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दादी अम्मा के उर्स में हजारों ने चढ़ाई चादर

एक वर्ष पहले
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शहंशाहे छत्तीसगढ़ हजरत बाबा सैय्यद इंसान अली शाह की वालिदा (अम्मी) दादी अम्मा बेगम बी साहिबा खम्हरिया का तीन दिवसीय 32 वां सालाना उर्स गुरुवार को सुबह 10 बजे परचम कुशाई के रस्म अदा होने के साथ आगाज हो गया। उर्स के पहले ही दिन दूर-दूर से दादी अम्मा को मानने वाले सभी धर्मों के लोग पहुंचे थे। दिनभर चादर चढ़ाई गई और दुआ मांगी गई। दरगाह परिसर में ही रात 9 बजे जलसा (तकरीर) का आयोजन हुआ। मुख्य वक्ता दारुलउलूम फैजाने बाबा इंसान अली शाह के हजरत मौलाना गुलाम रब्बानी व मनेंद्रगढ़ के मौलाना अब्दुलस्लाम बरकाती ने अपने तकरीर में कहा कि वली औलिया अल्लाह के दोस्त होते हैं। इन्ही के बदौलत ये दुनिया टिकी हुई है। उन्होंने कहा कि हम सब की दुआ इन्हीं वालियों के बदौलत कुबूल होती है। तकरीर के पूर्व शायर कारी ताहिर आलम लुतरा शरीफ, तआबे आलम(झारखण्ड) एवं रफीक व अकरम खान (लोरमी) उस्मान खान खादिम दरगाह लुतरा शरीफ ने खूबसूरत अंदाज में नात किया। इस अवसर पर दरगाह के खादिम अब्दुल वहाब खान, फिरोज खान, अशद खान, इबरार खान, सैय्यद जौहर अली, जलील अहमद, सैय्यद इंसान अली, शेख अब्दुल गफ्फार, हाफ़िज अनवारुल हक़, सूफी एजाज खान,अब्दुल गफ्फार (बलरामपुर), मौलाना मुर्तुजा नकुल सिंह, अजहर अली राजा सहित लोग उपस्थित थे।

आज संदल चादर व रात 9 बजे होगी कव्वाली

सालाना उर्स के दूसरे दिन शुक्रवार को दोपहर तीन बजे संदल चादर निकाली जाएगी। जिसमे टीवी आर्टिस्ट जीशान एंड पार्टी कव्वाली पेश करेंगे। रात 9 बजे कव्वाल रईस-अनीश साबरी बिजनौर (उप्र) की शानदार कव्वाली प्रस्तुत होगी। उर्स में दर्शनार्थियों के लिए शुद्ध शाकाहारी लंगर की व्यवस्था की गई है।
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