महिला डॉक्टरों की टीम कर रही महिलाओं की जांच, मुफ्त में इलाज
शहर के भीतर महिला डॉक्टरों की टीम महिलाओं की जांच कर रही है। जरूरत पड़ने पर उनका िनशुल्क इलाज भी कर रही हैं। यह काम काफी दिनों से चल रहा है। गायनेकॉलेजिस्ट सोसाइटी के नाम पर यह काम जारी है। इनमें शहर के खास डॉक्टरों की टीम तैयार हुई है।
पिछले दिनों इनका यह अभियान पेंड्रा, बेलगहना और पुलिस लाइन समेत अन्य क्षेत्रों पर चला है। गायनेकोलॉजिस्ट सोसाइटी की सेक्रेटरी डॉ. कविता बब्बर ने दैनिक भास्कर को बातचीत में बताया कि वे यह काम सालों से कर रहे हैं। उनकी टीम में कोई 110 पदाधिकारी हैं। जो समय-समय पर गांवों और शहर के भीतर मरीजों की जांच और उन्हें उस हिसाब से इलाज मुहैया करवा रही है। जिसकी उन्हें जरूरत है। इससे कई उन परिवारों को पूरा करने में सहयोग दिया गया है, जिनके यहां बच्चे काफी सालों तक जन्म नहीं ले रहे थे। उन्हें ही कई चिकित्सकीय प्रणाली देकर उनके परिवारों को पूरा करने में मदद दी गई है। डॉ. बब्बर ने दिल्ली में अपनी स्कूल की पढ़ाई पूरी की है। और सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज कटक से एमबीबीएस से पढ़ाई कर उन्होंने डॉक्टरी की शुरुआत की। यहां सिम्स के बाद वे अपोलाे में सीनियर कंसल्टंेट के तौर पर नियुक्त हैं। उन्हें डॉक्टरी पेशे का खासा अनुभव है। इसलिए ही वे इस मुहिम में जुटी हैं। उन्होंने बिलासपुर में बनी डॉक्टरों की सोसाइटी में शामिल होकर लोगों की सेवा करने का मन बनाया है। उन्होंने दो दिन पहले ही महिला दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन में सीआपीएफ के जवान के परिवारों के साथ अपना यह
जांच अभियान चलाया है। उन्हें इसका अच्छा रिस्पांस मिल रहा है।
मरीजों के लिए हम लगातार काम कर रहे, मुहिम चला रहे
डॉ. कविता बब्बर, महिला रोग विशेषज्ञ, बिलासपुर
मरीज लिख रहे भावनात्मक चिट्ठी, कह रहे शुक्रिया डॉक्टर
अभियान के अलावा डॉक्टरों की जांच और इलाज का असर है कि उन्हें मरीजों के लगातार खत आ रहे हैं। डॉ. कविता बब्बर को कई मरीजों ने भावनात्मक चिटि्ठयां लिखकर उनके काम के लिए उनका शुक्रिया जताया है। इन चिटि्ठयों में वे उस दर्द को बताने से नहीं चूक रहीं, जिससे होकर वे गुजरी हैं। और उनका परिवार पूरा हो पाया है। सोसाइटी की सेक्रेटरी इन चिटि्ठयों को ही अपनी उपलब्धि बता रही हैं। उनके मुताबिक इससे बड़ी खुशी और कुछ नहीं हो सकती कि उन्होंने अधूरे परिवार का सपना पूरा किया है। इसलिए ही वे डॉक्टरों का अाभार जता रहे हैं।
महिला डॉक्टरों ने कुछ दिन पहले शिविर लगाकर जांच अभियान चलाया है।