श्वेता हांगकांग में बिखेर रहीं प्रदेश की कला की महक

Bilaspur News - श्वेता राजपूत बिलासपुर के नेहरू नगर की रहने वाली हैं। वर्तमान में हांगकांग में रह रही हैं, वे वहां छत्तीसगढ़ी कला...

Bhaskar News Network

Jan 14, 2019, 03:21 AM IST
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श्वेता राजपूत बिलासपुर के नेहरू नगर की रहने वाली हैं। वर्तमान में हांगकांग में रह रही हैं, वे वहां छत्तीसगढ़ी कला एवं संस्कृति का प्रचार- प्रसार कर रही हैं। सुरताल संस्था के माध्यम से श्वेता हांगकांग में रहने वाले भारतीय मूल के साथ वहां के स्थानीय बच्चों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य और गायन कला के साथ ही छत्तीसगढ़ की विभिन्न पारंपरिक कलाओं का प्रशिक्षण देती हैं। वे 2009 से 2011 तक जर्मनी में रहीं, इस दौरान भी उन्होंने प्रदेश की कला- संस्कृति को विदेश में पहचान दिलाने का काम किया। वरिष्ठ रंगकर्मी मनीष दत्त की शिष्या और उनकी संस्था काव्य भारती की सदस्य श्वेता राजपूत बिलासपुर के नेहरू नगर की रहने वाली हैं। यहां रहने तक वे काव्य भारती की सक्रिय सदस्य थीं। संस्था के तत्वावधान में होने वाले विभिन्न आयोजनों में उनकी भागीदारी रहा करती थी। काव्य संगीत के साथ ही भारतीय शास्त्रीय नृत्य व गायन कला में पारंगत श्वेता शादी के बाद जर्मनी चली गईं। वहां रहने के दौरान जर्मनी की एक संस्था से जुड़कर उन्होंने वहां रहने वाले भारतीय मूल के बच्चों के साथ ही जर्मनी में रहने वाले बच्चों व युवाओं को नृत्य व गायन का प्रशिक्षण दिया, इसके लिए उन्हें वहां सम्मानित भी किया गया। इसके बाद उनके पति पंकज राजपूत का तबादला जयपुर हो गया। पिछले तीन साल से वे हांगकांग में रह रही हैं। सोमवार को उन्हें व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ र| से सम्मानित किया जाएगा।

हांगकांग में भारतीयों के बीच अपनी कला का प्रदर्शन करती श्वेता की टीम।

विदेश में भी देश की संस्कृति से जुड़ने की चाह

श्वेता ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों के लोग हांगकांग में रह रहे हैं। लोग विदेश में रहते हुए भी अपने बच्चों को देश की कला और संस्कृति से जोड़े रखना चाहते हैं। श्वेता ने बताया कि कुछ माह पहले एक समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें विदेशों में भारतीय कला और संस्कृति का प्रचार- प्रसार कर रहे कला गुरुओं का सम्मान किया गया था।

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