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- Dhamtari News Chhattisgarh News For The First Time In 10 Years 14 Mm Of Water Fell In The First Week Of March A Record Was Made
10 साल में पहली बार मार्च माह के पहले हफ्ते में 14 मिमी पानी गिरा, बना रिकाॅर्ड
ओलावृष्टि व बेमौसम बारिश से डेढ़ हजार एकड़ चना फसल खराब
गर्मी शुरू होने से ठीक पहले 5 मार्च से मौसम बदल गया है। बीते 3 दिन में 14 मिमी बारिश हुई है। इस साल हुई बारिश का जिले में नया रिकार्ड है। 2010 से 2019 तक मार्च के पहले हफ्ते में पानी नहीं गिरा है। इस साल 5 से 7 मार्च तक पहली बार बारिश हुई है। 7 मार्च को दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच रुक-रुककर तेज बारिश होती रही। 1926 में सबसे अधिक मार्च में 108.2 मिमी और 17 मार्च 1906 को 24 घंटे में 55.9 मिमी बारिश हुई थी।
30 डिग्री पर तापमान
बेमौसम बरसात के कारण दिन का तापमान 30 डिग्री के आसपास है, रात का तापमान 17 से 18 डिग्री सेल्सियस के करीब है। शनिवार को दिन का तापमान 28 डिग्री रहा। दिनभर में 6.2 मिमी बारिश हुई। सुबह वातावरण में नमी की मात्रा 81 फीसदी और शाम को 70 फीसदी रही। रविवार को सुबह 5.30 से लेकर दोपहर 2.30 बजे तक तापमान 10 डिग्री की वृद्धि हुई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 9, 10, 11 और 12 मार्च को बारिश की 80 प्रतिशत संभावना जताई है।
अचानक मार्च में इसलिए हुई बारिश
{द्रोणिका विदर्भ से रायल सीमा तक 0.9 किमी तक स्थित है।
{पश्चिमी राजस्थान में ऊपरी हवा का चक्रवात घेरा 2.1 किमी तक फैला है।
{पश्चिमी विक्षोभ अभी 3.1 से 5.8 किमी ऊंचाई तक स्थित है। इसका केंद्र 7.6 किमी पर है। इसलिए बारिश का सिस्टम बना।
बेमौसम बारिश का असर
फसल: कृषि विज्ञान केंद्र के कीट वैज्ञानिक शक्ति वर्मा ने बताया कि बेमौसम बारिश से गेहूं को छोड़कर सभी फसलों में नुकसान है। सब्जी, चना, तिवरा, मटर, अरहर, मसूर को ज्यादा नुकसान हुआ है। आम के बौर झड़ गए हैं।
एक्सपर्ट व्यू... रोज की ओपीडी 500 से पार
स्वास्थ्य जिला अस्पताल के एमडी मेडिसीन विशेषज्ञ डॉ. संजय वानखेड़े ने बताया कि बदले मौसम की वजह से सर्दी, जुकाम और वायरल के मरीज बढ़े हैं। बच्चे ज्यादा प्रभावित हैं। रोज की ओपीडी 500 से पार हो रही है। इनमें 40 से 50 बच्चे वायरल फीवर के सामने आ रहे है। ऐसे में खाने-पीने में सावधानी बरतना जरूरी है। ठंडी चीजों से दूर रहें।
नुकसान: बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से कुरूद और मगरलोड ब्लॉक में ओलावृष्टि से करीब 2 हजार चना का फसल बर्बाद भी हो गई है। फरवरी के अंतिम सप्ताह में हुई बारिश से धमतरी ब्लाॅक के 22 ग्राम पंचायतों के 769 हेक्टेयर फसल को नुकसान हुआ है। 735 हेक्टेयर में लगे चने की फसल सड़ गई। 3 मार्च को हुई बारिश के बाद कृषि व राजस्व विभाग के मैदानी अमले फिर से फसल क्षति का आकलन कर रहे हैं।
बीमा: जिले में दलहन-तिलहन व रबी धान के लिए 2121 किसानों ने 1928.89 हेक्टेयर का फसल बीमा कराया है। इन किसानों ने 5 करोड़ 78 लाख 33 हजार रुपए का बीमा कराया है। इसमें कृषक अंश राशि 86 हजार 8 लाख 67 हजार 501 रुपए शामिल हैं।
फिर तीन दिन बारिश
मौसम वैज्ञानिक हरिप्रसाद चंद्रा ने बताया कि 9 मार्च को मौसम खुलने के आसार है। इसके बाद 10, 11 और 12 मार्च को प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश की संभावनाएं है। 15 मार्च तक स्थिति सामान्य रहेगी। फिर लगातार पारा चढ़ेगा।