सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों से डॉक्टरों का पहला सवाल- कहीं यात्रा से तो नहीं लौटे
जिले में कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग जुटा हुआ है। अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार किए जा चुके हैं। अगर किसी को भी सर्दी, खांसी, बुखार, नाक बहना, सांस फूलने जैसी तकलीफ है तो वह अपनी जांच सिम्स और जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में सैम्पल दे सकता है। हालांकि जिम्मेदार डॉक्टर एक ही बात कह रहे हैं कि इससे किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकारी अस्पतालों में पहुंचने वाले सर्दी, खांसी, बुखार के मरीजों से यह भी पता किया जा रहा है कि पिछले दिनों में कोई यात्रा तो नहीं की। जो भी संदिग्ध हैं उन्हें घर में ही रहने की हिदायत दी जा रही है। अभी तक इस वायरस के लिए किसी सैद्धांतिक इलाज को विकसित नहीं किया जा सका है इसलिए कोई इसके लक्षणों से पीड़ित मिलता है तो उसका इलाज भी लक्षण के आधार पर ही किया जा रहा है।
कहां क्या व्यवस्था : जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। इसमें 4 बेड पुरुषों के लिए तथा दो बेड महिलाओं के लिए हैं। तीसरे कमरे में अलग से 2 बेड लगाए गए हैं। वेंटिलेटर, सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम, जीवन रक्षक दवाएं तथा पीपीई किट भी यहां मौजूद हैं। सिम्स में अब 12 बेड का वार्ड बनाया गया है। यहां 6 वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिस्टम मौजूद है।
चार सवालों के जवाब से जानिए कितने गंभीर हैं जिम्मेदार
1. पता कैसे चलेगा कि कोई काेरोना से पीड़ित है या संदिग्ध है?
2. इसके इलाज के लिए क्या मापदंड हैं चिकित्सा प्रणाली में?
3. जांच में कितना समय लगता है, यदि मरीज मिल जाए तो क्या इलाज करेंगे?
4. कोरोना की जांच की क्या व्यवस्था है?
केवी की 6वीं से 11वीं तक की परीक्षाएं स्थगित
बिलासपुर। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने 6वीं से 11वीं की होने वाली लोकल परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। शनिवार को लेटर जारी कर 16 और 19 मार्च को होने वाली परीक्षाओं को टाला गया है। यह परीक्षाएं अगले आदेश के बाद ही शुरू की जाएंगी। केंद्रीय स्कूल बिलासपुर के प्रिंसिपल धीरेंद्र कुमार झा ने यह जानकारी दी।
23 तक पर्यटकों के लिए बंद रहेगा कानन चिड़ियाघर
कोरोना के कारण कानन पेंडारी चिड़ियाघर को 23 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है। सीजेडए के आदेश के बाद पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ ने शनिवार को आदेश जारी कर रोज के समय से एक घंटे पहले यानी शाम 4 बजे ही चिड़ियाघर को बंद करवा दिया है। इस बीच कर्मचारी मॉस्क पहनकर चिड़ियाघर में वन्यजीवों की देखरेख करेंगे।
सीयू, साइंस कॉलेज और जीडीसी के छात्रों ने किए हॉस्टल खाली
कोरोना वायरस के चलते उच्च शिक्षा विभाग ने सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को बंद करने और हॉस्टल खाली कराने आदेश जारी किए थे। इसके बाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. अंजिला गुप्ता ने विद्यापरिषद की बैठकर लेकर हॉस्टल खाली कराने का आदेश जारी किया। साथ ही छात्रों को कन्सेशन फार्म देने के लिए छात्र कल्याण अधिष्ठाता को निर्देशित किया गया। शनिवार को डीएसडब्ल्यू कार्यालय में छात्रों ने लाइन लगाकर छात्रों ने कन्सेशन फार्म लिया। इसके बाद जब वे विभागाध्यक्ष का हस्ताक्षर करवाने पहुंचे तो कई विभागाध्यक्ष गायब मिले। इससे छात्र परेशान हुए। वहीं साइंस कॉलेज और बिलासा गर्ल्स कॉलेज में छात्र-छात्राओं ने हॉस्टल खाली किया। सीएमडी कॉलेज में परीक्षा के दौरान शिक्षकों ने मॉस्क लगाकर ड्यूटी की। अटल यूनिवर्सिटी में वित्त समिति, विद्यापरिषद और कार्यपरिषद की बैठक 26 व 28, 29 मार्च को होनी है। यह बैठक होगी कि नहीं, इस पर अभी तक यूनिवर्सिटी निर्णय नहीं ले पाई है।
अटल यूनिवर्सिटी के वार्षिक खेल स्थगित
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए एहतियात बरतने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय ने अपने वार्षिक खेल को स्थगित कर दिया है। यह 26 मार्च से आयोजित होने वाली थी। इसमें कई एकल खेल के साथ ही टीम खेल होने वाले थे। कबड्डी, खो-खो, क्रिकेट, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल जैसे खेलों में संक्रमण होने का भय होता है।
सीयू के हॉस्टल खाली, बस से घर जाते छात्र-छात्राएं।
डा. अनिल गुप्ता, एमडी मेडिसीन, जिला अस्पताल के जवाब
{ सर्दी, खांसी, बुखार या पेट से संबंधी तकलीफ है और किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहा है तो इनको कोरोना होने की संभावना रहती है।
{ पूरे विश्व में अभी तक कोई भी सैद्धांतिक उपचार नहीं मिला है।
{ जांच रिपोर्ट भी मिलने की समय-सीमा 24 घंटे की है।
{ अगर कोई मरीज मिलता है तो उसका बचाव संबंधी उपचार किया जाएगा। इसके लिए दवाई स्टॉक में रख दी गई है।
डा. पंकज टेम्भूर्णिकर, एमडी मेडिसीन सिम्स, के जवाब
{ सर्दी, खांसी या बुखार से पीड़ित है उसकी जांच की जा रही है। इसके अलावा उनकी पूरी हिस्ट्री भी पूछ रहे हैं।
{ कोरोना वायरस के आने के बाद अभी तक इसकी कोई दवा तैयार नहीं हो पाई है।
{ जांच के लिए माइक्रोबायलॉजी विभाग में 24 घंटे एक तकनीशियन की ड्यूटी लगाई गई है।
{ कोई मरीज मिलता है तो उसका इलाज जिस तरह की बीमारी होगी उसी हिसाब से किया जाएगा।
सिम्स अधीक्षक डा. पुनीत भारद्वाज के जवाब
{ किसी का अगर किसी यात्री से सम्पर्क हुआ हो तो मान सकते हैं कि वह संदिग्ध हो सकता है।
{ अभी तक कोई चिकित्सकीय मापदंड तैयार नहीं किए गए हैं।
{ अभी सामान्य मरीजों की तरह ही मरीज आ रहे हैं जिन्हें मेडिसीन की दवाएं दी जा रही हैं।
{ कोई मरीज इससे पीड़ित मिलता है तो उसका इलाज लक्षण के आधार पर ही किया जाएगा।
सिविल सर्जन डा. मधुलिका सिंह के जवाब
{ जो विदेश से आए हैं सिर्फ उन्हीं को संदिग्ध माना जा रहा है। या फिर जो इनके सम्पर्क में रहे हैं उन्हें।
{ फिलहाल कोई मापदंड तय नहीं किए गए हैं। क्योंकि अभी तक इस वायरस को खतम करने वाली कोई दवा नहीं बनी है।
{ कोई संदिग्ध दिखेगा तो उसका सैम्पल लेकर रायपुर एम्स भेजा जाएगा।
{ कोरोना का कोई मरीज मिलता है तो उसमें जिस बीमारी के लक्षण होंगे उसकी दवाई देंगे।
सप्ताह भर में 5 लोगों के लिए सैंपल, सभी की रिपोर्ट निगेटिव