मुरुमसिल्ली और गंगरेल बांध में पहली बार दिखे दुर्लभ प्रजाति के प्रवासी पक्षी

Dhamtari News - गंगरेल के डूबान और मुरुमसिल्ली बांध क्षेत्र से इन दिनों एक अच्छी खबर आ रही है। शीत ऋतु के शुरू होते ही जिले में...

Dec 04, 2019, 07:55 AM IST
गंगरेल के डूबान और मुरुमसिल्ली बांध क्षेत्र से इन दिनों एक अच्छी खबर आ रही है। शीत ऋतु के शुरू होते ही जिले में प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरु हो गया है। हजारों किलोमीटर दूर से प्रवासी पक्षियों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। नेचर एंड वाइल्ड लाइफ टीम से जुड़े शहर के युवा गोपीकृष्ण साहू और अमर मूलवानी ने कई प्रवासी पक्षियों को अपने कैमरे में कैद किया।

बीते 4 साल में 250 से अधिक प्रवासी पक्षियों की तस्वीर कैमरे में कैद की है, जिसकी जानकारी इंटरनेशनल ई-बर्ड संस्था और छत्तीसगढ़ वाइल्ड लाइफ को भेजी गई है। जिले में पैसेफिक गोल्डन प्लोवर, वीम ब्रेल, डनलीन, रिवर लैपविंग, टैमनिक स्टींट, लेसर सेंट प्लोवर पक्षी को देखा गया है।

पहली बार देखे गए प्रवासी पक्षी : वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी से जुड़े गोपीकृष्ण साहू, अमर मूलवानी ने बताया कि पाईड एवोसेड और कैस्पियन टर्न नाम के प्रवासी पक्षियों को जिले में पहली बार देखा गया है, जिसकी पहली तस्वीर 30 नवंबर को ली गई है। पाईड एवोसेड एक यूरोपीय पक्षी है, जो हजारों किलोमीटर की उड़ान भरकर गुजरात के कच्छ से होते हुए पाकिस्तान पहुंचते हैं और वहां प्रजनन के बाद अफ्रीका की ओर बढ़ जाते हैं। कैस्पियन टर्न अपने प्रजाति का सबसे बड़ा पक्षी माना जाता है, जिसकी लंबाई 27 सेंटीमीटर तक होती है। ये पक्षी ग्रीक से अफ्रीका की ओर बढ़ते हैं।

कैशपेन टर्न।

डनलीन।

टैमनिक स्टींट।

रिवर लैपविंग।

जिले में संरक्षण की सुविधा नहीं

प्रवासी पक्षी ग्रीक, डच, रुस, अमेरिका, साइबेरिया सहित अन्य देशों से हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर यहां हर साल आते हैं। बावजूद इनके संरक्षण व संवर्धन के लिए कोई विशेष व्यवस्था जिले में नहीं की गई है। शिकारी इन्हें आसानी से अपना शिकार बना रहे हैं। जिन क्षेत्रों में यह प्रवासी पक्षी पहुंच रही हैं, उन क्षेत्रों में लोग बड़े पैमाने पर गंदगी फैला रहे हैं। समय रहते इन क्षेत्रों को संरक्षित नहीं किया गया, तो इन प्रवासी पक्षियों पर खतरा मंडराने लगेगा।

पैसेफिक गोल्डन प्लोवर।

इन खास प्रवासी पक्षियों का आगमन

पैसेफिक गोल्डन प्लोवर :
यह पक्षी 23 से 26 सेंटीमीटर लंबी होती है। सुनहरे और काले रंग की यह पक्षी खुले क्षेत्र में जमीन पर घोंसला बनाती है। ये उन प्रवासी पक्षिय्रों में से एक है, जो यूरोप से भारत आती हैं। यहां ठंड में कुछ समय बिताने के बाद आस्ट्रेलिया की ओर निकल पड़ती हैं।

इन प्रवासी पक्षियों का जिले में बसेरा






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