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400 साल से तेलीनसत्ती में होलिका दहन नहीं हो रहा, रंग और गुलाल खेलेंगे ग्रामीण
जिला मुख्यालय से 8 किमी दूर तेलीनसत्ती ऐसा गांव है, जिसे कुंवारीडीह के नाम से जाना जाता है। यहां के ग्रामीण अबीर-गुलाल तो जमकर उड़ाते हैं, लेकिन होलिका दहन नहीं होता। इस गांव में सत्ती माता का मंदिर भी हैं, जहां ग्रामीणों की आस्था आज भी है। प्रतिमा पहले खुले स्थान पर थी। सती की याद में गांव में जय मां सत्ती मंदिर भी बनाया गया है।
खम्हन साहू (80), प्यारीलाल सिन्हा (75) ने बताया कि तेलीनसत्ती मेें होलिका दहन नहीं करने के पीछे 16वीं शताब्दी की एक घटना है। गांव में एक जमींदार थे। वे 7 भाई व एक बहन थे। बहन का नाम सातो साहू था, जिनके लिए घर जमाई लाना चाहते थे। एक युवक उन्हें पसंद आया और कुछ दिनों के लिए उसे घर बुला लिया। भाइयों के पास सैकड़ों एकड़ की खेती थी।
एक बार खेत की मेड़ टूट गई। सातो भाई ने मेड़ को बांधने की खूब कोशिश की, लेकिन वह बार-बार टूटती था। एक दिन गुस्साए सातों भाइयों ने बहनोई को मारकर उसी मेड़ में गाड़ दिया। एक दिन उसके घर नहीं आने पर भाइयों से पूछताछ के बाद खोजबीन की। वह खेत गई, तो लाश मिली। घटना से व्यथित होकर चिता सजाकर वह उसके साथ सती हो गई। इस कारण गांव का नाम तेलीनसत्ती पड़ा।
इन गांवाें में भी नहीं मनाई जाएगी होली
शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र में चिकनपॉक्स के प्रकोप की शिकायत सामने आई है। शहर के बठेना और सरदार वल्लभ भाई पटेल वार्ड में होली नहीं मनाई जाएगा। होलिका दहन करने की परंपरा निभाई जाएगी, लेकिन रंग-गुलाल नहीं खेलेंगे। अछोटा, भोयना, रुद्री सहित सीमावर्ती बालोद जिला गुरूर ब्लाक के पेंडरवानी में होली त्योहार नहीं मनाने का फैसला लिया है।
85 से अधिक स्थानों पर होगा होलिका दहन
शहर के बाजारों में होली त्योहार पर उत्साह देखा जा रहा है। शहर के 85 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन होगा। होली जलाने के लिए चौक-चौराहों पर लकड़िया और कंडे इक्कट्ठे हो गए हैं। बालक चौक, रामबाग, जालमपुर, कोष्टापारा, हटकेशर, सोरिद सहित अन्य स्थानों पर होलिका दहन होगा।
शाम 6:30 बजे से 1 घंटे तक होलिका दहन मुहूर्त
इस साल 9 मार्च को होलिका दहन और 10 मार्च को रंगों का त्योहार मनाया जाएगा। विप्र विद्वत परिषद के अध्यक्ष ज्योतिषी पं. होमन प्रसाद शास्त्री व आचार्य शिव प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर 9 मार्च को होलिका पूजन होगा। इस बार होली पर भद्रा पूंछा सुबह 9.50 बजे से 10.51 बजे तक और भद्रा मुखा 10.51 से दोपहर 12.32 बजे तक रहेगी। शास्त्रीय मान्यता में भद्रा के दौरान पूजन आदि शुभ कार्य निषेध माने गए हैं।
धमतरी. होलिका दहन के लिए बालक चौक में तैयारी हो गई है।
माता तेलीनसती का मंदिर, जहां ग्रामीणों की आस्था है।