कोरबा / सराफा दंपति की संदिग्ध मौत, घर से 17 किमी दूर जंगल में मिला पत्नी का शव, पति की अस्पताल में मौत

सराफा दंपति मोहन सोनी और स्वर्णलता सोनी की संदिग्ध मौत सराफा दंपति मोहन सोनी और स्वर्णलता सोनी की संदिग्ध मौत
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सराफा दंपति मोहन सोनी और स्वर्णलता सोनी की संदिग्ध मौतसराफा दंपति मोहन सोनी और स्वर्णलता सोनी की संदिग्ध मौत

  • जांजगीर-चांपा जिले के रहने वाले थे दंपति, कोरबा के एमपी नगर में किराए के मकान में रहते थे, चीतापाली जंगल में मिले दोनों
  • मृतक के भाई ने कहा- बच्चा नहीं होने से परेशान थे भइया-भाभी, कर्ज अदा करने दी चेक बाउंस होने से कार्रवाई का भी था डर 

दैनिक भास्कर

Dec 20, 2019, 11:25 AM IST

कोरबा. छत्तीसगढ़ के कोरबा में गुरुवार सुबह घर से 17 किमी दूर सराफा दंपति चीतापाली जंगल में मिले। आंछीमार के कुछ ग्रामीण जंगल पहुंचे तो पत्नी मृत मिली जबकि पति की हालत गंभीर थी। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची 112 टीम ने पति को जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसने दम तोड़ दिया। दंपती की संदिग्ध अवस्था में जहर से मौत हुई है। मामले में मृतक के भाई का कहना है कि नि:संतान होने से भइया-भाभी परेशान रहते थे। इसके अलावा किसी से कर्ज लिया था, जो अदा नहीं कर पाए थे। 

शाम को भैसमा क्षेत्र में होटल के पास बाइक पर घूमते दिखे थे दंपती 

रामपुर चौकी क्षेत्र के एमपी नगर में किराए की मकान में रहने वाले मोहन लाल सोनी (55) मूलत: जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पकरिया के निवासी थे। निहारिका रोड में सर्वमंगला ज्वेलर्स नाम से उनकी दुकान थी। वह पत्नी स्वर्णलता सोनी (50) के साथ रहते थे। गुरुवार सुबह जब जंगल की तरफ ग्रामीण पहुंचे तो उन्होंने मोहन को तड़पते देखा, लेकिन उन्होंने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया। मृतक के छाेटे भाई डंकेश्वर सोनी का कहना है कि मोहन उनका मंझला भाई था।

हालांकि उसने यह कदम किन कारणों से उठाया ये पता नहीं, लेकिन संतान नहीं होने से भइया और भाभी पहले से ही परेशान रहते थे। अब उनका कामकाज भी ठीक नहीं चल रहा था। काफी कर्जा हो गया था जिसका जिक्र वो अक्सर किया करते थे। बताया जा रहा है कि सराफा मोहन, पत्नी स्वर्णलता के साथ बुधवार को बाइक से घर से निकले थे। दोनों को भैसमा के होटल के पास घूमते कुछ लोगों ने देखा था। दोनों अपने साथ चादर अन्य सामान भी रखे थे। इससे ऐसी आशंका जताई जा रही है कि दंपती खुदकुशी की नियत से बुधवार की शाम से ही चीतापाली की ओर चले गए थे। 

चीतापाली जंगल आंछामार गांव से लगा है। गुरुवार सुबह करीब 6.30 बजे गांव के लोग जब टहलने निकले तो तो उनको जंगल की तरह से चीखने की आवाज सुनाई दी। ग्रामीण आवाज सुनकर आसपास भालू होने की आशंका से डर गए थे। लेकिन काफी देर तक आवाज आती रही थी। बाद में कुछ ग्रामीण जंगल के भीतर गए तो उन्होंने मोहन को तड़पते देखा। वहीं पास में ही पत्नी मृत पड़ी थी। 

लोगों के लिए बड़ा सवाल यह है कि इतनी सर्दी होने के बाद भी आत्महत्या करने के लिए जंगल में दंपती क्यों गए। वह घर पर भी जहर खा सकते थे। जहर खाने वाला काफी देर तक तड़पता रहता है और मुंह से झाग भी निकलता है। लेकिन स्वर्णलता पूरी तरह से कंबल में लिपटी मिलीं और उनके मुंह से झाग आदि भी नहीं निकला दिखा। इसी तरह के अन्य बिंदु भी हैं जो आत्महत्या के मामले को संदिग्ध बता रहे हैं। 

चीतापाली के जंगल में जहां स्वर्णलता मृत मिलीं और पति मोहनलाल गंभीर हालत में मिले। वहां मौके से पुलिस ने एक छोटी कीटनाशक की डिबिया बरामद की है। पास में ही उनकी बाइक क्रमांक सीजी-12 एएल 0667 भी खड़ी मिली थी। डिस्पोजल ग्लास और पानी की बोतल भी थी। मृतका का शरीर चादर से ढंका था। जांच में पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

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