बिलासपुर / सकरी थाने के सामने अधेड़ की हत्या कर शव फेंका, गुस्साए लोगों ने कलेक्ट्रेट में लाश रखकर प्रदर्शन किया

घटना स्थल के करीब सकरी-पेंड्रीडीह बाइपास मार्ग पर चक्काजाम करते लोग। घटना स्थल के करीब सकरी-पेंड्रीडीह बाइपास मार्ग पर चक्काजाम करते लोग।
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घटना स्थल के करीब सकरी-पेंड्रीडीह बाइपास मार्ग पर चक्काजाम करते लोग।घटना स्थल के करीब सकरी-पेंड्रीडीह बाइपास मार्ग पर चक्काजाम करते लोग।

  • आरोपियों की गिरफ्तारी और दोबारा पोस्टमाॅर्टम कराने की मांग को लेकर सकरी बाईपास पर जाम लगाया
  • ग्रामीणों ने जिन लोगों पर हत्या का संदेह जताया, वे सब घर से गायब, सिम्स में फिर पोस्टमाॅर्टम

दैनिक भास्कर

Feb 14, 2020, 01:18 PM IST

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सकरी थाने के पास ही हत्या कर अधेड़ का शव फेंक दिया। थाने के पास ही शव मिलने से ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। परिजन के साथ उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सकरी बाईपास पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने जिन लोगों पर संदेह जताया, वे सभी अपने घर से गायब थे। ग्रामीणों और परिजनों ने पोस्टमाॅर्टम करने वाले डॉक्टर की भूमिका भी संदिग्ध बताई और फिर से करने की मांग रखी। इसके बाद ग्रामीण शव लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए और वहां भी प्रदर्शन किया। अब शुक्रवार को सिम्स में डॉक्टरों की टीम दोबारा पोस्टमाॅर्टम करेगी।

ग्रामीणों ने जिन पर आरोप लगाया, वे बड़े भाई की हत्या के भी आरोपी

दरअसल, गुरुवार सुबह सकरी थाने से करीब 200 मीटर दूर सकरी पेंड्रीडीह बाइपास रोड पर राइस मिल के पीछे संबलपुरी निवासी राधेश्याम साहू (45) पिता मेलउ साहू का शव मिला।  माथे, गले व हाथ पर चोट के निशान थे। हत्या की आशंका के कारण पुलिस ने सर्च डाॅग बुलवाया। यह घटनास्थल से सीधे संबलपुरी बस्ती तक गया और एक व्यक्ति के घर सामने जाकर ठहर गया। जिसके घर के सामने डॉग ठहरा था वह राधेश्याम के बड़े भाई व पूर्व सरपंच हरिनारायण साहू की हत्या का आरोपी था।

पिता-पुत्र सहित तीनों लोगों को उस केस में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में सबूतों के अभाव में वे बरी हो गए थे। 14 नवंबर 2015 को यह घटना हुई थी। हरिनारायण की तालाब में संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिली थी। राधेश्याम के परिजनों ने पहले ही पुलिस को संदेहियों पर हत्या करने की आशंका जताई थी। उन्होंने बताया था कि जेल से छूटने के बाद वे लगातार धमकी दे रहे थे। उन्होंने संदेहियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सकरी-पेंड्रीडीह बाइपास रोड पर चक्काजाम कर दिया। इससे वाहनों की कतार लग गई।

पुलिस ने ग्रामीणों का समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। हालांकि परिजनों ने पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर पर भी संदेह व्यक्त किया। बताया कि पोस्टमार्टम करते समय उनके पास किसी का फोन आया था। घनश्याम की पत्नी ने दूसरे डाॅक्टर से दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। पीएम के बाद लाश को लेकर राधेश्याम के परिजन व ग्रामीण सीधे कलेक्ट्रोरेट पहुंच गए। वे संदेहियों की गिरफ्तारी की मांग व दोबारा दूसरे डाॅक्टर से पोस्टमार्टम कराने की मांग करने लगे। 

रोज की तरह राधेश्याम साहू सुबह घर से निकला पर रात तक नहीं लौटा। परिजनों को संदेह है कि उसकी हत्या गांव के ही सोहन यादव, मोहन यादव और रघु यादव ने की है। आरोप लगाया कि इससे पहले भी इन लोगों ने मृतक के बड़े भाई हरी नारायण साहू की हत्या की थी पर गवाह ना होने से सभी बरी हो गए थे। जेल से छूटने के बाद इन लोगों ने गांव में आतंक मचा रखा है और रंजिश रखते हुए राधेश्याम साहू के परिवार को लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे थे। राधेश्याम की पत्नी ने सकरी पुलिस पर भी आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया है। 

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