किसान- फसल का मुआवजा नहीं मिला तहसीलदार- कुछ किसानों को मिल गया

Dhamtari News - 3 जून को श्यामतराई और पोटियाडीह क्षेत्र में बवंडर तूफान ने तबाही मचाई थी। तेज बारिश के साथ वर्षा हुई थी। इसका असर...

Oct 13, 2019, 06:46 AM IST
3 जून को श्यामतराई और पोटियाडीह क्षेत्र में बवंडर तूफान ने तबाही मचाई थी। तेज बारिश के साथ वर्षा हुई थी। इसका असर धमतरी और कुरूद ब्लाक में ज्यादा पडा़ था। सबसे ज्यादा नुकसान सब्जी उत्पादकों को हुआ था। क्षतिपूर्ति के लिए राजस्व और उद्यानिकी विभाग ने सर्वे कर क्षति का आंकलन किया था। 9 किसानों के 10 हेक्टेयर केले की फसल बर्बाद हुई थी। लगभग 11 लाख 85 हजार 562 रुपए का नुकसान हुआ था। अब तक इन किसानों को शासन से मिलने वाला मुआवजा नहीं मिला है। किसान तहसील दफ्तर तक पहुंचकर जानकारी ले रहे हैं। यहां भी उन्हें काेई जानकारी नहीं मिल रही है। किसान इसकी शिकायत कलेक्टर से भी कर चुके,लेकिन तहसील आफिस में काम रुका है। किसान मुआवजा के लिए भटक रहे। तहसीलदार कुछ को मुआवजा मिल जाने आैर कुछ के रुकने का कारण पटवारी द्वारा रकबा नहीं देने को बताया जा रहा है।

किसान अमित पवार, भास्कर गजेंद्र ने कहा कि फसल बर्बाद हुए 4 महीने हो गए। अब तक मुआवजा नहीं मिला है। कई छोटे सब्जी उत्पादक हैं,जो मुआवजा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। उद्यानिकी विभाग के अधिकारी और पटवारियों ने रिपोर्ट कलेक्टर और राजस्व विभाग को सौंप दी है, फिर भी यहां से मुआवजा प्रकरण पर कार्रवाई नहीं हो पाई है। यदि समय पर मुआवजा मिले तो किसान आगे की तैयारी करेंगे।

10 हेक्टेयर में केला हुआ तबाह, 4 महीने बाद भी हाथ खाली

इन किसानों को हुआ था नुकसान

अमित पवार, भंवरलाल देवांगन, हरीराम, प्रेमलाल, अजय, रोशन, विजय, नरेंद्र, सुरेश ने केले की फसल लगाई थी। इन किसानों के कुल 10 एकड़ की फसल बर्बाद हुई थी। सबसे ज्यादा अमित पवार के फार्म में 3500 पौधे बर्बाद हुए थे। उक्त 9 किसानों का मुआवजा राशि 11.85 लाख रुपए होती है।

जानिए किस फसल में कितना मिलता है मुआवजा

पपीता, केला, अनार, अंगुर की फसल बर्बाद होने पर 13500 रुपए प्रति हेक्टेयर, अधिकतम 40000 रुपए। फलदार वृक्षों की फसल हानि होने पर 750 रुपए प्रति वृक्ष और अधिकतम 30 हजार रुपए। 2 हेक्टेयर तक कृषि भूमि धारण करने वाले किसान को बारहमासी फसल हानि होने पर 18 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर सहायता राशि दी जाती है। 2 से 10 हेक्टेयर तक कृषि भूमि धारण करने वाले किसानों को कृषि, उद्यानिकी, वार्षिक पौधारोपण वाली फसल के लिए सिंचित में 6800 रुपए प्रति हेक्टेयर और असिंचित में 13500 रुपए प्रति हेक्टेयर मुआवजा मिलने का प्रावधान है।

कुछ का बचा है,किसी का रकबा नहीं मिला: तहसीलदार संजय विश्वकर्मा ने कहा कि कुछ का मुआवजा मिल गया है। कुछ में पटवारी रकबा नही बताया हैं। पटवारी को बयान के लिए बुलाया है।

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