एसएमई सेक्टर को व्यवसाय की अधिक संभावनाएं: भारती
सेमिनार के दौरान मंच पर उपस्थित अतिथि व अन्य लोग।
बिलासपुर | आरडीएसओ मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे गवर्नमेंट ऑफ इंडिया कोलकाता ने छत्तीसगढ़ लघु एवं सहायक उद्योग संघ के सहयोग से वेंडर अवेयरनेस मीट फॉर एमएसएमई यूनिट विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया। व्यापार विहार रोड स्थित होटल में आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि आरडीएसओ कोलकाता के कार्यपालक निदेश अनिरुद्ध कुमार भारती रहे। उन्होंने कहा कि देश के सभी विभागों एवं शासकीय उपक्रमों में रेलवे सबसे बड़ा खरीदार है इसलिए एसएमई सेक्टर को यहां व्यवसाय की संभावनाएं अधिक हैं। बताया कि 280 किस्म की वस्तुओं के लिए अभी सिर्फ 2700 सप्लायर पंजीकृत हैं। कई वस्तुओं में दो-तीन सप्लायर ही हैं। स्थानीय उद्योगपतियों को नए व्यवसाय शुरू करने के लिए ऐसी वस्तुओं को चयन करना चाहिए।
आगे उन्होंने कहा कि रेलवे के पास आज 1200 लोको हैं, इसके लिए कलपुर्जे लगते हैं। इलेक्ट्रिकल, मेकेनिकल, सिविल, सिग्नल आदि विभागों को अलग-अलग वस्तुओं की आवश्यकता होती है। रेलवे उच्च गुणवत्ता वाली वस्तु ही चाहती है। आरएसडीओ उसका क्वालिटी नियंत्रण विभाग है। वस्तुओं का उपयोग रेल यात्रियों की जान की रक्षा के लिए होता है। रेलवे हर माह 1200 वैगन बनाती है या खरीदती है। रेलवे में अभी 3 लाख वैगन कार्यरत हैं। इसके लिए भारी मात्रा में कलपुर्जे लगते हैं। बिलासपुर के उद्योगपतियों से रेलवे के सप्लायर के रूप में पंजीकृत होने का आवाहन किया। रेलवे के अधिकारी अमित कुमार एवं अमित प्रसाद ने आरडीएसओ से पंजीयन की प्रक्रिया बताई। छग लघु एवं सहायक उद्योग संघ के प्रदेशाध्यक्ष हरीश केडिया ने कहा कि भारतीय रेलवे से देश के 2 करोड यात्रियों का आवागमन होता है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे एवं आरडीएसओ प्रयासरत है। इस अवसर पर बृजमोहन अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, पीएस भाटिया, अर्जुन अग्रवाल, आशीष मोंजले, वीवी अग्रवाल, हरीश शाह, शरद सक्सेना, सुनील मरदा, अनिल लुथरा आदि मौजूद रहे। सतीश शाह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।