गोठान में रात में मवेशियों को रखने का नियम नहीं, खोखरा में महीने भर से रखे थे, 9 की माैत

Champa News - खाेखरा के गाेठान में नाै मवेशियाें की माैत हाे गई। मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही मिलने पर प्रशासन ने सरपंच और...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 07:03 AM IST
Janjgeer News - chhattisgarh news no rule of keeping cattle at night in gothan kept in khokhra for a month
खाेखरा के गाेठान में नाै मवेशियाें की माैत हाे गई। मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही मिलने पर प्रशासन ने सरपंच और डॉक्टर को नोटिस देकर जवाब मांगा है वहीं सचिव को निलंबित कर दिया।

सरकार ने गोठान में मवेशियों को रखने के लिए नियम बनाए हैं। मवेशियों को सुबह गोठान में लाना है और रात में उन्हें उनके घरों के लिए छोड़ देना है, पर ग्राम पंचायत खोखरा में नियम के विपरीत मवेशियों को रात में भी रखा जा रहा था। मवेशी वहां रखे जा रहे थे, किंतु उनके चारा पानी की व्यवस्था नहीं की थी। गुरुवार की रात नौ मवेशियों की मौत हो गई। मवेशियों की मौत किन कारणों से हुई यह तो अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि भूख के कारण उनकी मौत हुई होगी। गांवों में मवेशियों को सुरक्षित ठिकाना मिल सके इसके लिए सरकार द्वारा गोठान बनवाए हैं। इन गोठानों में सभी व्यवस्था सरकार की ओर से की जा रही है, केवल चारा के लिए ग्रामीणों का सहयोग लिया जा रहा है। यह सहयोग नहीं मिल पा रहा है। जनपद पंचायत नवागढ़ में आने वाली पंचायत खोखरा में भी गोठान बनाया गया है। यहां करीब 200 से अधिक मवेशी रखे गए थे। मवेशियों को रात में भी यही रखा जाता था। गांव के जिम्मेदार सरपंच और सचिव इनके लिए चारा की व्यवस्था नहीं कर पाए। गोठान में शेड नहीं होने से मवेशियों के बचने के लिए कोई व्यवस्था भी नहीं है। शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों को नौ मवेशी मृत अवस्था में मिले।

गोठान मवेशियों के लिए डे शेल्टर की तरह है, रात में मवेशियों को क्यों रखा जा रहा था

समिति का तर्क यहां रखे मवेशी गांव के नहीं

गोठान संचालन समिति के अध्यक्ष सरपंच निर्मला देवी के प्रतिनिधि राधे थवाईत ने बताया कि गोठान में रखे कुछ मवेशी ही खोखरा गांव के हैं। 2 सौ से अधिक मवेशियों को आसपास के गांव से लाकर गांव में छोड़ दिया था, उन्हीं मवेशियों को रात दिन रखकर पैरा और पानी दे रहे है। बीच बीच में पशु चिकित्सक आकर इलाज भी करते है। इतने मवेशियों के लिए हरा चारा व्यवस्था करना संभव नहीं है।

कलेक्टर ने लगाई फटकार. मवेशियों की मौत की सूचना मिलने पर कलेक्टर जनक प्रसाद पाठक, जिपं सीईओ तीर्थराज अग्रवाल मौके पर पहुंचे। कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित जिम्मेदार सरपंच व सचिव को फटकार लगाई। उन्होंने सवाल किया कि मवेशियों को रात में रखना नहीं है तो क्यों उन्हें गोठान में रखा था। सूचना भी पंचायत के सरपंच व सचिव ने प्रशासन को नहीं दी थी। कलेक्टर श्री पाठक ने कहा कि गोठान मवेशियों के लिए डे शेल्टर की तरह है तो रात में मवेशियों को क्यों रखा जा रहा था।

4 दिन पहले दी थी दवा

पशु चिकित्सक डॉ. एनएस ओग्रे ने बताया कि गोठान में रह रहे मवेशियों की जांच 9 सितंबर को हुई थी। कमजोर मवेशियों को दवा दी गई थी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को सौ मवेशी को इंजेक्शन लगाया गया और कैल्शियम सिरप भी पिलाया गया है।

ये हैं घटना के जिम्मेदार


पंचायत सचिव सस्पेंड

जिपं सीईओ के निर्देश पर जनपद सीईओ ने खोखरा के सरपंच निर्मला थवाईत, सचिव गजानंद साहू व मवेशियों के पशु चिकित्सक मोनिश यादव को शोकाज नोटिस दी है और जवाब मांगा कि मवेशियों को रात में क्यों रखा जा रहा था। चारा उपलब्ध नहीं कराने और इतनी अधिक मात्रा में मवेशी होने के बाद भी जनपद, जिला या कलेक्टर कार्यालय को सूचना क्यो नहीं दी गई। मामले में पहले ही दिन सचिव गजानंद साहू को सस्पेंड भी कर दिया गया।

सरपंच नहीं आई सामने

खोखरा सरपंच निर्मला थवाईत है,पर महिला सरपंच होने से उनके पति राधे थवाईत ही पूरा काम देखते हैं। गोठान संचालन समिति के सरपंच पदेन अध्यक्ष हैं, किंतु गोठान में इतनी बड़ी घटना के बाद भी वह मौके पर नहीं पहुंचीं। अनुपस्थिति में राधे थवाईत गोठान में उपस्थित रहे और गोठान की व्यवस्था बताई। उन्होंने कहा कि दूसरे गांव के लोग मवेशियों को गौठान में छोड़ कर चले गए है और लेने ही नहीं आते।

कार्रवाई हाेगी : कलेक्टर


पेट में कम चारा: डॉ. आेग्रे


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