शरद पूर्णिमा आज, मंदिर और चौराहों पर होगी पूजा

Dhamtari News - शरद पूर्णिमा आज मनाई जाएगी। इस अवसर पर शहर के मंदिरों और सार्वजनिक जगहों पर विशेष पूजन के बाद देर-रात अमृत खीर का...

Bhaskar News Network

Oct 13, 2019, 06:50 AM IST
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शरद पूर्णिमा आज मनाई जाएगी। इस अवसर पर शहर के मंदिरों और सार्वजनिक जगहों पर विशेष पूजन के बाद देर-रात अमृत खीर का वितरण होगा। इस बार पूर्णिमा पर सर्वार्थ सिद्धि व रवियोग में समृद्धिकारक खरीदारी रहेगी। शहर में इस दिन विभिन्न धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। धीवर समाज धमतरी परगना ने शरद उत्सव और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम शीतला मंदिर प्रांगण में किया है।

ब्राह्मणपारा वार्ड में हिरण्यकश्यप, महिषासुर वध की प्रस्तुति बालोद जिले की नर्मदा सर्बदा की मंडली देगी। मां दुर्गा दुर्गोत्सव समिति द्वारा लगातार 18 वें साल यह आयोजन रखा गया है। रात्रि 8 बजे कार्यक्रम शुरू होगा। मुख्य अतिथि मजदूर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विक्रांत मोहनराव रणसिंह होंगे। जसगीत झांकी के बाद रात 12 बजे खीर वितरण किया जाएगा।

मिली जानकारी के अनुासा अध्यक्ष दिपेश देवांगन ने कहा कि मुख्यत: जसगीत झांकी अब ग्रामीण क्षेत्रों में ही देखने को मिलती है। शहर के लोग भी इससे वंचित न हो, इसलिए हर साल अलग अलग मंडलियोंं का कार्यक्रम रखते हैं। जालमपुर भागवत चौक, कोष्टापारा, आमापारा, हटकेशर, सोरिद सहित राम जानकी मंदिर, बांके बिहारी मंदिर में भी पूजा के बाद खीर वितरण होगा।

अश्विन नक्षत्र में पूर्ण चंद्र का संयोग

विप्र विद्वत परिषद के अध्यक्ष ज्योतिषाचार्य पं. होमन प्रसाद शास्त्री ने बताया कि आश्विन शुक्ल पक्ष की इस पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता हैं। शरद पूर्णिमा रविवार को है, जिसमें रवि योग होना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन माता लक्ष्मी पृथ्वी पर आती है। उन्होंने बताया कि चंद्रोदय शाम 5:52 बजे होगा। भगवान श्रीकृष्ण का महारास शरद पूर्णिमा से ही प्रारंभ हुआ था। इसे ध्यान में रखकर ही लोग इस दिन खीर बनाकर उसे अासमान तले रखते हैं। रात चंद्रमा की किरणों के शरीर पर पड़ने से विभिन्न बीमारियां भी ठीक होती है। इस दिन खीर का भोग लगाकर उसका सेवन करना भी स्वास्थ्यवर्धक होता है।

मानसून के जाने का प्रतीक है पूर्णिमा

शरद पूर्णिमा का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। शरद पूर्णिमा का चमकीला चांद, साफ आसमान मानसून के पूरी तरह चले जाने का प्रतीक है। इस दिन चंद्रमा के प्रकाश में औषधीय गुण मौजूद रहते हैं, जिनमें कई असाध्य रोगों को दूर करने की शक्ति होती है। कार्तिक मास मंगलवार से शुरू हो जाएगा। महिलाएं इस मौके पर नदी-तालाबों में कार्तिक स्नान करेंगी।

17 अक्टूबर से 12 नंवबर तक बड़े त्योहार

17 अक्टूबर से 12 नवंबर तक 20 बड़े त्योहार आएंगे। 17 अक्टूबर को करवा चौथ, 21 को राधाष्टमी, 24 को रंभा एकादशी, 25 को धनवंतरी जयंती (धनतेरस), 27 को दीवाली, 28 को गोवर्धन पूजा, 29 को भाई दूज व चित्रगुप्त पूजा, 31 को छठ व्रत (नहाय खाय) होगा। 1 नवंबर को खरना (लोहंडा), 2 को सूर्य षष्टी व्रतोप्रवास, संध्याकालीन अर्घ्य, 3 को पारण के साथ व्रत का समापन, 4 को गोपाष्टमी, 5 को अक्षय नवमी, आंवला पूजन, 8 को हरि प्रबोधनी एकादशी, तुलसी विवाह, 9 को शनि प्रदोष व्रत, 10 को बैकुंठ चतुर्दशी व 12 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा, गुरुनानक जयंती है।

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