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जिपं में सभापति पर सस्पेंस, समिति के सदस्यों में पूर्व उपाध्यक्ष का नाम नहीं

एक वर्ष पहले
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{कल तक करना होगा सभापति का चयन {एक से अधिक दावेदार होने पर मतदान का है प्रावधान

जिला पंचायत के लिए गठित होने वाली विभिन्न समितियों के सभापति व सदस्यों के चयन के लिए गुरुवार को सम्मेलन हुआ। दिन समितियों के सदस्यों के गठन में ही बीत गया, किस समिति का सभापति कौन होगा इस पर सस्पेंस कायम है। सदस्यों में भाजपा और बसपा के भी लोगाें को शामिल किया गया है, लेकिन आश्चर्यजनक ढंग से दस समितियों में से किसी में भी पूर्व उपाध्यक्ष अजीत साहू को सदस्य तक नहीं बनाया गया है।

जिला पंचायत व जनपद पंचायतों में विभिन्न प्रकार की समितियों का गठन करने के लिए गुरुवार को जिले की सभी जनपदों में और जिला पंचायत में सदस्यों का सम्मेलन हुआ। सबकी नजर जिला पंचायत की समितियों में बनने वाले सभापति पर थी। सुबह 11 बजे से बैठक शुरू होनी थी किंतु सदस्य ही नहीं पहुंचे थे। कांग्रेस और बसपा मिलाकर 14 सदस्यों की विशेष बैठक नगर के लिंक रोड में संचालित एक होटल में हुई। यहां पर जिपं सदस्यों से चर्चा हुई। पार्टी के असंतुष्ट सदस्याें को साधने की कोशिश हुई, वहीं किसे किस समिति में सदस्य बनाना है यह तय किया गया। इसके बाद जिला पंचायत में समिति गठन की औपचारिकता निभाई गई। दिन भर केवल समितियों के गठन में ही बित गया। पीठासीन अधिकारी लीना कोसम ने समितियाें के गठन की घोषणा की।

लिंक रोड में संचालित एक होटल में हुई। यहां पर जिपं सदस्यों से चर्चा हुई। पार्टी के असंतुष्ट सदस्याें को साधने की कोशिश हुई, वहीं किसे किस समिति में सदस्य बनाना है यह तय किया गया। इसके बाद जिला पंचायत में समिति गठन की औपचारिकता निभाई गई। दिन भर केवल समितियों के गठन में ही बित गया। पीठासीन अधिकारी लीना कोसम ने समितियाें के गठन की घोषणा की।


समिति बनीं निर्विरोध, सहमति नहीं बनने पर होगा चुनाव


समिति गठन के दौरान अधिकारी व जिपं सदस्य।

समितियों का गठन निर्विरोध किया गया। इन समितियों में भाजपा के भी सदस्यों को स्थान दिया गया है। पहले दिन तो सभापति काैन होगा इस पर निर्णय नहीं हो सका, लेकिन एक समिति में एक से अधिक दावेदार होने पर चुनाव की नौबत आ जाएगी, लेकिन सभी समितियों में सदस्यों की संख्या कांग्रेस की अधिक होने के कारण कांग्रेस के ही सभापति बनने की संभावना अधिक है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 14 मार्च तक सभापति का भी चुनाव कराना अनिवार्य होगा।
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