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नाबालिग की हो रही थी शादी, बग्गी पर सवार दूल्हा लौटा बैरंग

एक वर्ष पहले
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शुक्रवार को 2 किशोरियों को बालिका वधु बनने से प्रशासनिक टीम ने बचा लिया। जोबी में बारात मंडप तक पहुंची थी, बाराती दोपहर का खाना खा रहे थे,तब उन्हें शादी राेकनी पड़ी। दूल्हन की उम्र 16 साल 9 माह थी

जांजगीर थाना क्षेत्र के ग्राम जोबी में नाबालिग की शादी होने की शिकायत टोल फ्री नंबर में की थी। गुरुवार की रात को ही पुलिस भेजकर घरवालों को समझाइश दी थी। घरवालों ने किशोरी का आधार कार्ड दिखाकर किशोरी को बालिग साबित करने का प्रयास किया। शुक्रवार को गांव में बारात आई थी।बाल संरक्षण अधिकारी गजेंद्र जायसवाल की टीम किशोरी के घर पहुंची। उन्होंने किशोरी के बालिग होने का दस्तावेज मांगा तो घरवालों ने कोई भी पेपर नहीं दिया। आधार कार्ड ही दिखाकर बालिग साबित करने की कोशिश की। किशोरी की मां मौके पर पहुंचे अधिकारियों से ही उलझ गई थीं। स्कूल के दाखिल खारिज रजिस्टर से उसकी उम्र का पता चला। आखिरकार बग्गी में सवार होकर परगहनी के लिए पहुंचे दूल्हे को बिना दुल्हन के बैरंग लौटना पड़ा। प्रभारी प्रधान पाठक सुनीता राठौर ने छुट्‌टी का आवेदन स्कूल नहीं भेजा था, उन्होंने वाट्स एप पर अपने सीएसी को भेजा था। डीईओ ने जब आवेदन पूछा तो उन्होंने बताया कि वाट्स एप पर दिया है। डीईओ ने नाराजगी जताई तो प्रभारी प्रधान पाठक उन्हीं से भीड़ गई कि जब उनका ऑर्डर वे लोग वाट्स एप पर मानते हैं तो उनकी छुट्‌टी क्यों नहीं मानी जाएगी। डीईओ ने अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश एबीईओ को दिया है।

भास्कर लाइव

मां कर रही थीं दावा नहीं पढ़ी है, स्कूल में मिला रिकार्ड

किशोरी की मां यह दावा कर रहीं थी कि उन्होंने अपनी बेटी को पढ़ाया ही नहीं है, इसलिए कोई भी पेपर उनके पास नहीं है। उन्होंने आंगनबाड़ी में भी भर्ती करने से इनकार किया। इसके बाद अधिकारी चौड़ीपार के प्रायमरी स्कूल पहुंचे। यहां अधिकारियों ने स्कूल का दाखिल खारिज रजिस्टर चेक किया तो बच्ची की जन्म तिथि 16 जून 2003 और स्कूल में प्रवेश तिथि 16 जून 2009 लिखी थी। इस हिसाब से बच्ची की उम्र मात्र 16 साल 9 माह निकली। इसके बाद फिर अधिकारी उनके घर गए और लोगों को समझाइश दी तब कहीं शादी रूकी। बारातियों को खाली हाथ लौटना पड़ा।

प्रभारी बोलीं किसी से बात कर लें वे नहीं आएंगी

प्राइमरी स्कूल चौड़ीपारा खोखसा की प्रभारी प्रधान पाठक सुनीता राठौर शुक्रवार को छुट्‌टी पर थीं। उन्होंने लिखित में किसी को चार्ज नहीं दिया था। बाल संरक्षण अधिकारी जायसवाल की टीम दाखिल खारिज रजिस्टर की जांच करने पहुंची ताे गेट में तालाम मिला। दीवार में लिखे फोन नंबर से राठौर को जायसवाल ने फोन कर दााखिल खारिज रजिस्टर मांगा तो उन्हें कहते हुए इनकार कर दिया कि आज वे छुट्‌टी पर हैं, इसलिए नहीं आएंगी श्री जायसवाल ने डीईओ केएस तोमर को फोन किया। वे अपने एबीईओ राजीव नयन शर्मा के साथ स्कूल पहुंचे तब स्कूल का ताला खुला।

घर में समझाइश देते अधिकारी।
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