कोनी और मुंगेली में चोरी की बिजली से रोशन हो रहे मकान
बिलासपुर, मुंगेली जिलों में कई मकान चोरी की बिजली से रोशन हो रहे हैं। इसकी शिकायतें हो रही हैं। पर बिजली के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसा महीनों से चल रहा है। इसका खामियाजा दूसरे लोगों को भुगतना पड़ रहा।
तीन साल पहले बिजली चोरी के मामले में बिलासपुर टॉप पर रहा है। विजिलेंस की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। केंद्र और राज्य सरकारें इसे रोकने की लगातार कोशिश कर रही है। करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं। इसके बाद भी इसके प्रकरण घटने की बजाय बढ़ते जा रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह कि उनकी रिपोर्ट में हूकिंग का कोई आंकड़ा सामने नहीं आया है। एरियल केबल लगाने से सीधे बिजली तार से हुकिंग करके की जाने वाली चोरी नहीं पकड़ी गई। लेकिन घरों और संस्थानों में लगे मीटर के बाहर से ही लोगों ने बाइपास बिजली सप्लाई करके कंपनी को चकमा देने का नया तरीका अपनाया है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि इसकी दूसरी वजह यहां केंद्र सरकार की ओर से कई योजनाओं में बरती गई लापरवाही है। सरकार ने आरएडीआरपी योजना बिजली की चोरी रोकने की मकसद से शुरू की है। इसके उलट गुणवत्ताहीन काम और अफसरों की निष्क्रियता के चलते ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद इसकी ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
कोनी के देवनगर में परेशानी
कोनी के देवनगर में रहने वालेदर्जनों लोग घरों में गलत तरीके से बिजली ले रहे हैं। शिकायत हो रही है। पास के लोग परेशानी बताकर अफसरों को जागरूक कर रहे।
मुंगेली के दाऊपारा में एक खंभे से खींचा गया बिजली का हाईटेंशन तार। सड़क किनारे यह नजारा आम है।