छत्तीसगढ़  / कोयला डिस्पैच रुका तो एनटीपीसी के पावर प्लांट और राज्यों की बिजली पर पड़ेगा असर



प्रतिकात्मक फोटो प्रतिकात्मक फोटो
X
प्रतिकात्मक फोटोप्रतिकात्मक फोटो

  • केंद्र के 2500 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदी से इनकार करने पर राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने दी है कोल डिस्पैच रोकने की धमकी
  • प्रदेश से काेयला जाना रुका तो छत्तीसगढ़ के साथ ही मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब सहित अन्य जगहों के प्लांट होंगे प्रभावित

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2019, 03:56 PM IST

कोरबा. प्रदेश से अगर कोयला डिस्पैच रुका तो सबसे ज्यादा नुकसान राज्य को ही होगा। इसकाअसर सबसे पहले केंद्र सरकार के छत्तीसगढ़ स्थित एनटीपीसी के पावर प्लांट पर हाेगा। इसके अलावा मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, गोवा सहित देश के विभिन्न राज्यों के पावर प्लांट और अन्य उद्योगों को काेयला आपूर्ति नहीं हो सकेगी। दरअसल, प्रदेश और केंद्र  के बीच धान खरीदी को लेकर चल रही तनातनी चल रही है। इसी को लेकर शुक्रवार को प्रदेश के राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा था कि केंद्र ने धान नहीं खरीदा तो कोरबा से कोयला डिस्पैच भी नहीं होगा। 

क्या है साइलो, क्यों वहां होगा आंदोलन 

  1. एसईसीएल गेवरा से एनटीपीसी के कोरबा व एसईसीएल दीपका से सीपत प्लांट को कोयला भेजा जाता है। कोयला भेजने के लिए इन दोनों ही जगह से प्लांट तक रेल लाइन है। जिससे निरंतर काेयला भेजा जाता है। कोयला खदानों से कन्वेयर बेल्ट द्वारा गेवरा व दीपका दोनों ही जगह बड़े-बड़े बंकर बनाए गए हैं। जिन्हें साइलो कहा जाता है। इसके नीचे मालगाड़ी स्वचालित पद्धति से बढ़ती है और उसमें कोयला लोड होते जाता है। यदि इन दोनों ही साइलो में काम रोक दिया जाए तब कोरबा व सीपत प्लांट को कोयले की आपूर्ति पूरी तरह से रुक जाएगी। 

  2. राज्यों को बिजली व कोयला आपूर्ति पर पड़ेगा प्रभाव 

    प्रदेश में स्थित एनटीपीसी के पॉवर प्लांट से छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश, राजस्थान, गोवा, महाराष्ट्र व केन्द्रशासित प्रदेश दमन, दीव को भी बिजली दी जाती है। इन प्लांट में उत्पादन पर असर हुआ तो इन राज्यों की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होगी। यदि कोयला डिस्पेच आंदोलन साइलो से आगे बढ़कर रेलवे डिस्पेच रोकने की स्थिति में आता है तो उक्त 6 राज्यों के अलावा पंजाब, हरियाणा के भी पॉवर प्लांट व अन्य उद्योगों को कोयला आपूर्ति सीधे तौर पर प्रभावित होगी। हालांकि ऐसा इससे पहले कभी हुआ नहीं है। 

  3. पहले भी कर चुके हैं जयसिंह आंदोलन 

    राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल कोरबा से तीसरी बार चुनाव जीते हैं। 2 साल पहले जब वे विपक्ष के विधायक थे तब उन्होंने भू विस्थापितों की समस्या व सामुदायिक विकास के काम को लेकर एसईसीएल गेवरा क्षेत्र में एक बड़ा आंदोलन किया था। हालांकि इसका सीधा असर उत्पादन पर नहीं हुआ। किंतु नतीजा यह निकला कि गेवरा-दीपका के भू विस्थापितों को नौकरी व अन्य मांगों के निराकरण की दिशा में तेजी से एसईसीएल आगे बढ़ा। तब प्रदेश व केन्द्र में दोनों ही जगह भाजपा की सरकार थी। 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना