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विज्ञान का विकास हो रहा है, पर उसका सही उपयोग करना हम पर निर्भर है: डॉ. कमलेश

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 03:16 AM IST

Bilaspur News - एजुकेशन रिपोर्टर | बिलासपुर साइंस कॉलेज में रविवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हुई। संगोष्ठी का विषय...

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एजुकेशन रिपोर्टर | बिलासपुर

साइंस कॉलेज में रविवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हुई। संगोष्ठी का विषय मानवता के लिए विज्ञान में विकास एवं वर्तमान स्वरूप है। मुख्य अतिथि पं. ओपन यूनिवर्सिटी के कुलपति डाॅ. बंश गोपाल सिंह, विशिष्ट अतिथि डाॅ. बीएल गोयल थे। प्राचार्य डाॅ. कमलेश ने कहा कि विज्ञान का विकास मानव के स्वयं के ऊपर निर्भर करता है कि वह उसका उपयोग किस तरह करेगा। उन्होंने ने मानव और विज्ञान के संबंध को उजागर किया।

संगोष्ठी के संयोजक डाॅ यूके श्रीवास्तव, डाॅ. साव शोध संगोष्ठी के बारे में बताया। मुख्यवक्ता बीआईडी की डाॅ. एमव्ही पद्मावती रहीं। डॉ. पद्मावती ने बताया कि वर्तमान समय में गुणवत्ता के कारण हडूप टेक्नोलॉजी भी बिग डेटा को हैंडल करने के लिए प्रयोग होने लगी है। वहीं डॉ. पवन पटनायक ने मानवता के लिए कंप्यूटर विज्ञान में रुझान और विकास के बारे में बताए। उन्होंने कहा कि आईओटी सेंसर का उपयोग कृषि, चिकित्सकीय सुविधाओं में किया जा रहा है। इंटरनेट से जुड़े ये सभी सेंसर एक स्मार्ट और स्वचालित दुनिया बनाएंगे, जो समाज में काम करने के तरीके को बदल देंगे। मुख्य अतिथि डाॅ. सिंह ने कहा कि वैज्ञानिक का व्यक्त्वि बड़ा ही सरल व सहज होता है। वे प्रवीण बुद्धि के खोजी व्यक्ति होते है। डाॅ. गोयल ने विज्ञान व मानवता के महत्व को समझाया। 14 जनवरी को शेष शोध पत्रों का वाचन और प्रस्तुति किया जाएगा। इसमें ओडियूनिवर्सिटी के डाॅ. प्रवीन कर का विशिष्ट व्याख्यान होगा। समापन सत्र में प्रमाणपत्रों का वितरण किया जाएगा।

साइंस कॉलेज की राष्ट्रीय संगोष्ठी में उपस्थित अतिथि व प्रतिभागी।

30 शोध प्रस्तुत किए गए

संगोष्ठी में शोध पत्र पढ़ने के बाद पोस्टर प्रदर्शनी में भी लगाई गई। छात्र-छात्राओं द्वारा भी पोस्टर व विज्ञान माडल प्रस्तुत किया गया। संगोष्ठी में 200 से अधिक प्रतिभागी पंजीयन कराए हैं। प्रथम दिवस में 30 शोध पत्र प्राध्यापक और शोधार्थियों द्वारा प्रस्तुत किया गया।

अपशिष्ट शुद्ध करने में साइनो बैक्टीरिया करता है मदद

महामाया कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. आरएस खेर ने भौतिकी की जानकारी दी। डाॅ. डीके श्रीवास्तव ने कारखानों से निकलने वाले तरल अपशिष्ट को शुद्ध करने में साईनो बैक्टीरिया का क्या महत्व है। डाॅ. रश्मि साव, डाॅ. एम. मेहता डाॅ. नीता गुप्ता उपस्थित रहीं।

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