उदंती का जंगल उजाड़ने के जिम्मेदार रेंजर डिप्टी रेंजर व फॉरेस्ट गार्ड निलंबित किए गए

Dhamtari News - उदंती अभयारण्य में अवैध कटाई व अतिक्रमण मामले में अब कार्रवाई शुरू हो गई है। इंदागांव रेंज में 4 हजार हेक्टेयर...

Oct 13, 2019, 06:55 AM IST
उदंती अभयारण्य में अवैध कटाई व अतिक्रमण मामले में अब कार्रवाई शुरू हो गई है। इंदागांव रेंज में 4 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में जंगल काटकर खेती करने व घर बसवाने के मामले में लापरवाह रेंजर, डिप्टी रेंजर व फॉरेस्ट गार्ड को निलंबित कर दिया गया है। दक्षिण उदंती में कोर जोन पर डेरा बसाने वाले अन्य 10 अतिक्रमणकारियों को भी जेल भेजा गया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब जांच दल रविवार को 1210 देवझरन की सच्चाई जानने पहुंचेगा।

उल्लेखनीय है कि एपी सीसीएफ वाइल्ड लाइफ देवाशीष दास ने भास्कर के लगातार खुलासे के बाद 5 अक्टूबर को हल्दीकछार में जांच के दौरान कहा था कि इतने बड़े पैमाने पर वन कटने व अवैध कब्जे होने की जानकारी उपर तक नहीं पहुंची। यह पूरा घपला स्थानीय अमले के बगैर मिलीभगत के संभव नहीं हो सकता था। उन्होंने मामले में बड़ी कार्रवाई के संकेत भी अपने बयान में दिए थे।

उल्लेखनीय है कि उदंती में जंगल काटकर खेती करने व घर बसाने के अतिक्रमणकारियों पर केंद्रित खबर श्रृंखला के रूप में भास्कर लगातार प्रकाशित कर रहा है। खबर का असर राजधानी तक हुआ और सारे तथ्य वनमंत्री मोहम्मद अकबर तक पहुंचे तब जाकर उच्चस्तरीय जांच दल गठित हुआ। भास्कर की इस मुहिम का असर अब दिखना भी शुरू हो गया है। इंदागांव में अतिक्रमण के मामले में ताजा कार्रवाई में रेंजर नीलकंठ गंगबेर, डिप्टी रेंजर चंद्रशेखर ध्रुव, फॉरेस्ट गार्ड सत्यनारायण प्रधान को पीसीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ एके शुक्ला ने शुक्रवार को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। माह भर पहले इसी रेंज के डिप्टी रेंजर कपिल ठाकुर पर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है।

कुल्हाड़ीघाट के रेंजर रामेश्वर महार को इंदागांव रेंजर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उदंती डिवीजन के उप संचालक एमआर सोरी को प्रभार से हटाकर सीतानदी के उपसंचालक आरके रायस्त को पुनः प्रभार दिया गया है।

  

देवभोग। शुक्रवार को गिरफ्तार 10 आरोपियों को शनिवार को जेल भेज दिया।

रेंजर नीलकंठ गंगबेर

फॉरेस्ट गार्ड सत्यनारायण

देवझरन की सच्चाई जानने आज पहुंचेगी टीम

देवझरन जंगल यानी इंदागांव के 1210 कम्पार्ट पर 300 एकड़ से भी ज्यादा जंगल पर देवभोग ब्लॉक से गए आदिवासियों के कब्जे का खुलासा भास्कर ने 25 अगस्त को कर दिया था। 10 अक्टूबर को पुनः तेजसिंह टांडिया व कमल साय के साथ 5 ग्रामीणों ने वनमंत्री मोहम्मद अकबर के निवास राजधानी पहुंचकर देवझरन के बारे में बताया। उन्होंने इलाके के एक वीआईपी का नाम बताते हुए उस पर जंगल के अतिक्रमण के लिए भूमिपूजन करने का आरोप लगा दिया। इस सनसनीखेज आरोप के बाद देवझरन सुर्खियों में आ गया है। सूत्रों के मुताबिक अभयारण्य कटाई के लिए गठित टीम रविवार को वहां पहुंचकर मामले की जांच करेगी।

जमानत पर छूटते ही काटा जंगल, 10 को जेल

उप संचालक आरके रायस्त ने बताया कि शुक्रवार को 4 रेंज के 36 कर्मियों के साथ वे दक्षिण अभयारण्य के कोर जोन पर पहुंचे, जहां 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें शनिवार के गरियाबंद न्यायालय में पेश किया गया जहां से सभी को 24 अक्टूबर तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इनमें से आशाराम, चंतुराम, परशुराम व पुनऊराम को 16 जुलाई की कार्रवाई में जेल भेज दिया गया था। रिमांड पर छूटने के बाद इन लोगों ने 45 पेड़ काटकर 0.144 हेक्टेयर पर फिर से कब्जा कर लिया जबकि कुशल, ठोनूराम, देवीसिंग, टूनूराम, जयलाल, देवराज ने मिलकर 90 पेड़ काटकर 0.451 हेक्टेयर पर कब्जा कर लिया था। विभागीय अमला जांच करने पहुंचा तो इन लोगों ने 20-25 की संख्या में परिवार सहित विरोध भी किया।

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