• Hindi News
  • Chhattisgarh
  • Bilaspur
  • Bilaspur News chhattisgarh news people like goons used to come they used to say the name of the bloodsucker he has bought the land i got scared

गुंडे टाइप लोग आते थे, रसूखदार का नाम लेकर कहते थे- उसने जमीन खरीद ली है, मेरे मन में डर समाता गया

Bilaspur News - शहर से गायब हुए डाॅक्टर प्रकाश सुल्तानियां का बुधवार को पुलिस ने बयान दर्ज किया। उनसे दैनिक भास्कर ने भी चर्चा की।...

Bhaskar News Network

Aug 15, 2019, 09:25 AM IST
Bilaspur News - chhattisgarh news people like goons used to come they used to say the name of the bloodsucker he has bought the land i got scared
शहर से गायब हुए डाॅक्टर प्रकाश सुल्तानियां का बुधवार को पुलिस ने बयान दर्ज किया। उनसे दैनिक भास्कर ने भी चर्चा की। उन्होंने जो भी कहा-पढ़िए जस का तस।

मैं सितंबर 2017 में लोन लेकर व पैतृक संपत्ति बेचकर यह जमीन खरीदी। डेढ़ साल तक कोई भी समस्या नहीं आई। मई 2019 में निगम से परमिशन लेकर निर्माण चालू किया। जून के पहले हफ्ते में सदानंद पटेल व विजय पटेल ने तहसील में मेरे अगेंस्ट केस लगाया कि मैं उनकी जमीन हड़प कर निर्माण करा रहा हूं। जबकि मैं इन्हें नहीं जानता था। पहले कोई आब्जेक्शन लेने नहीं आया था। न ही कहीं कोई कोर्ट केस नहीं हुआ। बात बढ़ी तो पता चला इसमें जमीन दलाल प्रमोद यादव व मथुरा कश्यप टर्मिनेटेड आरआई इन्वाल्व है। ये लोग जहां मेरा काम चल रहा था वहां किसी को भेजकर काम बंद करने के लिए कहलवाते थे। बताते थे बड़े आदमी ने उस जमीन को खरीद लिया है। पहले आसपास के लोगों से यह बात बोलते थे फिर मेरे ठेकेदार से कहने लगे। कहते थे-पावरफुल आदमी है जो इस जमीन को खरीद लिया है। फिर एक दिन मेरे से आकर बोले कि फलां पावरफुल आदमी उस जमीन खरीद लिया है, निर्माण कार्य मत कराओ। इस बीच स्टे जारी हो गया तो कुछ दिनों के लिए काम बंद कर दिया। उन्होंने सीमांकन के लिए आवेदन लगाया। 1 जुलाई 2019 को सीमांकन के लिए टीम गठित हुई थी पर माैके पर टीम के बजाए केवल आरआई पहुंची। उसके साथ प्रमोद यादव व मथुरा कश्यप भी आए थे। बाकी जो जाए थे मैं नहीं पहचानता। मैं घर से निकला तो रास्ते में ठेकेदार ने बताया- काम बंद करा दिए हैं। मैं वहां पहुंचा। पूछा-स्थगन आदेश वेकेट हो चुका है फिर किस बेसिस पर काम बंद कराया। कश्यप ने कहा-स्थगन है। आरआई ने कहा- आप आदेश दिखाईये। मैं कहा-मैडम आप तहसील में जाकर देखिए। 24 तारीख को हो चुका है। तो आदेश लेकर क्यों घूमूंगा। आप कोर्ट के आदेश के बिना काम कैसे बंद करा सकते हैं। मैंने सीसीटीवी कैमरा लगवाया था। उसमें देखा आरआई व बाॅडी बिल्डर जैसा एक आदमी मिलकर वहां का काम बंद कराया था। फुटेज को पुलिस को दे दिया। उस दिन पहली बार मन में डर लगा। दबाव महसूस किया। सीमांकन वाले दिन से खतरनाक गुंडे टाइप लोग आ रहे थे। उन्होंने पंचनामा में साइन कराया। मना किया तो दबाव डाला। अगली तारीख 9 जुलाई तय हुई तो मैने आरआई से रिक्वेस्ट किया। कहा- मुझे बाहर जाना है। डेट बढ़ाकर 12 कर दीजिए। विरोध प्रमोद यादव ने किया। कहा- तब तक बहुत निर्माण हो जाएगा। मैं कहा-निर्माण की परमिशन तो मेरे पर है। फिर वे कहने लगे अभी उपर से फोन कराते हैं, अभी होगा सीमांकन । दबाव डालने लगे। मैं बोला टीम ही नहीं है तो सीमांकन कैसे होगा। वे लोग हावी होने लगे तो मुझे लगा वहां से भाग जाना ही बेहतर होगा। मैं चुपचाप वहां से निकला। उसके बाद वकील के माध्यम से आरआई के पास सीमांकन की तारीख आगे बढ़ाने रिक्वेस्ट लेटर भेजा। उन्होंने इसे नहीं लिया। कहा-आप तहसीलदार के माध्यम से भेजिए। मैने पोस्ट किया तो उसे रिसीव नहीं किया। मुझे 9 को बाहर जाना था पर वकील का फोन आया। बताया कल सीमांकन है, आप बाहर मत जाइये। मै बाहर नहीं गया। वहां पहुंचा तो सीमांकन के लिए कमल किशोर, आरआई व तीन पटवारी व आए थे और पिछले बार के जैसे ही आठ दस लोग थे। उन्होंने एक चिन्ह बना दिया। एक तरफ नाला बनाया। सीमा चिन्ह, उससे नाप लिया। मैं कागज दिखाया। कहा 2002 का सीमांकन है तो कहा वेलिड नहीं है। मैं बोला वेलिड है तो कहा इससे कुछ नहीं होता। जमीन की नापजोख कराने वाले से किसी तरह के कागज नहीं मांगे। मैं जो भी दस्तावेज दिखाता था उसे गलत बताते थे और ऐसा शो करते थे कि मैंने जमीन दबा ली है। मुझे समझ में आ गया था कि डर का माहौल बनाना चाह रहे हैं। उन्होंने ठेकेदार को फोटो दिखाया और बोला यह पावरफुल का बेटा है। इसने जमीन को खरीद लिया। ऐसा बार बार करते थे। मैं प्लाट जाने से डरने लगा। लगता था कुछ हो जाएगा। जाता था तो किसी को साथ में ले जाने की कोशिश करता था। एवाइड करने लगा। सीमांकन की प्रक्रिया से मुझे संतुष्टि नहीं थी। मैं आपत्ति दर्ज करा दी थी। बीच-बीच में वहां कोई आता था और फोटो खींच कर ले जाता है। आसपास के लोगों से कहता था हम जमीन तो ले ही लेंगे। मैं लीगल तरीके से फाइट कर रहा था पर जिस तरह से दो तीन माह से डर का माहौल बना रहे हैं उससे मुझे जस्टिस नहीं मिल पाएगा। 4 तारीख को जानकारी मिली कि सीमांकन रिपोर्ट हिसाब से बनवा लिया है। 6 की शाम को मैं सीमांकन रिपोर्ट की नकल लेने तहसील आफिस गया। नायब तहसीलदार के आफिस के भीतर से प्रमोद यादव व एक अन्य व्यक्ति बाहर आए। प्रमोद मेरे पास आया और बोला-प्रकाश भाई काम नहीं बन रहा है तो हम लोग उंगली को टेढा करना व निपटाना दोनों जानते हैं। मैं वहां से रिपोर्ट देखे बिना ही आ गया। ये सब चीजें चल रहा थी। मुझे जस्टिस मिलेगा इसपर भरोसा न के बराबर लगने लगा। ऐसा लगने लगा कि हमारे जैसे के लिए ये कैसे कार्रवाई करेंगे। कोई कुछ भी कर सकता है। हमारी तो कोई सुन नहीं कर रहा। सबसे एप्रोच कर ली। बात कर ली पर अफसर काम अपने हिसाब से कर रहे थे। कागज भी नहीं देख रहे थे। धमकी दे रहे हैं डरा रहे थे। हमारे जैसे लोग इसे सरवाइव कर ही नहीं सकते। दिमाग में ये बैठ गया। फिर उसके बाद मन एकदम खराब हो गया और मैं निकल गया।

जैसा कि डॉ. प्रकाश सुल्तानिया ने दैनिक भास्कर को बताया

डॉ. सुल्तानिया।

डॉ. सुल्तानिया की सुनाई कहानी से सामने आया शहर में जमीन को लेकर चल रहे गोरखधंधे का सच, दावा है कि सैकड़ों लोगों की जमीनों पर इसी तरह दूसरे लोग षड़यंत्रपूर्वक काबिज हैं

X
Bilaspur News - chhattisgarh news people like goons used to come they used to say the name of the bloodsucker he has bought the land i got scared
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना