सीवेज: बैंक गारंटी पर नया पेंच, काम अटका है, ऐसे तो कभी पूरा नहीं होगा प्रोजेक्ट

Bilaspur News - 422 करोड़ की लागतवाले सीवेज प्रोजेक्ट का मामला दिनों दिन गंभीर होता जा रहा है। साल भर से प्रोजेक्ट का काम ठप प्राय है।...

Jan 16, 2020, 06:41 AM IST
Bilaspur News - chhattisgarh news sewage new screw on bank guarantee work is stuck project will never be completed like this
422 करोड़ की लागतवाले सीवेज प्रोजेक्ट का मामला दिनों दिन गंभीर होता जा रहा है। साल भर से प्रोजेक्ट का काम ठप प्राय है। प्रोजेक्ट को पूरा कराने की गरज से शासन की अधिकार संपन्न उच्च स्तरीय कमेटी की सिफारिश पर नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया ने पिछले दिनों सिंप्लेक्स को 11.50 करोड़ की बैंक गारंटी देने की बाध्यता से छूट प्रदान करने के निर्देश दिए थे। बता दें कि कंपनी की बैंक गारंटी अक्टूबर 2019 में समाप्त हो चुकी है। इस मामले में तकनीकी पेंच फंस गया है। मंत्री के दौरे पर होने के कारण मामला अटका हुआ है। अधिकारिक सूत्रों की मानें तो शासन को बैंक गारंटी माफ करने का अधिकार नहीं है। स्पष्ट है कि यदि कोई कंपनी कार्य करती है और उसके कार्य में गड़बड़ी, गुणवत्ता में कमी, खामियां पाई जाती है, तो उसकी भरपाई के लिए अमानत राशि जमा होनी चाहिए। इस आधार पर अब निगम सिंप्लेक्स को दी जाने वाली एक्सकैवेशन की राशि को ही अमानत राशि के रूप में रोक कर रखने का बीच का रास्ता अपनाने पर विचार कर रही है। निगम हर हालत में प्रोजेक्ट को पूरा कराना चाहती है परंतु नियम और शासन की समिति के बीच गतिरोध उत्पन्न हो गया है। सीवेज सेल के प्रभारी एवं कार्यपालन अभियंता सुरेश बरुआ के मुताबिक सिंप्लेक्स को दी जाने वाली एक्सकैवेशन की राशि का भुगतान न कर उसे अमानत राशि के रूप पर रोका जा सकता है। इस पर कमिश्नर के निर्देश पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

काम धीमा
सिंप्लेक्स का हाइड्रोलिक टेस्ट का दावा, रिपोर्ट में इंजीनियर के दस्तखत नहीं

सीवेज प्रोजेक्ट के नेटवर्क को पूरा कराने के लिए जवाली नाला में पंपिंग स्टेशन का प्रस्ताव है, परंतु सिंप्लेक्स साल भर बाद भी उस पर कार्य नहीं कर रही है।

हाइड्रोलिक टेस्ट के नाम पर धोखाधड़ी

सिंप्लेक्स कंपनी द्वारा पाइप लाइन बिछाने के बाद उसकी हाइड्रोलिक टेस्ट कराने का दावा किया गया है। सूडा की उच्च स्तरीय समिति ने दस्तावेजों का निरीक्षण किया तो उसे रिपोर्ट में कई गंभीर त्रुटियां मिली। सबसे बड़ी बात यह है कि रिपोर्ट में किसी इंजीनियर के हस्ताक्षर नहीं हैं। इस से स्पष्ट है कि टेस्ट के नाम पर फर्जी रिपोर्ट खानापूर्ति करने के लिए तैयार की गई, जो झूठी निकली। हाइड्रोलिक टेस्ट के बगैर जोन 1 और 2 की सीवेज परियोजना का लोकार्पण कराने के कारण मेनहोल जाम होने तथा अन्य परेशानियां पेश आ रही हैं। सूडा के अधिकारियों ने रिपोर्ट के संबंध में सिंप्लेक्स से स्पष्टीकरण मांगा है तथा उसे अमान्य कर दिया है। कारण रिपोर्ट पर न तो अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं और न ही उसकी प्रमाणिकता के कोई प्रमाण दिए गए हैं।

सूडा की कमेटी कर रही सीवेज की जांच

सूडा की कमेटी सीवेज के दस्तावेजों की जांच कर रही है। परियोजना के कार्यों को समय सीमा में पूर्ण कराने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। इसमें सूडा के क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ एसई पीएन साहू, प्रोजेक्ट मैनेजर सतीश वर्मा, कार्यपालन अभियंता भागतव धृतलहरे, विषय विशेषज्ञ केके चौबे एवं सहायक अभियंता गोपालराम साहू शामिल हैं।

X
Bilaspur News - chhattisgarh news sewage new screw on bank guarantee work is stuck project will never be completed like this
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना