छुटि्टयां मांगती थी बच्चियां, पढ़ाई का नुकसान होता था, इसलिए स्कूलों में लगी सेनेटरी पैड मशीन

3 वर्ष पहले
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शासकीय उच्चतर माध्यमिक बालक स्कूल सरकंडा में सेनेटरी पैड मशीन गुरुवार को लगाई गई। बच्चियों की परेशानी स्कूल की एक महिला शिक्षक मारवाड़ी महिला स्व सहायता समूह से बताई। समूह की सदस्यों ने विश्व महिला दिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार को स्कूल के महिला कक्ष क्रमांक 6 में मशीन लगाई है। अब स्कूल की बच्चियों को पांच रुपए में दो पैड मिलेंगे। मारवाड़ी समूह की ओर से शुरू के 500 पैड निशुल्क रहेंगे। इससे पहले मारवाड़ी समूह ने पहली मशीन सितंबर में कोटा के आंगनबाड़ी केंद्र में लगवाई थी। शाला की प्रभारी पूर्णिमा मिश्रा ने बताया कि हमारे स्कूल में 1000 से अधिक बच्चे हैं। इनमें 450 बच्चियां हैं। हर दिन ऐसी समस्या सुनने को मिलती है। बच्चियों छुट्टी लेकर घर चली जाती हैं। बताने में शर्माती हैं। हम रेडक्रॉस में बच्चियों के लिए कुछ सेनेटरी पैड रखते हैं, लेकिन वे जल्द ही खत्म हो जाते हैं। स्कूल के पास फंड की कमी भी रहती है। इस समस्या को देखते हुए हमने मारवाड़ी महिला समूह की मदद से मशीन लगाई है। इस दौरान वरिष्ठ व्याख्याता जैन, मोनालिसा संत, शारदा पांडेय,ऊषा उपाध्याय,एमजी केरकट्‌टा, मधु बागड़िया, अनुराध कोड़िया, सीमा गर्ग,पायल गुप्ता, सीमा गुप्ता, सरोज सिंगाल, सरोज अग्रवाल समेत कई लोग मौजूद रहे।

छात्राओं को जागरूक करने की पहल है

मारवाड़ी समूह की सह सचिव पिंकी मनीष अग्रवाल का कहना है कि हमारी संस्था की ओर से शहर में पहली बार सरकारी स्कूल में सेनेटरी पैड मशीन निशुल्क लगाई जा रही है। आगे भी गई मशीन लगाने की तैयारी है। संस्था में बिलासपुर की 60 महिलाएं हैं। बिलासपुर की महिलाओं और लड़कियों को शारीरिक स्वच्छता के प्रति उत्साह बढ़ाने के लिए हमारा एक कदम है।

संयुक्त महिला संगठन ने बच्चियों को बांटे सेनेटरी नैपकिंस और फल
संयुक्त महिला संगठन के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में चिंगराजपारा स्थित शासकीय उच्च माध्यमिक शाला में बालिकाओं को सेनेटरी नैपकिंस और फलों का वितरण किया गया। शिक्षक मीना बाजोरिया कार्यक्रम का संचालन किया। स्कूल की छात्राओं के द्वारा सामूहिक छत्तीसगढ़ी नृत्य प्रस्तुत किया गया। संगठन अध्यक्ष विद्या केडिया ने बालिकाओं को मासिक धर्म की जानकारी दी और उन्हें स्वच्छ रहने, सेनेटरी पैड का उपयोग अवश्य करने और शिक्षा के क्षेत्र में उत्तरोत्तर उन्नति करने की प्रेरणा दी। इस दौरान सीता सोंथलिया, कुसुम अग्रवाल, कांता पालीवाल, श्रुति दत्ता, मीरा मिश्रा, शिल्पी केडिया, स्वीटी मेहता, कविता जाजोदिया, रंजू सराफ, शशि आहूजा, मंजू अग्रवाल, ऊषा भांगे, निशा गुप्ता समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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