांकन के मामले राजस्व निरीक्षक व तहसीलदार निपटाते थे जबकि पटवारी प्रकिया में नाप जोख के दौरान शामिल भर रहते थे। अब पटवारियों को सीमांकन के मामले जल्द से जल्द निपटाने को कहा गया है। इसके लिए तीन-तीन पटवारियों के दस दल बनाए गए हैं। बिलासपुर तहसील में सीमांकन के 200 मामले पेंडिंग है जिसे अब लगातार अब निपटाया जा सकेगा।

आन लाइन मामले की पेंडेंसी हाेगी खत्म

आन लाइन मामलों में पेंडेंसी खत्म करने के लिए राजस्व अधिकारियों को एक माह का समय दिया गया है। नामांतरण, सीमांकन आदि के मामलों को निपटाने व आन लाइन अपडेट करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है। आने वाले समय में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजस्व अधिकारियों की जिलेवार मीटिंग रायपुर में लेने वाले हैं। इस तैयारी को उसी नजरिए से देखा जा रहा है।

कोई 800 मामले अभी भी लंबित

तहसील में जमीन सीमांकन के 800 मामले लंबित हैं। तीन रेवेन्यू इंस्पेक्टर होने के बावजूद इसकी प्रक्रिया अटकी पड़ी है। बारिश के मौसम में जून से इस काम पर पाबंदी लगाई जाती है, जिसके बाद कोई भी अफसर इससे जुड़े किसी केस को हाथ नहीं लगाता। आरोप है कि रसूखदारों के कहने पर कई प्रकरण में ये काम जारी है। लोग परेशान हैं और जिम्मेदार अफसरों के पास पेंडेंसी बढ़ती जा रही है।

सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा जैसे कई मामलाें की अनदेखी जारी

जिले में सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा जैसे चार हजार से ज्यादा राजस्व मामले आचारसंहिता की वजह से पेंडिंग हैं। आचारसंहिता खत्म होने के बाद ही इन मामलों की फाइलें दौड़ेंगी। खाद्य विभाग में राशन कार्ड बन रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री उज्जवला गैस योजना बंद है। अधिकारियों के कोर्ट में ज्यादा समय नहीं देने से काम अटके हैं।

तहसीलदार की सुनते कर्मचारी

अव्यवस्था का आलम ये है कि तहसीलदार और नायब तहसीलदार की बात उनके कर्मचारी ही नहीं सुनते। कई मामलों में तहसीलदार डीएस उइके ने फोन पर आरआई को काम निपटाने की बात कही है। इसके बावजूद वे उन्हें जल्द काम बढ़ाने की बात कहकर मामले को टाल देते हैं। इसके कारण लोगों की दिक्कत बढ़ती जा रही है।

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