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वोटरों ने कहा-मतदाता सूची से नाम काटने वालों के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 03:20 AM IST

Bilaspur News - प्रशासनिक रिपोर्टर | बिलासपुर मतदाता सूची में जिनके नाम कट गए, उनमें से कुछ ने राज्य निर्वाचन आयोग के सीईओ से...

Bilaspur News - chhattisgarh news voters said that strict action should be taken against those who have cut names from voters list
प्रशासनिक रिपोर्टर | बिलासपुर

मतदाता सूची में जिनके नाम कट गए, उनमें से कुछ ने राज्य निर्वाचन आयोग के सीईओ से शिकायत कर कहा है कि जो भी अधिकारी-कर्मचारी नाम काटने में लिप्त हैं, उनके खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए। वहीं यह सुनिश्चित किया जाए कि बीएलओ मतदाताओं के घरों में जाएं। उनके खिलाफ अक्सर शिकायतें मिलती है। भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद मतदाताओं ने सीईओ को पत्र भेजा है।

लोकसभा चुनाव में सभी मतदाता वोट देकर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सके इसलिए भास्कर ने स्टैंड लिया है। भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद सरकंडा के एसके श्रीवास्तव ने सीईओ सुब्रत साहू को पत्र लिखकर बताया कि उनके भाई और उनके ससुराल के कई लोग विधानसभा चुनाव में इसलिए वोट नहीं दे सके क्योंकि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं था। वहीं पहले उनका नाम मतदाता सूची में था। उनके कई रिश्तेदार जो बिलासपुर विधानसभा में रहते हैं, के नाम भी मतदाता सूची से अचानक गायब हो गए। उनके छोटे भाई सौरभ श्रीवास्तव की प|ी व उनके दो भाई भी सूची में नाम नहीं होने से लोकतंत्र के महायज्ञ में अपनी भागीदारी नहीं दे सके। श्रीवास्तव ने लिखा है कि ऐन वक्त पर मतदाता सूची में नाम नहीं होने से लोग वोट देने से वंचित हो रहे हैं तो दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। सरकंडा के ही रामआश्रय शर्मा ने सीईओ को पत्र लिखकर कहा है कि उनके चाचा जीएन शर्मा सहित नामदेव नगर के सैकड़ों मतदाताओं का नाम सूची से गायब हो गया। एक मतदान केंद्र में तो सुबह से शाम तक कुछ ही मतदाता वोट देने पहुंचे। पता लगाया गया तो मालूम हुआ कि मतदाताओं का नाम ही सूची से कट गया है। लोकसभा चुनाव में ऐसी भूल न की जाएं, यह व्यवस्था करने की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग की है। आप इसे प्राथमिकता में लेते हुए मामले की जांच कराएं और दोषी अधिकारी-कर्मचारी को दंडित करें। रामआश्रय ने बताया कि न केवल नामदेव नगर में बल्कि शहर के अधिकांश इलाकों में नाम काटने की शिकायत मतदान के दिन रही लेकिन अधिकारियों ने कुछ नहीं किया।

भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद मतदाताओं ने लिखा पत्र

प|ी का नाम जुड़वाने दो बार चक्कर लगाया

भास्कर में छपे मोबाइल नंबर पर फोन कर निरंजन कौशिक ने बताया कि प|ी दुर्गा कौशिक का नाम जुड़वाने के लिए वे दो बार माता शबरी नवीन कन्या कॉलेज सरकंडा में दो बार जा चुके हैं लेकिन वहां बूथ नंबर 248 व 250 की अविहित अधिकारी नहीं मिली। उन्होंने फोन भी कराया पर वे नहीं आई। बीएलओ आज तक उनके वार्ड क्रमांक 50 में नहीं आए।

प्रमुखता से जोड़े जा रहे नाम

जिनके नाम कट गए, उनसे आवेदन लेकर प्रमुखता के साथ सूची में नाम जोड़े जा रहे हैं। नाम नहीं जोड़ने की शिकायत नहीं मिली है। जिनके नाम नहीं हैं, उनका भी कर्तव्य है कि फॉर्म-6 भरकर अपना नाम सूची में जुड़वा लें।

नहीं बैठ रहे अविहित अधिकारी

228 केंद्रों के लिए इतने ही अविहित अधिकारी नियुक्त किए गए हैं लेकिन कई बूथों में वे नहीं बैठ रहे हैं। इसके वजह से लोगों को भटकना पड़ रहा है। वहीं कई इलाकों में बीएलओ ने जाना भी शुरू नहीं किया है। इसे लेकर भी लोग तहसील कार्यालय में शिकायत कर रहे हैं। पर कर्मचारी शिकायतों को दबा दे रहे हैं।

समस्या या सुझाव के लिए करें फोन-वाट्सएप

बीएलओ आपके घर नहीं आए, आवेदन के बाद भी सूची में नाम नहीं जुड़ा, नाम जोड़ने या फॉर्म के लिए रुपए की मांग हो रही हो तो दैनिक भास्कर को 97545-64912 पर फोन या वाट्सएप कर सकते हैं।

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