पारिवारिक पीड़ा झेल रहे बच्चों ने रेशमी धागों में पिरोया है भाई-बहन का प्यार

Champa News - जिला मुख्यालय में संचालित हेल्प एंड हेल्प्स समिति बाल गृह में रहने वाले बच्चों ने इस बार राखी के त्योहार को खास...

Bhaskar News Network

Aug 14, 2019, 08:50 AM IST
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जिला मुख्यालय में संचालित हेल्प एंड हेल्प्स समिति बाल गृह में रहने वाले बच्चों ने इस बार राखी के त्योहार को खास अंदाज में मनाने की तैयारी की है। अपनों से बिछड़कर बाल गृह में रहने वाले किशोर अब बिखरे मोतियों को हाथों से पिरोकर पवित्रता की निशानी राखी बनाएंगे। बाजार में भाई बहन के पवित्र प्यार के पर्व में बाजार रंग बिरंगी राखियों से सज गया है और बाजार में महंगी राखियां उपलब्ध है, जिसमें रेशमी धागों से लेकर कार्टुन और इलेक्ट्राॅनिक राखियों की डिमांड बढ़ी है,लेकिन जिला मुख्यालय में हेल्प एंड हेल्प्स समिति द्वारा जरूरतमंद बच्चों के साथ सिंगल पेरेंट्स, गरीब और घुमंतु बच्चों की परवरिश के लिए बाल गृह का संचालित की जा रही है। समिति के पदाधिकारियों ने मोती के साथ साथ रेशमी धागा और फेविकोल उपलब्ध कराकर बच्चों को राखी बनाने की ट्रेनिंग दी है और किशोर बिखरे मोतियों को पिरो कर सुंदर राखी बना रहे हैं।

दुकान में बिक्री के लिए आई राखी।

बच्चों द्वारा बनाई गई राखियों की कीमत 20 रुपए तय

हेल्प एंड हेल्प्स समिति के अधीक्षक देवी प्रसाद देवांगन और पदाधिकारियों का कहना है कि इन बच्चों को धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों और पर्वों की जानकारी देने के लिए समिति के सदस्य प्रयासरत रहते हैं और किसी ना किसी बहाने बच्चों को पर्व के विषय में जानकारी दी जाती है और सामाजिक संस्थानों की मदद से बच्चों के लिए परिसर में कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। बच्चों ने जिस तरह राखी बनाई है उन राखियों में बाजार की फैंसी राखियों से ज्यादा आकर्षक है।

आज ही खत्म हो जाएगा भद्रा काल कल दिनभर बांध सकते हैं राखी

सुबह 6.7 बजे से शुभ मुहूर्त, रक्षाबंधन व स्वतंत्रता दिवस एक साथ मनेगा

भास्कर संवाददाता | जांजगीर

इस बार रक्षाबंधन और देश की आजादी का पर्व एक साथ 15 अगस्त को मनाया जाएगा। राखी बांधने के शुभ मुहूर्त सुबह 6.07 से 7.44 शुभ बेला व 10.59 से 12.36 तक चल बेला दोपहर 12.10 से 1.02 तक अभिजीत बेला, 12.36 से 2.13 तक लाभ वेला शाम को 5.28 से 9.51 तक शुभ, अमृत, चल बेला रहेगी। रक्षाबंधन के दिन भद्रा की स्थिति रहती है। ऐसे में भद्रा समाप्त होने के बाद ही राखी बांधने का शुभ मुहूर्त होता है। लेकिन इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा नहीं रहेगी। पूरा दिन राखी बांधने के लिए श्रेष्ठ रहेगा। भद्रा एक दिन पहले 14 अगस्त को खत्म हो जाएगी। रक्षाबंधन पर भद्रा का दोष नहीं रहेगा। गुरुवार का दिन गुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। ज्येातिषाचार्य पं. राघवेंद्र पांडेय ने बताया कि पौराणिक मान्यता के अनुसार गुरु बृहस्पति ने देवराज इंद्र को दानवों पर विजय प्राप्ति के लिए इंद्र की प|ी से रक्षासूत्र बांधने के लिए कहा था, जिसके बाद इंद्र ने विजय प्राप्ति की थी। राखी का त्यौहार गुरुवार के दिन आने से इसलिए इसका महत्व काफी बढ़ गया है। रक्षाबंधन पर भद्रा का दोष नहीं रहेगा।

जानिए, क्या है भद्रा काल

मान्यता के अनुसार जब भी भद्रा का समय होता है तो उस दौरान राखी नहीं बांधी जा सकती। भद्राकाल के समय राखी बांधना अशुभ माना जाता है। पंडित केदार नाथ तिवारी ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार भद्रा भगवान सूर्य देव की पुत्री और शनिदेव की बहन है। जिस तरह से शनि का स्वभाव क्रूर और क्रोधी है उसी प्रकार से भद्रा का भी है। भद्रा के उग्र स्वभाव के कारण ब्रह्माजी ने इन्हें पंचाग के एक प्रमुख अंग करण में स्थान दिया। पंचाग में इनका नाम विष्टी करण रखा गया है। भद्रा से शुभ कार्य निषेध माना गया है।

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