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एनजीटी की सख्ती : 5 नदियों में गंदा पानी रोकने बना प्लान, खारुन नदी में 5, महानदी में 3 जगह ट्रीटमेंट प्लांट

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 06:26 AM IST

Bilaspur News - नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सख्ती के बाद आखिरकार नगरीय प्रशासन विभाग ने पांच नदियों में गंदा पानी रोकने के लिए...

Bilaspur News - chhattisgarh news rigor of ngt plans to prevent dirty water in 5 rivers 5 in river kharun treatment plant at 3 places in mahanadi
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सख्ती के बाद आखिरकार नगरीय प्रशासन विभाग ने पांच नदियों में गंदा पानी रोकने के लिए प्लान तैयार कर लिया है। रायपुर व धमतरी मिलाकर खारुन में पांच जगह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। राजिम, गोबरा नवापारा और कांकेर के पास सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर महानदी में गंदा पानी जाने से रोका जाएगा। रायगढ़ में केलो नदी से मिलने वाले नालों के गंदे पानी के ट्रीटमेंट के लिए दो और शिवनाथ नदी में गंदा पानी रोकने के लिए सिमगा के पास ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा। अमृत मिशन के तहत यह काम किया जाएगा। कोरबा में हसदेव नदी से मिलने वाली नालियों का गंदा पानी रोकने के लिए एनटीपीसी के साथ नगर निगम ने समझौता किया है। नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक खारुन नदी पर एक ट्रीटमेंट प्लांट पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा बनाया जाएगा, जबकि तीन नगर निगम तैयार करेगा। तीन प्लांट में 330 करोड़ का खर्च आएगा।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने महानदी, खारुन, हसदेव, शिवनाथ व केलो में 24 जगह सैंपल लेकर रिपोर्ट तैयार की है। इसके मुताबिक इन नदियों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति तक पहुंच चुका है। नदियों के पानी की स्वच्छता का जो मानक है, उसके मुताबिक 100 मिलीलीटर पानी में 500 से ज्यादा बैक्टीरिया नहीं होने चाहिए। इसके विपरीत पैरामीटर से सैकड़ों गुना ज्यादा बैक्टीरिया पाया गया है। इसे गंभीर मानकर एनजीटी ने तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे।

हसदेव

शिवनाथ

खारुन नदी

महानदी

केलो नदी

सैकड़ों गुना ज्यादा बैक्टीरिया

इन स्थानों पर गंदगी






24

जगह से लिए गए सैंपल में मिली थी गंदगी

गंदे पानी को साफ कर बेचेंगे

हसदेव नदी पर पीपीपी मोड पर कोहड़िया में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया जाएगा। 135 एमएलडी क्षमता वाले ट्रीटमेंट प्लांट का पानी साफ कर एनटीपीसी को बेचा जाएगा। इससे जो राशि आएगी, वह ट्रीटमेंट प्लांट बनाने वाली कंपनी को जाएगी। नगर निगम को भी कुछ हिस्सा मिलेगा। नगर निगम ने डीपीआर बनाकर एनटीपीसी को सौंप दिया है। अब इस पर काम शुरू होगा।

17 छोटे-बड़े नाले मिलते हैं खारुन में

खारुन नदी में 17 बड़े व छोटे नाले मिलते हैं। इनके गंदे पानी के ट्रीटमेंट के लिए 330 करोड़ का प्लान तैयार किया गया है, जिस पर अब काम शुरू होगा। मिशन क्लीन खारुन के अंतर्गत 200 एमएलडी क्षमता के तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। इनमें चंदनडीह में 75 एमएलडी, काठाडीह में 35 एमएलडी और निमोरा में 90 एमएलडी का प्लांट शामिल है। हर दिन 20 करोड़ लीटर गंदे पानी का ट्रीटमेंट किया जाएगा।

इंद्रावती और अरपा में भी प्लांट

अरपा नदी में भी बिलासपुर शहर की नालियों का गंदा पानी मिलता है। सीवरेज प्रोजेक्ट के अंतर्गत पहले ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार करना है। इसके अलावा इंद्रावती नदी पर जगदलपुर का गंदा पानी रोकने के लिए शहर से 9 किलोमीटर दूर ट्रीटमेंट प्लांट प्रस्तावित है। इसमें 16 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।

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