बजट मिलने के बाद भी पीएचई की लैब को अपग्रेड करने का प्रोजेक्ट रुका

Bilaspur News - लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) बिलासपुर का वाटर टेस्टिंग लैब राष्ट्रीय स्तर का लैब बनने वाला है। इसके...

Nov 11, 2019, 06:45 AM IST
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) बिलासपुर का वाटर टेस्टिंग लैब राष्ट्रीय स्तर का लैब बनने वाला है। इसके अधिकारियों ने निरीक्षण कर लिया है। दावा किया जा रहा है कि आने वाले दिन में यहां पुराने उपकरण बदले जाएंगे। दूसरी सुविधाएं भी मिलेगी।

भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के राष्ट्रीय परीक्षण और शोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) ने पीएचई के लैब को एक्रीडिएशन प्रदान कर दिया है। जिससे इस लैब की विश्वसनीयता राष्ट्रीयता स्तर पर बढ़ जाएगी। इतना ही नहीं एक्रीडिएशन मिलने से लैब के विकास के लिए केंद्र सरकार से फंड भी प्राप्त होने की संभावना बढ़ गई है। रायपुर और दुर्ग के बाद यह तीसरा लैब होगा, जिसे ऐसी मान्यता मिली है। उल्लेखनीय है कि वृहद पेयजल योजना के अंतर्गत सिविल लाइन के किनारे आधुनिक वाटर टेस्टिंग लैब स्थापित किया गया है। जिसमें पानी जांचने के सभी आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं। जिलेभर से आए वाटर सैंपल की जांच इसी लैब से की जाती है। लैब के एक्सपर्ट पानी के सैंपल में मिश्रित केमिकल व अन्य कीटाणुओं के प्रतिशत की जांच करते हैं। लेकिन अब तक लैब की जांच को केंद्र सरकार से एक्रीडिएशन अर्थात मान्यता नहीं मिल पाई थी। जिससे सैंपलों को लैब द्वारा दी जाने वाली प्रामाणिकता पर भी सवाल खड़े हो रहे थे। अब एक्रीडिएशन मिलने से सभी सवालों पर विराम लगेगा। जिसकी पूर्णत: जांच के बाद भी आगे एक्रीडिएशन पर बोर्ड विचार करेगा। पीएचई को प्रत्येक दो साल में यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी और हर बार जांच में खरा उतरना होगा। नेशनल एक्राड्रेशन बोर्ड ऑफ टेस्टिंग एंड कैलीब्रेशन लैब (एनएबीएल) की मानकता मिल जाने से सभी प्रदेश की सभी लैब में पानी की शुद्धता को मानक स्तर से जांचा जा सकता है। इसी में बिलासपुर की पीएचई लैब का चयन हुआ है। अभी यह प्रोजेक्ट अटका हुआ है।

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना