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निगम में फंड की कमी, 31 तक टैक्स वसूली का टारगेट पूरा नहीं किया तो ठेका समाप्त होगा

एक वर्ष पहले
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नगर निगम के पास कर्मचारियों को वेतनादि के भुगतान के लिए फंड की कमी से जूझना पड़ रहा है। टैक्स की वसूली के लिए रांची की स्पैरोटेक कंपनी को ठेका दिया गया है,परंतु निगम प्रशासन की मिलीभगत के चलते इस काम में निगम कर्मियों को झोंक दिया गया है। इसके बावजूद वसूली का टारगेट पूरा नहीं हो पा रहा है। मेयर रामशरण यादव ने टैक्स वसूली तथा स्पैरोटेक के कामकाज की समीक्षा के बाद स्पष्ट कर दिया है कि 31 मार्च तक 90 फीसदी वसूली नहीं हुई तो ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड कर उसके
खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निगम कर्मियों को स्पैरोटेक के काम में लगाने पर उन्होंने नाराजगी जताई तथा वसूली के काम से उन्हें अलग करने कहा। टैक्स की वसूली का प्रभार स्थापना प्रभारी दिलीप तिवारी को दिया गया। आरोप है कि एक साथ कई प्रभार होने के कारण वह कोई कार्य सक्षमता नहीं कर पा रहे हैं। पिछली सरकार ने बिलासपुर, भिलाई सहित कुछ नगरीय निकायों में टैक्स की वसूली के लिए रांची के स्पैरोटेक कंपनी को ठेका दिया था। ठेका 7 फीसदी कमीशन पर दिया गया। जिस वक्त ठेका दिया गया, उसी समय स्पष्ट कर दिया गया था िक राजस्व विभाग के कर्मियों का अन्य विभागों में समायोजन कर उनका उपयोग किया जाएगा। लेकिन एेसा नहीं हो रहा। वसूली निगम कर्मी कर रहे हैं और कमीशन ठेकेदार को मिल रहा है। निगम में सत्ता परिवर्तन के बाद नई परिषद ने ठेकेेदार की हिमायत बंद कर टारगेट पर ध्यान देने कहा है।

ठेकेदार वसूली में फिसड्डी : कुछ वर्षों से ठेकेदार वसूली में लगातार पिछड़ता जा रहा है। नगर निगम कमिश्नर प्रभाकर पांडेय ने बताया कि जनवरी में समीक्षा के दौरान स्पैरोटेक ने 38 फीसदी वसूली का दावा किया था। हफ्ते भर पहले 60 फीसदी वसूली हो चुकी है। 31 मार्च तक 90 फीसदी वसूली नहीं कर पाने पर ठेकेदार की 10 फीसदी राशि रोक ली जाएगी। इससे कम वसूली पर 30 फीसदी तक रोकने का प्रावधान है।

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