टैंकर मुक्त सप्लाई नहीं हो पाएगा अपना शहर, शासन ने योजना मंगाई, पैसे नहीं दिए

Bilaspur News - पिछली गर्मियों में एक तिहाई से अधिक हिस्से के शहरवासियों को टैंकर सप्लाई पर निर्भर होना पड़ा था। प्रमुख सचिव नगरीय...

Nov 15, 2019, 06:26 AM IST
पिछली गर्मियों में एक तिहाई से अधिक हिस्से के शहरवासियों को टैंकर सप्लाई पर निर्भर होना पड़ा था। प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन अलरमेलमंगई डी. ने निकायों को टैंकर सप्लाई मुक्त पेयजल व्यवस्था के लिए प्रस्ताव मंगाया था। बिलासपुर नगर निगम ने सीमा वृद्धि के पूर्व 9 करोड़ 65 लाख की योजना बनाकर भेजी। इसके बाद नगर निगम की सीमा वृद्धि करते हुए तिफरा नगर पालिका, सिरगिट्‌टी और सकरी नगर पंचायत तथा 15 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया। जाहिर है कि टैंकर सप्लाई मुक्त योजना के इस्टीमेट में बढ़ोतरी की जरूरत है पर शासन ने मूल प्रस्ताव पर ही गौर नहीं किया और पेजयल व्यवस्था के लिए 3.11 करोड़ रुपए स्वीकृत करने के आदेश जारी कर दिए।

3 स्थानों पर टैंकर सप्लाई : गणेश नगर, नयापारा, एफसीआई रोड में टैंकर सप्लाई की जा रही है। देवरीखुर्द तथा राजकिशोर नगर में टैंकर सप्लाई की जा रही है। इन स्थानों पर बोरिंग में पानी नहीं होने, बोरिंग प्रदूषित होने की समस्या है।

स्मार्ट सिटी दफ्तर में पानी की बरबादी:

नगर निगम के अशोक पिंगले स्मृति भवन की तीसरी मंजिल पर टंकियों से लगातार पानी बहता रहता है।

शासन से 30 फीसदी ही राशि मिली

निगम ने टैंकर सप्लाई मुक्त योजना के संचालन के लिए 9.65 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था। कार्यपालन अभियंता संजीव बृजपुरिया के मुताबिक इससे 68 स्थानों पर ट्यूबवेल उत्खनन की योजना थी। शासन से 3.11 करोड़ रुपए ही मिले हैं, जिसके कारण प्रस्तावित जगहों पर बोरिंग नहीं कराई जा सकेगी। अब 68 के स्थान पर 40 पर बोरिंग कराएंगे। इससे पूरे शहर को टैंकर सप्लाई से मुक्त नहीं किया जा सकेगा।

समस्या का एक ही समाधान पर लेटलतीफी का शिकार : पेयजल समस्या को दूर करने के लिए अमृत मिशन योजना के अंतर्गत खूंटाघाट से पेयजल सप्लाई की योजना चलाई जा रही है,परंतु यह निर्धारित अवधि मार्च 2020 तक पूर्ण नहीं होगी। योजना करीब 18 महीने लेट चल रही है।असिस्टेंट इंजीनियर अजय श्रीवासन ने बताया कि जून तक 79 स्थानों पर जल स्तर गिरने से ट्यूबवेल ठप हो गए थे। वहीं 123 स्थानों पर जल स्तर गिरने पर राइजिंग पाइप बढ़ाने की जरूरत पड़ी थी। कोई प्रावधान नहीं है।

निगम इनसे सीखे पानी का सदुपयोग:

इमलीपारा रोड के हाइड्रेंट से लगातार पानी बहता रहता है। मवेशी इससे अपनी प्यास बुझाते हैं।

20 करोड़ लीटर पानी रोज बर्बाद हो रहा

आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक शहर में सप्लाई का 20.5 करोड़ लीटर पानी रोज मुफ्त में बह जा रहा है। यह कुल सप्लाई का 43.73 फीसदी हिस्सा है। इसका दूसरा अर्थ यह है कि नगर निगम कुल सप्लाई के 56.27 फीसदी पानी की ही बिलिंग कर रहा है। इसमें भी कुल डिमांड में से आधे की वसूली हो पाती है। यह चौंकाने वाली रिपोर्ट नगर निगम को सिंसेस टेक लिमिटेड, नागपुर ने सौंपी है।

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