फाइलेरिया के 16 मरीज मिले, शहर के 3 वार्ड, कुरूद में ज्यादा रोगी

Dhamtari News - जिले में हर साल फाइलेरिया के नए मरीज मिल रहे हैं। इस साल अब तक 16 नए मरीज मिले हैं। चिरायु दल ने स्कूलों में जाकर...

Bhaskar News Network

Nov 11, 2019, 06:51 AM IST
Dhamtari News - chhattisgarh news 16 patients of filariasis found 3 wards of the city more patients in kurud
जिले में हर साल फाइलेरिया के नए मरीज मिल रहे हैं। इस साल अब तक 16 नए मरीज मिले हैं। चिरायु दल ने स्कूलों में जाकर बच्चों की सेहत जांची। इसमें 5 से 9 साल तक के 16 नए मरीज मिले। सबसे ज्यादा मगरलोड ब्लाक में 11 मरीज मिले हैं। यहां पिछले दो साल में फाइलेरिया के 164 मरीज मिले हैं। जिला समेत प्रदेशभर में फाइलेरिया के बढ़ते मर्ज को रोकने के लिए फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान तीन साल तक चलेगा। इसमें फायलेरिया से प्रभावित जिलों का चयन किया गया। ट्रांसमिशन एसेसमेंट के तहत सभी जिलों को लक्ष्य दिए हैं। साल में दो बार कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इनमें धमतरी भी शामिल है। जिले के चारों ब्लाॅक में ब्लड की जांच की गई है। इसके बाद लाइन लिस्टिंग का कार्य शुरू किया गया है।

फाइलेरिया होने के कारण

फाइलेरिया का संक्रमण बचपन में होता है। इस बीमारी के लक्षण 7 से 8 वर्ष के बाद ही दिखाई देते हैं। फाइलेरिया बीमारी फाइलेरिया संक्रमण मच्छरों के काटने से फैलती है। ये मच्छर फ्युलेक्स प्रजाति के होते हैं। मच्छर एक धागे के समान परजीवी को छोड़ता है। यह परजीवी हमारे शरीर में प्रवेश कर जाता है।

इससे बचाव के तरीके

फाइलेरिया से पीड़ित व्यक्ति रात में ब्लड की जांच अवश्य कराएं। रात को ही फाइलेरिया कीटाणु खून में ही दिखाई पड़ते हैं। जांच नहीं होने पर अन्य व्यक्ति में यह रोग फैल सकता है। यदि इन व्यक्तियों का समय पर उपचार कर देते है, तो इसे न केवल इस रोग की रोकथाम होगी, बल्कि हाथी पांव रोग को फैलने से भी रोका जा सकता है।

जालमपुर, दानीटोला और विंध्यवासिनी वार्ड प्रभावित

नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत तीन वार्ड फाइलेरिया से प्रभावित हैं। जालमपुर, दानीटोला और विंध्यवासिनी वार्ड में फाइलेरिया के मरीज ज्यादा हैं। फाइलेरिया की जांच प्रभारी सस्मिता पटनायक ने बताया कि फाइलेरिया फ्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर गंदे पानी में पनपता है। जांच के दौरान शहर के तीन वार्डों में फाइलेरिया की ज्यादा शिकायत मिली है। इन वार्डों में 50 से अधिक मरीज हैं। फाइलेरिया के लक्षण दिखने में 7 साल लग जाते हैं। जिले में कई लोगों का ऑपरेशन कर ठीक किया गया है। जो मरीज ठीक हो जाते हैं, उन्हें सूची से हटा दिया जाता है।

रात में लेते हैं खून के नमूने

फाइलेरिया की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग रात में सर्वे करता है। यह काम रात 8 से 12 बजे तक किया जाता है। सस्मिता पटनायक ने बताया कि फाइलेरिया के लक्षण रात में ही दिखाई देते हैं। प्रत्येक साइट में 500 ब्लड स्लाइड रात में बनाना होता है। टॉस्क के दौरान फाइलेरिया की जांच की गई, जिसके तहत नगरी ब्लाक में एक भी बच्चे फाइलेरिया से पीड़ित नहीं मिले।

धमतरी 3 मरीज बढ़े

सेक्टर 2017 2018

धमतरी 77 80

कुरूद 66 62

नगरी 116 116

मगरलोड 164 164

गुजरा 21 24

X
Dhamtari News - chhattisgarh news 16 patients of filariasis found 3 wards of the city more patients in kurud
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना