छत्तीसगढ़ / अंतागढ़ टेप कांड में पूर्व मंत्री मूणत, डॉ. पुनीत और मंतूराम को मिली अग्रिम जमानत



Pre-bail granted to former minister Murath, Dr. Punit and Manturam
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Pre-bail granted to former minister Murath, Dr. Punit and Manturam

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2019, 12:55 AM IST

बिलासपुर . अंतागढ़ टेपकांड में पुलिस पूर्व मंत्री राजेश मूणत, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता और मंतूराम पवार को गिरफ्तार नहीं कर सकेगी। हाईकोर्ट ने मंगलवार को तीनों की अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली। अंतागढ़ टेप कांड को लेकर रायपुर की पूर्व महापौर किरणमयी नायक ने इसी साल 4 फरवरी को रायपुर के पंडरी थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। पुलिस ने उनकी शिकायत पर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, मरवाही के पूर्व विधायक अमित जोगी, डॉ. पुनीत गुप्ता, पूर्व मंत्री राजेश मूणत और मंतूराम पवार के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

 

गिरफ्तारी से बचने के लिए पूर्व मंत्री राजेश मूणत, मंतूराम पवार और सहित डॉ. पुनीत गुप्ता ने अलग-अलग अग्रिम जमानत अर्जी लगाई थी। जस्टिस गौतम भादुरी की बेंच में सुनवाई हुई। तीनों की तरफ से सीनियर एडवोकेट सुरेंद्र सिंह, एडवोकेट आशीष शुक्ला, रमाकांत मिश्र और विवेक शर्मा ने पैरवी करते हुए कहा कि पुलिस ने फर्जी टेप के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। चंडीगढ़ के एफएसएल ने टेप को पूरी तरह फर्जी बताते हुए जांच से भी इनकार कर दिया है। पुलिस ओरिजनल टेप प्रस्तुत नहीं कर सकी है, ऐसे में उनके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है।  राजनीतिक द्वेषवश उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।


 वहीं, 2014 में हुए विधानसभा उप चुनाव के दौरान सामने आए कथित ऑडियो टेप को लेकर करीब पांच साल बाद एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि इसी मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की याचिका और अपील आरोपों को निराधार मानते हुए हाईकोर्ट ने पूर्व में ही खारिज कर दिया था। पीसीसी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका प्रस्तुत की थी, लेकिन इसे बाद में वापस ले लिया गया था। हाईकोर्ट ने मंगलवार को तीनों की अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।
उपचुनाव में आखिरी समय में मैदान से हट गए थे मंतूराम : 2014 में अंतागढ़ विधानसभा के उपचुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी मंतूराम पवार ने पार्टी को बिना बताए आखिरी दिन नाम वापस ले लिया था। इस वजह से भाजपा प्रत्याशी भोजराज नाग की जीत हुई थी। मंतूराम भाजपा में शामिल हो गए। कुछ समय बाद एक ऑडियो क्लिपिंग सामने आया था, इसमें कथित रूप से मंतूराम का नामांकन वापस लेने के लिए पूर्व सीएम अजीत जोगी, तत्कालीन सीएम डॉ. रमन सिंह, मरवाही के पूर्व विधायक अमित जोगी, सीएम के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता और अन्य के बीच खरीद- फरोख्त को लेकर बातचीत होने का आरोप लगाया गया।

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