अभिषेक सिंह के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक हाईकोर्ट से बरकरार

Bilaspur News - बिलासपुर| पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के पुत्र और राजनांदगांव के पूर्व सांसद अभिषेक सिंह के खिलाफ दंडात्मक...

Dec 04, 2019, 07:36 AM IST
Bilaspur News - chhattisgarh news prohibition on punitive action against abhishek singh continues from high court
बिलासपुर| पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के पुत्र और राजनांदगांव के पूर्व सांसद अभिषेक सिंह के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने चार सप्ताह के लिए रोक लगा दी है। पहले भी इसी तरह की रोक कोर्ट से लगाई गई थी, शासन के जवाब नहीं आने पर इसे अगली सुनवाई तक के लिए कोर्ट ने बढ़ा दिया। मामले की सुनवाई अब चार सप्ताह बाद होगी। अभिषेक सिंह ने हाईकोर्ट में अधिवक्ता विवेक शर्मा और प्रवीण दास के माध्यम से याचिका प्रस्तुत की है। इसमें उन्होंने राजनांदगांव में निवेशकों द्वारा कराए गए एफआईआर को निरस्त करने की मांग की है। मामले की सुनवाई मंगलवार को हुई। कोर्ट में शासन ने जवाब प्रस्तुत करने के लिए 4 सप्ताह का समय मांगा। इस पर हाईकोर्ट ने अभिषेक के मामले में पूर्व में दिए गए नो कोरसिव स्टेट यानी कि किसी भी प्रकार का कोई भी दंडात्मक कार्रवाई करने पर रोक को बरकरार रखा है। साथ ही हाईकोर्ट ने शासन और याचिकाकर्ताओं को जवाब प्रस्तुत करने कहा है।

एनआईए एक्ट को चुनौती एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के लिए बढ़ी सुनवाई

बिलासपुर| राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) एक्ट को चुनौती देने वाली दो अलग-अलग याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल ने मामले में एडिशनल सॉलिसिटर के आने की बात कहते हुए हाईकोर्ट से 14 जनवरी तक का समय मांगा है। अब मामले की अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी। एनआईए एक्ट को चुनौती देते हुए डॉ. विवेक बाजपेई ने यह कहते हुए याचिका दायर की है कि झीरम कांड के मामले में जब एनआईए ने अपनी जांच पूरी कर ली है, तो केस डायरी राज्य सरकार को क्यों नहीं दे रही है। यह भी सवाल उठाया है कि एनआईए द्वारा केस से मुख्य आरोपियों और मुख्य गवाहों के नामों को भी हटा दिया है। वहीं दूसरे याचिकाकर्ता झूमर कयामी ने याचिका में कहा है कि भीमा मंडावी के मौत मामले में राज्य सरकार की जांच पूरी हो गई है और एनआईए दखल दे रहा है जो कि गलत है।

एनएचएआई और पावर ग्रिड गतौरी में हुआ समझौता याचिका निराकृत

बिलासपुर|भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और पावर ग्रिड गतौरी में चला आ रहा विवाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद थम गया है। दोनों ने समझौता करने की जानकारी कोर्ट को दी। एनएचएआई सड़क बना रहा है, इसमें पावर ग्रिड गतौरी की सड़क पड़ रही थी। इसे तोड़ने के लिए एनएचएआई ने अभियान शुरू किया तो दोनों विभागों के बीच विवाद खड़ा हो गया। मामले को लेकर हाईकोर्ट में एनएचएआई ने याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान मंगलवार को एनएचएआई और पावर ग्रिड की तरफ से बताया गया कि दोनों पक्षों में समझौता हुआ है। इसके मुताबिक एनएचएआई पावर ग्रिड का बाउंड्रीवाल नहीं तोड़ेगा और पावर ग्रिड ने बेस हटाने पर सहमति व्यक्त की है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने उसके अनुरूप आदेश देते हुए याचिका को निराकृत कर दी। अब सड़क बनने में आ रही अड़चन समाप्त हो जाएगी।

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