लोकसभा चुनाव  / विधानसभा चुनाव में लाखों खर्च, नहीं बढ़ा मतदान, अब लोकसभा के लिए फिर जागरूकता कार्यक्रम

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  • लोग कह रहे जागरूकता के नाम पर अफसर टैक्स के पैसे बर्बाद कर रहे, शत प्रतिशत मतदान कराने का दावा
  • कार्यक्रमों को फेसबुक पर शेयर कर अधिकारी बटोर रहे वाहवाही, पिछले चुनाव की अपेक्षा कम वोटिंग 

Apr 15, 2019, 10:47 AM IST

बिलासपुर.  विधानसभा चुनाव में लाखों खर्च करने के बावजूद मतदान बढ़ने की बजाय उल्टे घट गया। अब जो फार्मूला विधानसभा में मतदाताओं को जागरूक करने अपनाया गया था, वही तरीका लोकसभा में भी अपनाया जा रहा है। ऐसे में मतदान प्रतिशत बढ़ने में संदेह है। हालांकि अधिकारी पहले दिन से ही शत-प्रतिशत मतदान की बात कह रहे हैं। 

मतदाता बढ़े, जागरूकता पर खर्च बढ़ा, लेकिन घटता गया मतदान प्रतिशत

645 ग्राम पंचायत, एक नगर निगम सहित 12 नगरीय निकाय वाले बिलासपुर जिले में इस बार 2013 के विधानसभा चुनाव की तुलना में 2.39 प्रतिशत मतदान कम हुआ। 2013 के विधानसभा चुनाव में 73.76 प्रतिशत वोट पड़े थे तो इस बार यह घटकर 71.37 प्रतिशत रह गया। जबकि पिछले चुनाव से तुलना करें तो इस बार 1 लाख 62 हजार 710 मतदाता बढ़ गए। पिछले चुनाव में 14 लाख 7 हजार 717 मतदाता थे जबकि इस बार 15 लाख 70 हजार 427 मतदाता रहे। तब 10 लाख 38 हजार 294 ने वोटिंग की थी जबकि इस बार 11 लाख 20 हजार 808 ने वोट डाले। 

करीब साढ़े चार लाख मतदाताओं ने वोट नहीं डाला। जिला निर्वाचन कार्यालय ने मतदाताओं को जागरूक करने सौ से ज्यादा कार्यक्रम किए। इसमें क्रिकेट, रंगोली, दीप प्रज्जवलन, मानव श्रृंखला, वाद-विवाद, जागरूकता रैली, साइकिल रैली ही नहीं थर्ड जेंडर को भी मतदान की शपथ दिलाई गई। ढाई लाख रुपए बजट मिला था लेकिन करीब 15 लाख रुपए खर्च का अनुमान है। ढाई लाख रुपए तो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड पर ही खर्च कर दिया गया। हालांकि तब प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ ही अन्य विभागों के अमले ने भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया था। 

रही बात जागरूकता अभियान की तो स्वीप कार्यक्रम के तहत इस बार भी उसी ढर्रे पर काम किया जा रहा है। कॉलेजों में शपथ दिला रहे हैं और अधिकारी नए मतदाताओं के साथ क्रिकेट मैच खेलकर संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले दिनों साइकिल रैली से भी जागरूकता का प्रयास हुआ और मतदान का संदेश लिखी हुई ट्रेन बिलासपुर स्टेशन पर आई। उसे अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रमों की तस्वीरें फेसबुक पर शेयर कर अधिकारी वाहवाही बटोर रहे हैं लेकिन पुराने रिकॉर्ड पर नजर डालें तो लोकसभा में वोटिंग विधानसभा चुनाव से कम होती है। 

2013 विधानसभा में 73.76 फीसदी वोट पड़े पर 2014 लोकसभा में 63 फीसदी ही मतदान हुआ। यदि मतदान दस फीसदी घटेगा तो इस बार यह 61 फीसदी से कुछ ज्यादा होगा क्योंकि इस विधानसभा चुनाव में 71.37 फीसदी वोटिंग हुई है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुमीत अग्रवाल राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश पर कार्यक्रम होने की बात कह रहे हैं। वहीं लोगों का कहना है कि जागरूकता के नाम पर आम आदमी के टैक्स के पैसे को अधिकारियों द्वारा बर्बाद किया जा रहा है। 

दो लाख दस हजार से अधिक शपथ पत्र भरने के लिए जिले में 898 केंद्र बनाए गए थे। जिले भर के प्रत्येक ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, बिलासपुर नगर निगम के प्रत्येक वार्ड व कॉलेज और विश्वविद्यालयों में मतदाता शपथ पत्र भरा। प्रत्येक केंद्र में दो गवाह भी मौजूद रहे, जिनकी निगरानी में शपथ पत्र भरे गए। मतदान का प्रतिशत तो घट गया लेकिन शपथ पत्र भरना रिकॉर्ड बना और तत्कालीन कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी पी.दयानंद को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड ने प्रमाणपत्र भेजा। 

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