- Hindi News
- National
- Nagri News Chhattisgarh News Marriage Of Daughters With Paddy Bundle So That The Family Is Happy
धान की पोटली से कराया बेटियाें का विवाह... ताकि परिवार में रहे खुशहाली
नगरी ब्लाक से 30 किलोमीटर दूर बसे वनांचल ग्राम खालगढ़ (उजरावन) में तीसरी में पढ़ने वाली बालिकाओं का विवाह कराया गया। यह कोई बाल विवाह नहीं था। इस शादी में कोई दूल्हा भी नहीं था, वर की जगह धान की पोटली रखी गई। धूमधाम से पारंपरिक गीतों के बीच विवाह की रस्में पूरी की गईं। भुजिया कमार समाज के लोग पीढ़ियों से यह परंपरा निभाते आ रहे हैं। इसे काड़ाबाड़ा रस्म कहा जाता है। इनका मानना है कि बुजुर्गों के वक्त से चली आ रही इस प्रथा को निभाने से उनके परिवार, गांव की खुशहाली कायम रहती है। समृद्धि के द्वार खुलते हैं।
विवाह की रस्म निभाने के लिए बाकायदा एक परिवार के आंगन में मंडप सजाया गया। बालिकाओं को विवाह के लिए दुल्हन की तरह सजाया गया। इसके बाद गांव के बुजुर्गों व परिवार के लोगों के सामने विवाह की रस्में निभाईं गईं। पहली बार देखने पर यह बाल विवाह की तरह नजर आता है। इस रस्म में 6 बालिकाओं को शामिल किया गया।
यह सिर्फ रस्म, बड़े होने पर विधिवत विवाह होता है
समाज प्रमुख रतनलाल नायक पुजारी ने बताया कि यह रस्म है। इसे बालिका अवस्था में कराया जाता है। इसके बाद जब बेटियां बालिग हो जाएंगी तो विधिवत विवाह कराया जाएगा। काड़ाबाड़ा रस्म के दौरान दोनों परिवार व समाज के सदस्य उपस्थित रहे। इस विवाह के साक्षी बने। विवाह के समय समाज प्रमुख के अलावा सोढूर पंचायत पूर्व सरपंच जीवन नाग, उपसरपंच हिरामन नेताम, आत्माराम, भाजपा युवा नेता वोषित कौशल, ग्राम पटेल परऊ राम, झाड़ूराम, सूना राम, ललित राम कौशल, गोपाल सोरी, देव नाग, रामदयाल, केजलु, लोकनाथ, तेजलाल, टानकु, जीवराखन, बिसाहू राम, बलदू राम, रघुनाथ, रोमसाय, दयाराम, भानु राम आदि ने बच्चों को आशीर्वाद दिया।
नगरी. खालगढ़ में भुजिया कमार समाज के एक परिवार में मंडप सजाकर धान की पोटली से विवाह रचाया गया।