रबी के लिए छोड़ा जा रहा 1400 क्यूसेक पानी घटाकर 600 किया

Dhamtari News - रबी सीजन में गंगरेल बांध के पानी के भरोसे धान फसल लेने वाले किसानों को मुख्य नहर से पानी दिया जा रहा है। रायपुर,...

Jan 16, 2020, 06:55 AM IST
Dhamtari News - chhattisgarh news 1400 cusecs of water left for rabi reduced to 600
रबी सीजन में गंगरेल बांध के पानी के भरोसे धान फसल लेने वाले किसानों को मुख्य नहर से पानी दिया जा रहा है। रायपुर, धमतरी और बालोद जिले के 156 गांव के किसानों के 1400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। अब घटाकर 600 कर दिया गया है। धमतरी जिले के 75 गांव के 15 हजार 246 हेक्टेयर के लिए पानी छोड़ा जा रहा है।

रायपुर जिले के 5 हजार हेक्टेयर और बालोद जिले के 30 गांव के 5 हजार 678 हेक्टेयर धान फसल लेने के लिए पानी छोड़ा गया है। सिंचाई विभाग के एसडीओ डीएस कुंजाम ने बताया कि शुरूआत में 1600 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। 14 जनवरी की रात में 400 क्यूसेक और बुधवार की सुबह 400 क्यूसेक पानी कम किया गया। अभी 600 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

156 गांव के 25 हजार हेक्टेयर की होगी सिंचाई

मुख्य नहर से रबी फसल के लिए छोड़ा जा रहा 600 क्यूसेक पानी।

पहले से तैयारी में जुट गए थे किसान

नहर सिंचाई पानी से ज्यादातर किसान अपने खेतों में लाईचोपी पद्धति से धान फसल लगाएंगे। खेतों में पानी पहुंचने के बाद फसल लगाने के लिए जुताई जोर पकड़ेगी। किसान व मजदूर रबी की खेती में जुटेंगे। नहर किनारे के भरोसे किसानी करने वाले किसानों ने पहले से रबी सीजन में धान फसल लेने के लिए सिंचाई पानी मिलने की घोषणा के बाद अपने खेतों में दलहन-तिलहन फसल नहीं लगाई है।

5 साल से मुख्य नहर की मरम्मत नहीं हो रही

अंग्रेजों के जमाने में बनी इस नहर में वर्ष 1985-86 के बाद कांक्रीट लाइनिंग का काम सीपेज रोकने के उद्देश्य से कराया गया था। लाइनिंग उखड़ने या धंसने की समस्या अलग-अलग स्थानों में हर साल आ रही है। इसे रोकने के लिए बड़े पैमाने पर मरम्मत किए जाने की आवश्यकता है, पर शासन से फंड ही नहीं मिल पा रहा। मनरेगा मद से वर्ष 2017 में ज्यादा क्षतिग्रस्त हिस्से में काम कराने के बाद कोई काम नहीं हुआ है।

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