सरकारी मदद के अभाव में तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र 6 साल से बंद, जल्द खोलने की तैयारी

Dhamtari News - आदिवासियों को तीरंदाजी की कला विरासत में मिली है। इस कला को निखारने के लिए 2007 में ग्राम दुगली में प्रशिक्षण केंद्र...

Aug 14, 2019, 07:35 AM IST
Dhamtari News - chhattisgarh news archery training center closed for 6 years due to lack of government support preparations to open soon
आदिवासियों को तीरंदाजी की कला विरासत में मिली है। इस कला को निखारने के लिए 2007 में ग्राम दुगली में प्रशिक्षण केंद्र खोला गया। 2 साल तक लकड़ी के तीर और धनुष से प्रशिक्षण चलता रहा। शासन स्तर पर 2010 में 300 तीर और 15 धनुष मिले। 2 साल में तीर धनुष खराब हो गए। एक साल तक पारंपरिक तीर व धनुष से सालभर तक प्रशिक्षण चला। शासन से कुछ सहयोग नहीं मिलने के कारण प्रशिक्षण बंद हो गया। इसके बाद से जिला प्रशासन और शासन स्तर से भी कोई प्रयास नहीं हुआ। 6 साल से यह केंद्र बंद है।

20 अगस्त को यहां स्व. राजीव गांधी की प्रतिमा का अनावरण होना है। यहां कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, पुत्र राहुल गांधी की आने की तैयारी चल रही है। इस आगमन से एक बार फिर यहां तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र शुरू होने की उम्मीद बंध गई है। जिला प्रशासन का कहना है वे तींरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र को फिर से शुरू कर रहे हैं। आश्रम के पीछे स्थित जमीन में प्रशिक्षण शुरू कराएंगे। तीर धनुष की भी व्यवस्था कराएंगे।

जगह की समस्या थी, जल्द शुरू कराएंगे : कलेक्टर रजत बंसल ने बताया कि दुगली में जल्द ही तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र को शुरू करेंगे। पहले जगह की समस्या थी। अब आश्रम के पीछे ही केंद्र खोल रहे हैं। तैयारी चल रही है।

खिलाडि़यों को उम्मीद- सोनिया, राहुल के आने से शुरू हो सकता है प्रशिक्षण केंद्र

धमतरी. कौहाबाहरा के गैंदूराम कमार ने कहा कि यदि उन्हें फिर से सिखाने का मौका मिला तो वह तैयार है।

शुरू से आखिरी तक फंड की कमी

2007 में लोगों की मांग पर बालक छात्रावास में तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र तो खोल दिया, लेकिन फंड़ की कमी बताकर चालू नहीं रखा जा सका। यहां 5 लाख का खर्च किया गया। यह खर्च भी तीर और धनुष के लिए हुआ है। 2007-08 में यहां 40 छात्र छात्राएं प्रशिक्षण ले रहीं थी। लोग इस खेल से जुड़ रहे थे। अब तो इस खेल से लोग दूर होते जा रहे हैं।

स्टेट स्तर तक गईं थीं 2 छात्राएं

2013 में धमतरी में तीरंदाजी की स्टेट स्तर की स्पर्धा हुई थी। प्रदेशभर के खिलाड़ी यहां आए थे। दुगली की आगस्तीन मरकाम और उमेश्वरी नेताम स्टेट स्तर तक गईं थी। आखिरी दौर में दोनों ,खिलाड़ी बाहर हो गईं। तत्कालीन कलेक्टर एनएस मंडावी ने प्रोत्साहन के लिए दोनों खिलाड़ियों को अपनी ओर से पुरस्कार दिया था।

केंद्र शुरू हो तो निकलेंगे बेहतर खिलाड़ी

प्रशिक्षण केंद्र में कौहाबाहरा के गैंदूराम कमार तीरंदाजी सिखाते थे। वे स्वयं तीन बार कलेक्टोरेट आकर प्रशिक्षण केंद्र शुरू कराने की मांग करते रहे। जिला प्रशासन ने मांग पर गौर नहीं किया। यहां के कमार व आदिवासी बच्चे अभी भी तीरंदाजी सीखना चाहते हैं। यह खेल स्कूल गेम्स में भी जुड़ गया है। जिले में इसके कोई कोच भी नहीं हैं। ऐसे में यदि इस केंद्र को फिर से शुरू कराया जाए तो जिले से बेहतर खिलाड़ी निकलेंगे। गैंदूराम का कहना है कि यदि उसे फिर से सिखाने का मौका मिलता है तो वह तैयार है। छात्रा प्रतिमा, जानकी ध्रुव, देवेंद्र ने कहा कि तीरंदाजी प्रशिक्षण शुरू होता है तो वे सीखने जरूर आएंगे।

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