नगर सैनिकों के रिव्यू पिटीशन पर हाईकोर्ट में फैसला सुरक्षित
बिलासपुर | सुप्रीम कोर्ट ने नगर सैनिकों के लिए आरक्षक के बराबर वेतन व सुविधाएं देने का आदेश दिया था। छत्तीसगढ़ राज्य में इसका पालन नहीं किए जाने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसमें राज्य शासन ने सहायक आरक्षक के बराबर सुविधा देने की जानकारी दी। कोर्ट ने इस आधार पर याचिका को निराकृत कर दिया। इस आदेश के लिए रिव्यू पिटीशन नगर सैनिकों ने दायर की। इस पर कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। सुप्रीम कोर्ट
के 2015 में पारित आदेश का पालन नहीं होने पर रायपुर के जसपाल सिंह ने 2017 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें नगर सैनिकों को पुलिस विभाग के आरक्षक के बराबर वेतन, मानदेय, डीए, ड्यूटी एलाउंस सहित अन्य सुविधाएं देने की मांग की गई। हाईकोर्ट ने निर्णय दिया कि सहायक
आरक्षक के बराबर सुविधाएं दी जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश में अंतर होने पर रायपुर के टोकेश्वर साहू ने हाईकोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर की। इसमें बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस आरक्षक के समान सुविधाएं देने का आदेश दिया है, इसके पालन में मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्य नगर सैनिकों को समान सुविधाएं दे रहे हैं। मामले की सुनवाई जस्टिस शरद
कुमार गुप्ता की बेंच में हुई।