समितियों के पुनर्गठन के लिए प्रस्तावित गांवों में विसंगति किसानों को 8-10 किलोमीटर दूर जाना पड़ेगा धान बेचने

Champa News - भास्कर संवाददाता | जांजगीर-चांपा राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में संचालित सेवा सहकारी समितियों के पुनर्गठन के लिए...

Bhaskar News Network

Aug 14, 2019, 08:50 AM IST
Janjgeer News - chhattisgarh news discrepancy in proposed villages for restructuring of committees farmers will have to go 8 10 km to sell paddy
भास्कर संवाददाता | जांजगीर-चांपा

राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में संचालित सेवा सहकारी समितियों के पुनर्गठन के लिए अधिसूचना जारी की है। जिले के लिए प्रस्तावित समितियों के पुनर्गठन में विसंगति दिख रही है। जिन गांवों को हटाकर नई समिति में जोड़ना प्रस्तावित किया है वहां के किसानों को नजदीक के खरीदी केंद्रों को छोड़कर अब 8 से 10 किमी दूर स्थित दूसरी समिति में जान पड़ेगा।

राज्य सरकार ने जुलाई के आखिरी में जिले में संचालित सेवा सहकारी समितियाें के पुनर्गठन के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इससे जिले की सभी 121 सहकारी समितियां प्रभावित हो रही हैं। जिस प्रकार पंचायतों अथवा नगरीय निकाय के वार्डों का परिसीमन होता है, उसी तरह समितियों का भी परिसीमन करने की कोशिश की जा रही है। इसमें वर्तमान समितियों से कुछ गांवों को हटाकर दूसरी समिति में जोड़ा जाएगा। हालांकि इसके लिए कुछ नियम भी बनाए गए हैं, लेकिन सरकार की ओर से भेजी गई सूची को यदि यथावत लागू कर दिया जाए तो किसानों को भारी परेशानी होगी।

संचालक मंडल फिलहाल भंग नहीं पर संभावनां बढ़ रही - राज्य सरकार ने फिलहाल अधिसूचना में वर्तमान संचालक मंडल के संबंध में कुछ निर्देश नहीं दिए है, यानि उसे भंग माना जाए या नहीं स्पष्ट नहीं है। चूंकि संचालक मंडल के पदाधिकारी सीधे किसानों से मतदान के माध्यम से चुनकर आते हैं, इनका कार्यकाल पांच साल के लिए फिक्स रहता है, इसलिए सरकार संविधान के जानकारों से विचार विमर्श कर रही होगी। किंतु इस बात की आशंका जरूर संचालक मंडल के पदाधिकारियों के मन में हो गई है कि देर सबेर संचालक मंडल को भंग कर नया चुनाव कराने का प्रस्ताव भी किया जा सकता है।

दो नई समिति बनेगीं, संख्या बढ़कर हो जाएगी 123- वर्तमान में जिले में 121 सेवा सहकारी समिति संचालित है। नए परिसीमन में दो नई समितियां शिवरीनारायण से अलग करके गोधना और सक्ती क्षेत्र में मोंहदीकला को बनाने का प्रस्ताव है। इन दोनों समितियों के बनने से इन क्षेत्र के किसानों को सुविधा होगी, वहीं सहकारी समिति की संख्या भी बढ़कर 123 हो जाएगी।

समितियों के पुनर्गठन की विसंगति को ऐसे समझें








अभी दावा आपत्ति के लिए दिया है समय

राज्य सरकार द्वारा 30 जुलाई को पुनर्गठन की अधिसूचना जारी की है तथा दावा आपत्ति के लिए पंद्रह दिनों का समय दिया है। इस दौरान समिति अथवा बैंक के पदाधिकारियों द्वारा वर्तमान विसंगति से सरकार को अवगत कराया जाएगा। संचालक मंडल के पदाधिकारी भी अपनी दावा आपत्ति कर सकेंगे।


सोसायटी के नजदीक के गांवों को बदलने से होगी परेशानी

बलौदा | सोसायटियों के पुनर्गठन आदेश से कई गांवों के ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वर्तमान में जो गांव सोसायटी के नजदीक हैं, वे पुनर्गठन के बाद दूरस्थ सोसायटियों में शामिल होंगे। बलौदा के अंतर्गत ग्राम कुरमा अभी खिसोरा सोसायटी के अंतर्गत आता है। प्रस्तावित पुनर्गठन में जावलपुर में जोड़ा जा रहा है। कुरमा खिसोरा से लगा हुआ गांव है, जबकि जावलपुर से उसकी दूरी 15 किमी है। इसी तरह जूनाडीह महुदा से लगा हुआ गांव है, जिसे बलौदा में जोड़ा गया है, जिसकी दूरी लगभग 5 किमी से ज्यादा है। इसी तरह भिलाई को कोरबी से हटाकर बलौदा, कंडरा को खैजा से हटाकर जर्वे, बेलंदियाडीह को जावलपुर से हटाकर भैंसतरा सोसायटी में जोड़ना प्रस्तावित है, इसमें विसंगतियां है।

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