ये मंदिरों का देश है, ये मस्जिदों की सरजमीं

Bilaspur News - शासकीय उन्नत शिक्षा अध्ययन संस्थान की वार्षिक सांस्कृतिक प्रतियोगिता के दूसरे दिन शिवम निकेतन के द्वारा गणेश...

Jan 16, 2020, 06:50 AM IST
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शासकीय उन्नत शिक्षा अध्ययन संस्थान की वार्षिक सांस्कृतिक प्रतियोगिता के दूसरे दिन शिवम निकेतन के द्वारा गणेश वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरूआत की गई। कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी साथियों ने निकेतन गीत ‘ये मंदिरों का देश है, ये मस्जिदों की सरजमीं...’ की प्रस्तुति दी। निकेतन प्रभारी डॉ. महालक्ष्मी सिंह, डॉ. एस उशामणी, अंजना अग्रवाल, डॉ. रजनी यादव व डॉ. संजय आयदे रहे। कार्यक्रम गणेश वंदना ‘दुखहर्ता सुखकर्ता’ से प्रारंभ हुआ, इसे सोनाली मंत्री, बालेश्वरी व साथियों ने प्रस्तुत किया। लोकनृत्य के अंतर्गत सरहुल नृत्य जगमईत भगत, पुरुष लोकगीत के ’आमा पान के पतरी’ शत्रुघन कोरी, दुष्यंत गौतम, कृष्णानंद चौबे और अनुभा साहू, मनीषा गौतम व साथियों ने भगवान जगन्नाथ पर नाट्य मंचन किया। विविध कार्यक्रम की प्रथम प्रस्तुति रश्मि भगत व साथी ने संथाली नृत्य प्रस्तुत कर की। छत्तीसगढ़ी कॉमेडी हास्य कृष्णानंद चौबे एवं दुष्यंत गौतम ने प्रस्तुत की। सैला नृत्य लोकनृत्य के अंतर्गत महिपाल, कमलेश, सुरेंद्र खरे एवं साथियों ने प्रस्तुत किया। शकुंतला पांडे व साथियों ने लोकगीत प्रस्तुत किया। संस्कृति अघरिया, प्रियंका दुबे, विमला, अंजू व पूनम यादव ने महिला सशक्तिकरण पर श्लोमोशन प्रस्तुत किया। कव्वाली की प्रस्तुति कोरी, कमलेश, दीपा, गरबा नृत्य की प्रस्तुति नम्रता, खुशबू, लिलिपुट डांस की प्रस्तुति दुष्यंत गौतम और साथियों ने दी। वाद्ययंत्र में तबला वादक कृष्णानंद चौबे, नाल एवं कांगो में दुष्यंत गौतम तथा हारमोनियम में शत्रुघन कोरी रहे। आभार प्रदर्शन रमेश कुमार पटेल ने किया। संस्था के सभी आचार्यों व प्रशिक्षणार्थियों ने कार्यक्रम की सराहना की।

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