छत्तीसगढ़  / बिलासपुर में पुलिसकर्मियों से फिर मारपीट, वारदात की सूचना पर पहुंचे सिपाहियों पर पत्थर फेंके, वर्दी फाड़ी

सिंबोलिक फोटो सिंबोलिक फोटो
X
सिंबोलिक फोटोसिंबोलिक फोटो

  • सिरगिट्‌टी क्षेत्र मेंं एनएच 200 पर निर्माणाधीन सड़क से सरिया तोड़कर ले जा रहे थे बदमाश 
  • मना करने पर इंजीनियर को दौड़ाकर पीटा, मजदूरों के घर में भी घुसकर तोड़फोड़ व मारपीट की

दैनिक भास्कर

Jan 10, 2020, 11:16 AM IST

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सरकार, प्रशासन और पुलिस तीनों अपराधियों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। बदमाशों के हौंसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि आम आदमी तो छोड़िए वे डिप्टी कलेक्टर, सिटी मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, डीएसपी और थानेदार तक से मारपीट करने से बाज नहीं आ रहे। अब गुरुवार को बदमाशों ने नेशनल हाईवे के इंजीनियर को दौड़ाकर पीटा और मजदूरों के घर में घुसकर मारपीट व तोड़फोड़ की। सूचना मिलने पर जब पुलिसकर्मियों पहुंचे तो उनके ऊपर भी पत्थरों से हमला कर दिया और सिपाही की वर्दी फाड़ दी। मामला सिरगिट्‌टी थाना क्षेत्र का है। 

जान बचाकर इंजीनियर थाने पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराई, इससे भड़के आरोपियों ने मजदूरों से भी की मारपीट

बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे एनएच 200 पर दिलीप बिल्डकॉन सड़क निर्माण करा रही है। सिलपहरी बाइपास रोड पर गुरुवार को मजदूर काम पर लगे हुए थे। उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी शिव कुमार गुप्ता कंपनी में मेंटेनेंस इंजीनियर हैं। गुरुवार सुबह 11.30 बजे इंजीनियर गुप्ता काम देखने गए थे। इस दौरान सिलपहरी के तीन युवक सड़क पर लगी सरिया काे ताेड़ रहे थे। इंजीनियर गुप्ता ने मना किया तो युवकों ने उनके साथ गाली गलौज व मारपीट शुरू कर दी। इससे उनके सिर पर चाेट अाई। उन्हाेंने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई और सिरगिट्टी थाने में आकर सूचना दी।

एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस मौके पर जाने की तैयारी कर ही रही थी।  इसी बीच आरोपी विक्की मधुकर, निर्मल मधुकर, गौरीशंकर पाल, विजय दिवाकर व अन्य बदामश पास ही रहने वाले हाईवे के मजदूर मनोज पैकरा, गोविंदा रात्रे, प्रमोद पटेल व अन्य के घर पहुंच गए। आरोपियों ने घरों में घुसकर तोड़फोड़ की अौर मजदूरोें से भी मारपीट की गई। आरोपियों ने कहा कि उनके इंजीनियर ने रिपोर्ट दर्ज कराई है, इसलिए मजदूरों को वहां रहने नहीं देंगे। मारपीट से मनोज की कनपटी, सिर, गोविंदा रात्रे के नाक, मुंह में और प्रमोद पटेल के पीठ में चोट आई। 

पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी को पता चला तो वह मौके पर पहुंची। इसमें कांस्टेबल बृजेश मिश्रा व सत्येंद्र सिंह शामिल थे। दोनों वहां से खड़े होकर थाने में फोन से सूचना दे रहे थे, इसी दौरान आरोपियों ने उनपर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। सत्येंद्र किसी तरह बच गया पर बृजेश के हाथ पर पत्थर लगा। आरोपियों ने उसकी पिटाई भी की और वर्दी फाड़ दी। दोनों किसी तरह वहां से बचकर थाने आए। बाद में फोर्स भेजी गई। इस मामले में इंजीनियर शिव कुमार गुप्ता ने पहली रिपोर्ट दर्ज कराई है। दूसरी एफआईआर कांस्टेबल बृजेश मिश्रा की ओर से लिखी गई। इसमें भी विक्की मधुकर, निर्मल मधुकर, गौरीशंकर पाल,विजय दिवाकर व अन्य को आरोपी बनाया गया है। 

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना