वन्य जीव / अब अचानकमार के स्निफर डॉग नेरो व शिम्बा और हाथी राजू निकले बाघ को तलाश करने

महावत के साथ बाघ को तलाश रहा अचानकमार टागर रिजर्व से आया राजू हाथी। महावत के साथ बाघ को तलाश रहा अचानकमार टागर रिजर्व से आया राजू हाथी।
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महावत के साथ बाघ को तलाश रहा अचानकमार टागर रिजर्व से आया राजू हाथी।महावत के साथ बाघ को तलाश रहा अचानकमार टागर रिजर्व से आया राजू हाथी।

  • मनगटा व बालोद में दिखाई दिया है बाघ और दुर्ग में मिले हैं पग मार्क, 50 लोग 7 दिन से तलाश रहे हैं 
  • बिलासपुर से टीम बालोद के लाटाबोेड़ पहुंची, दिनभर किया तलाश पर नहीं मिला, अब रात को होगा ऑपरेशन

दैनिक भास्कर

Jan 06, 2020, 09:51 AM IST

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के तीन जिलों में बाघ दिखाई देने के बाद अब उसकी तलाश में तेजी ला दी गई है। हालांकि तमाम जद्दोजहद के बावजूद बाघ को अब तक पकड़ा नहीं जा रहा है। इसे देखते हुए बाघ की तलाश में अब अचानकमार के स्निफर डाग नेरो व शिम्बा और हाथी राजू को मदद के लिए बुलाया गया है। जिले से पूरी टीम रविवार सुबह बालोद जिले के लाटाबोड़ पहुंची। दिनभर तलाश की गई लेकिन बाघ को रेस्क्यू नहीं कर पाए। अब रात को रेस्क्यू ऑपरेशन करने की बात कही जा रही है। 

पकड़ने के लिए खेत में पिंजरा और ट्रैकिंग कैमरा लगाया, आधा किमी दूर किया गाय का शिकार

दुर्ग की सीसीएफ शालिनी रैना ने बताया कि शनिवार शाम तक वन विभाग ने पुष्टि की थी कि बाघ एक गन्ने के खेत में छिपा है। उसे पकड़ने के लिए पहरेदारी की गई थी। पिंजरा और ट्रैकिंग कैमरा भी लगाया था, लेकिन यह कोशिश नाकाम हो गई। बाघ उस खेत से भाग गया और वहां से करीब आधा किमी दूर टेकापार मार्ग पर सड़क किनारे एक खेत में गाय को शिकार बनाया। सीसीएफ ने बताया कि 28 दिसंबर से बाघ की तलाश चल रही है। इन 7 दिनों में उसे भूख लगी होगी इसी के चलते उसने गाय का शिकार किया। 

उन्होंने बताया कि इससे पहले ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। जहां गाय का शव मिला वहां आसपास के 10 किमी क्षेत्र में रेस्क्यू ऑपरेशन चला। शाम तक भी बाघ का कोई पता नहीं चल पाया। बिलासपुर, दुर्ग और बालोद वन विभाग के 50 लोगों की टीम रेस्क्यू करने में लगी है। डाॅग स्क्वायड टीम के अलावा पीसीसीएफ अतुल शुक्ला और एटीआर की डिप्टी डॉयरेक्टर विजया रात्रे भी जंगल में बाघ की तलाश में जुटे हैं। विभाग के जानकार बता रहे हैं कि रात में बाघ निकलता है, इसलिए तब ज्यादा रेस्क्यू करने के चांस होते हैं। 

7 दिन पहले बाघ का मूवमेंट राजनांदगांव के मनगटा गांव से शुरू हुआ। इसके बाद दुर्ग जिले अछोटी गांव पहुंचा फिर अब बालोद जिले में चहलकदमी की खबरें सामने आ रहीं हैं। आखिरी लोकेशन लाटाबोड़ से 7 किलोमीटर दूर दिखी है। बाघ की उम्र साढ़े तीन साल होने की संभावना बताई जा रही है। जानकार कह रहे हैं कि बाघ दिन में नहीं निकलता है। रात में निकलेगा, इसी बीच उसे पकड़ने की ज्यादा संभावना है। 

अचानकमार टाइगर रिजर्व की डाग स्क्वायड टीम ने पहले भी कई ऐसे मामले हल हैं जिन्हें सुलझाना बहुत कठिन था लेकिन टीम ने हार नहीं मानी और अपराधियों को सलाखों तक पहुंचवाया। इसी खूबी के चलते एटीआर की टीम प्रदेश में दोनों डॉग नेरो और शिम्बा की चर्चा है। दोनों ने तीन साल में 20 केस हल किए हैं। बीते साल यानी 2019 में 13 मामलों को हल किया है। 

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