सीएस कह रहे धान खरीदी की कोई लिमिट नहीं, यहां प्रत्येक समिति के लिए रोज का अलग-अलग टारगेट

Champa News - भुइयां के भगवान कहे जाने वाले प्रदेश के किसानों की समस्या कम नहीं हो रही है। राज्य सरकार द्वारा भौतिक सत्यापन के...

Dec 11, 2019, 08:11 AM IST
Janjgeer News - chhattisgarh news there is no limit of paddy purchase saying cs here every day different target for committee
भुइयां के भगवान कहे जाने वाले प्रदेश के किसानों की समस्या कम नहीं हो रही है। राज्य सरकार द्वारा भौतिक सत्यापन के नाम पर पहले किसानों का रकबा घटा दिया गया, इससे किसान अपनी पूरी जमीन पर धान नहीं बेच पाए। दूसरी बड़ी समस्या फिर से आ गई है रविवार की रात से। प्रदेश के प्रमुख सचिव आरपी मंडल ने धान खरीदी की लिमिट नहीं होने का दावा किया है, जबकि राजधानी से ही एनआईसी में प्रत्येक समिति के लिए प्रतिदिन की खरीदी निर्धारित कर दी गई है।

धान खरीदी इस वर्ष राज्य सरकार के लिए गले की हड्‌डी बन गई है। केंद्र सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 1815 और 1835 रुपए निर्धारित किया है, प्रदेश में किसानों को राज्य सरकार बोनस दे रही है यानि 2500 रुपए क्विंटल की दर से खरीद रही है इसलिए प्रदेश का चावल खरीदने से केंद्र सरकार ने मना कर दिया है। इससे समस्या बढ़ गई है। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने किसानों की जमीन का भौतिक सत्यापन करा दिया, इससे जिले में 19 हजार 356 किसानों का 9 हजार 294 एकड़ रकबा कम हो गया। इससे जिले में 1 लाख 39 हजार 410 क्विंटल धान की खरीदी सीधे रुक गई।

लिमिट तय होने से किसानों की बढ़ी परेशानी

एनआईसी द्वारा प्रत्येक समिति के लिए प्रतिदिन की खरीदी की लिमिट तय कर देने के बाद से किसानों की समस्या बढ़ गई है। समिति की लिमिट से एक बीज धान अधिक की खरीदी नहीं होगी। समिति प्रबंधकों ने पहले से ही टाेकन जारी कर दिया है, लेकिन उतना धान भी नहीं खरीद सकते। इसे एेसे समझें बुधवार को किसी समिति में 25 किसानों का 5000 क्विंटल धान खरीदने के लिए टोकन दिया गया है, लेकिन नए सिस्टम में वहां केवल 2500 क्विंटल ही खरीदना है यदि 10 किसानों के ही धान से 2500 क्विंटल पूरा हो गया तो 11 वें से लेकर बाकी किसानों को फिर टोकन कटाना पड़ेगा, जरूरी नहीं कि दूसरे दिन मौका मिल जाए।

इन समितियों में इतना निर्धारित कर दिया गया है

पामगढ़ 3000 बोरी, काेसला 2675 बोरी, मेंहदी 1725, जेवरा 2225 बोरी, भिलौनी 1850, ससहा 2275 बोरी, कोसा 1925 बोरी, भैंसो 2200 बोरी,डोंगाकोहरौद 1725, रसौटा 1722 बोरी तय कर दिया गया है।

व्यापारी भी नहीं खरीद रहे किसानों का धान

सक्ती | धान खरीदी को लेकर बदले नियम के बाद से किसान भ्रमित हो रहे हैं। क्षेत्र के कई धान खरीदी केंद्रों में अभी तक धान खरीदी प्रारंभ नहीं हो पाई है। ऐसे समय में व्यापारी भी धान नहीं खरीद रहे हैं। किसानों की परेशानी और भी बढ़ गई है। ग्राम नंदौरखुर्द के किसान रामचंद्र राठौर ने बताया कि सरकार के बदलने के बाद जिस प्रकार से धान खरीदी के नियम बदले हैं उससे किसानों की परेशानी बढ़ी है। धान का उत्पादन अधिक हुआ है मगर खरीदी कम हो रही है। इसी प्रकार ग्राम पतेरापाली के किसान राकेश कुमार का कहना है कि टोकन कटाने के बाद भी धान बेचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इसके साथ पूरा धान भी नहीं खरीदा जा रहा है। उन्होंने बताया कि वे धान बेचने के लिए टोकन कटाए थे, बारी भी आई थी, लेकिन सरकार द्वारा प्रति दिन की खरीदी तय कर देने के कारण उनकी बारी ही नहीं आई।

पिछले साल 3000 क्विंटल इस वर्ष 1120 क्विंटल

शिवरीनारायण | धान खरीदी में कटौती करने के सरकार के प्रयास का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। पिछले वर्ष सेवा सहकारी समिति शिवरीनारायण में प्रति दिन 3000 क्विंटल धान की खरीदी की जाती थी। इस वर्ष सोमवार से इसे आधा से भी कम कर दिया गया है। इस वर्ष प्रतिदिन केवल 1120 क्विंटल धान खरीदने के लिए लिमिट तय कर दिया गया है। यानि प्रतिदिन औसतन 1880 क्विंटल कम धान की खरीदी होगी। किसान टोकन कटाने भी आ रहे हैं किंतु पहले से ही शुक्रवार तक टोकन काटा जा चुका है, इसलिए किसान टोकन भी नहीं कटा पा रहे हैं।

लिमिट तय होने से 17 धान केन्द्रों में किसान परेशान

अकलतरा | राज्य शासन द्वारा साफ्टवेयर में फेरबदल करते हुए धान खरीदी केन्द्रों में एक दिन में धान की लिमिट तय किये जाने से विकासखंड के 17 धान खरीदी केन्द्रों में धान की खरीदी प्रभावित होने के साथ-साथ किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अकलतरा धान खरीदी केन्द्र में पूर्व में प्रतिदिन 1000 से 1200 क्विंटल धान खरीदी के साथ-साथ तौल किया जाता था। वर्तमान में प्रतिदिन 420 क्विंटल की लिमिट तय किये जाने से किसान परेशान हो रहे हैं। पोड़ी दल्हा सोसायटी में पूर्व में प्रतिदिन 2000-2500 क्विंटल धान की खरीदी की जाती थी।

खरीदी नहीं होने से सूना पड़ा संग्रहण केंद्र

खाली समय में बोेरे की सिलाई करते हमाल

स्टेकिंग सही नहीं, कलेक्टर नाराज, मापकर देखी नमी

जांजगीर | अकलतरा ब्लाक के झूलन पकरिया और नवागढ़ ब्लॉक के अमोरा धान उपार्जन केन्द्र का कलेक्टर जनक प्रसाद पाठक, सीईओ तीर्थराज अग्रवाल ने औचक निरीक्षण किया। अमोरा खरीदी केंद्र में धान का सही स्टेकिंग नहीं करने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए धान को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिये।

कलेक्ट पाठक ने मंगलवार को निरीक्षण के दौरान धान बेचने पहुंचे किसानों से चर्चा की और आर्द्रतामापी का परीक्षण किया। कलेक्टर ने कहा कि धान उपार्जन के संबंध में राज्य शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपार्जन केन्द्र में कर्मचारियों से कहा कि केवल वास्तविक किसानों का धान खरीदा जाए। कोचिया और बिचौलियों से सावधान रहें। क्षमता अनुसार टोकन जारी करें। धान को स्टेकवाईस रखें। बारदाना की कमी हो उससे पहले जिला कार्यालय को सूचित करें। किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

नमीं जांचते अधिकारी

मंगलवार तक हुई 3 लाख 82 हजार 95 क्विंटल की खरीदी

जिला खाद्य अधिकारी अमृत कुजूर से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में अब तक 3 लाख 82 हजार 95 क्विंटल धान 9 हजार 630 किसानों से खरीदी की जा चुकी है। जिले में एक लाख 73 हजार 568 किसानों का पंजीयन है। जिले के कुल 2 लाख 19 हजार 862.48 हेक्टेयर पंजीकृत रकबे के अनुसार 82 लाख 44 हजार 843 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है।

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