बिलासपुर / शिक्षक और व्याख्याताओं को राहत, वसूली के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

जिला पंचायत अधिकारी से हाईकोर्ट ने इस मामले में जवाब मांगा है जिला पंचायत अधिकारी से हाईकोर्ट ने इस मामले में जवाब मांगा है
X
जिला पंचायत अधिकारी से हाईकोर्ट ने इस मामले में जवाब मांगा हैजिला पंचायत अधिकारी से हाईकोर्ट ने इस मामले में जवाब मांगा है

  • अतिरिक्त भुगतान किए जाने के मामले में जारी किया गया वसूली का आदेश 
  • जस्टिस गौतम भादुड़ी की बेंच ने लगाई रोक, मांगा सम्बंधित विभागों से जवाब 

दैनिक भास्कर

Feb 03, 2020, 08:07 PM IST

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड में पदस्थ शिक्षक और व्याख्याताओं को अतिरिक्त भुगतान होने की स्थिति में वसूली किए जाने के आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई जस्टिस गौतम भादुड़ी की बेंच में हुई। विकासखंड में पदस्थ शिक्षक और व्याख्याताओं की नियुक्ति पंचायत विभाग में शिक्षाकर्मी के रूप में हुई थी। इसके बाद शासन के नियमानुसार अपनी अवधि पूर्ण करने के उपरांत वर्ष 2018 जुलाई में इनका संविलियन शिक्षा विभाग में कर दिया गया। विकासखंड शिक्षा अधिकारी के द्वारा एक रिकवरी आदेश जारी किया गया। जो कि सभी प्राचार्य के नाम से जारी हुआ। इसमें बताया गया कि जिन व्याख्याताओं को पूर्व में अधिक वेतन भुगतान हुआ है उनसे वसूली किया जाना है। 
 

जानकारी के मुताबिक इस आदेश में यह नहीं बताया गया कि उक्त अधिक भुगतान व्याख्याताओं एवं शिक्षकों को किस कारण दिया गया है। इस रिकवरी आदेश के खिलाफ किशोरी टोप्पो, दसरूराम मंडावी, आनंद राम नाग सहित 10 अन्य शिक्षकों ने हाईकोर्ट अधिवक्ता अनिल तावड़कर के माध्यम से याचिका दायर की। मामले कहा गया कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी केशकाल के द्वारा यह नहीं बताया गया है कि कब और कैसे अधिक भुगतान किया गया है। मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस गौतम भादुड़ी की बेंच ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी के वसूली आदेश पर रोक लगाते हुए शिक्षा विभाग के सचिव, जिला पंचायत कोंडागांव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी कोंडागांव और विकासखंड शिक्षा अधिकारी केशकाल से जवाब तलब किया है।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना