सब स्टेशन का दिखावा, खंभे लगा दिए लेकिन तार नहीं खींचे
आम उपभोक्ताओं के साथ औद्योगिक उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए सिरगिट्टी में एक सब स्टेशन बनाने का काम 2016 में शुरू हुआ। तीन साल बाद यह काम पूरा हुआ और सब स्टेशन से सप्लाई 1 जून 2019 को शुरू हुई। इसके बाद भी इसको नई लाइन से नहीं जोड़ा जा सका। पुरानी लाइन से ही सब स्टेशन चल रहा है। इससे जितना लाभ लोगों को मिलता वह नहीं मिल पा रहा है। जबकि नई लाइन के लिए खंभे लगे होने के सालभर बाद भी तार नहीं खींचे जा सके हैं। सिरगिट्टी क्षेत्र में लोड बढ़ने से गुणवत्ताविहीन बिजली मिलने की शिकायतें लगातार आ रही थीं। इसको दूर करने एकीकृत विद्युत विकास योजना के तहत कई कार्यों के टेंडर जारी किए गए। इसके तहत 10.73 करोड़ रुपए का काम ए टू जेड कंपनी काे दिया गया था। इसमें सिरगिट्टी में 1.20 लाख रुपए की लागत से सब स्टेशन का निर्माण तीन साल में कंपनी ने किया। इससे सप्लाई शुरू नहीं होने से परेशान होकर गत वर्ष उद्योगपतियों ने बिजली कार्यालय का घेराव किया था। इसके बाद विभाग ने सब स्टेशन से सप्लाई शुरू की। लेकिन ए टू जेड कंपनी से सब स्टेशन को सिलपहरी से जोड़ने वाली 50 लाख रुपए की लागत लाइन नहीं लगवा पाए। नई लाइन से सब स्टेशन को जोड़ने के लिए सिलपहरी रोड में खंभे लगे हुए हैं, लेकिन इसमें तार नहीं खींचा जा सका है। विभाग के अधिकारी कंपनी से अधूरे काम पूरा करा पाने में नाकाम रहे हैं। इसका खामियाजा क्षेत्र के लोग और उद्योगपतियों को उठाना पड़ रहा है।
ये हैं जिम्मेदार, आप भी इनसे पूछिए
अधीक्षण अभियंता
कार्यपालन अभियंता
सीएम वाजपेयी**
अमर चौधरी**
{ क्या करना था : ठेका कंपनी से काम कराना था। जुर्माना व कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखना था।
{ क्या किया : ठेका कंपनी को मनमानी करने दिया, काम पूरा नहीं करा सके।
{ क्या कहना है : नोटिस, पेनाल्टी की कार्रवाई की है। कंपनी ने लिखकर दे दिया काम नहीं कर पाएंगे।
{ क्या करना था : ठेका कंपनी से काम कराना था। जुर्माना व कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखना था।
{ क्या किया : ठेका कंपनी को मनमानी करने दिया, काम कराने में नाकाम रहे।
{ क्या कहना है : मेरा ट्रांसफर हुए 7 माह हो गए हैं, क्या स्थिति है मुझे नहीं पता। प्रोजेक्ट वाले ही बता पाएंगे।
बिजली गुल से राहत नहीं
क्षेत्र के लोगों को कहना है कि नया सब स्टेशन बनने के बाद भी विद्युत व्यवधान पहले जैसा ही है। कुछ कमी हुई है, लेकिन अभी भी स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है।
सिरगिट्टी में सब स्टेशन के लिए खंभे तो लगे लेकिन तार नहीं खींचे गए।