लेखिका स्तुति ने कहा- दिल की सुनें और पसंद की राह चुनें

Bilaspur News - बिलासपुर | लेखिका बनना मेरे बचपन का सपना था। इंजीनियरिंग और एमबीए की पढ़ाई के बाद कारपोरेट की नौकरी करते हुए भी...

Jan 30, 2019, 02:27 AM IST
बिलासपुर | लेखिका बनना मेरे बचपन का सपना था। इंजीनियरिंग और एमबीए की पढ़ाई के बाद कारपोरेट की नौकरी करते हुए भी बराबर लगता रहा कि मैं जो कर रही हूं वो नहीं करना चाहती। लेखिका बनने के सपने ने इतना जोर पकड़ा कि मैंने नौकरी छोड़कर लेखिका बनने का फैसला कर लिया। यह फैसला कठिन था, जिन्हें मेरी फिक्र थी उनमें से कुछ नाराज भी हुए लेकिन अब वे भी खुश हैं। मेरा मानना है कि इंसान को अपनी पसंद की राह चुननी चाहिए और उसमें अपना सब कुछ लगा देना चाहिए। एक दिन दुनिया आपकी बात सुनने लगती है। यह कहना है स्तुति चांगले का जो अंग्रेजी उपन्यास ऑन द ओपन रोड की लेखिका हैं। उन्होंने प्रेस क्लब में मीडिया से बात की। छत्तीसगढ़ में जन्मी स्तुति इन दिनों अपना दूसरा उपन्यास लिख रही हैं।

स्तुति चांगले

नई पहल ने किया सम्मान

युवा लेखिका स्तुति के शहर आने पर नई पहल संस्था ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मान किया। इस अवसर पर संस्था के आशीष मिश्रा, अनीता अग्रवाल, सतराम जेठमलानी, टिवंकल आडवानी आदि मौजूद रहे।

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