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भाटापारा, बलौदाबाजार में 12 जगह छापा होटलों में बासी चिकन नष्ट करवाया गया

एक वर्ष पहले
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कोरोना वायरस की दहशत के बीच अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अपनी सक्रियता दिखानी शुरू कर दी है। दो अलग-अलग टीमों ने जिला मुख्यालय बलौदाबाजार और भाटापारा के 12 ढाबों और चिकन बिरयानी सेंटरों पर छापामार कार्रवाई की, जिसमें लगभग सभी ढाबों में बासी चिकन मिला। इन्हें पुलिस बल की मौजूदगी में तत्काल नष्ट करवा दिया गया। उमेश वर्मा खाद्य सुरक्षा अधिकारी बलौदाबाजार ने बताया कि बलौदाबाजार और भाटापारा के 12 ढाबों और बिरयानी सेंटरों पर छापा मारा गया है। यहां लगभग सभी जगहों पर अखाद्य हो चुका चिकन मिला। इन्हें मौके पर ही तत्काल नष्ट करवा दिया गया है। जांच की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

भाटापारा के होटल ढाबों की जांच और छापा कार्रवाई में 8 ढाबा और बिरयानी सेंटर निशाने पर आए। इनमें रायपुर बिरयानी सेंटर, बिलासपुर बिरयानी सेंटर, गगनदीप होटल, शिवम बिरयानी, शर्मा बिरयानी सेंटर, पंजाब एंड कश्मीर ढाबा, गुरुनानक होटल, होटल मिड टाउन में छापा मारा गया। यहां हुई जांच में जब फ्रीजर की जांच की गई तो उसमें बड़ी मात्रा में बासी हो चुका चिकन पाया गया। इसे जब्त कर तत्काल मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया। कोरोना वायरस और त्योहारी सीजन की शुरुआत होते ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले में संयुक्त जांच और छापामार अभियान चालू कर दिया है। पहले चरण की जांच और छापामार कार्रवाई में जिला मुख्यालय और भाटापारा को अपने निशाने पर लिया। एक साथ छापा मारने के लिए मुख्यालय से मिले निर्देश के बाद दो टीमों का गठन किया गया था। इसमें पहली टीम का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा अधिकारी उमेश वर्मा और औषधि निरीक्षक किशोर ठाकुर व उनके सहयोगी कर रहे थे जबकि दूसरी टीम की कमान खाद्य सुरक्षा अधिकारी संध्या महिलांग और औषधि निरीक्षक नीलिमा ने संभाली थी। दोनों टीमों में प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल का भी सहयोग लिया गया।

ये भी हो रहा... 120 का मुर्गा 30 रुपए किलो में, फिर भी नहीं हैं खरीददार

बलौदाबाजार| होली पर आम तौर पर मुर्गे मटन के दाम में अचानक बढ़ोतरी हो जाती है मगर इस बार इनके दाम काफी घट गए हैं। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप व डर के कारण शहर में चिकन की बिक्री में भारी गिरावट आई है। जिस मटन मार्केट की 15 से 20 दुकानों में रोजाना 1100 से 1200 रुपए किलो मटन की बिक्री होती थी, वहां महज अब 400 से 500 किलो ही मटन बिक रहा है। मुर्गा व्यवसायियों का कहना है कि चिकन सेवन से कोरोना वायरस फैलने की आशंका संबंधी खबरों के सोशल मीडिया पर वायरल होने से बाजार में मुर्गा मांस के दाम व बिक्री में गिरावट आई है। एक माह पहले जो मुर्गा 120 रुपए किलो तक तक मिलता था, वह इस समय 30 रुपए किलो बिक रहा है वहीं कटिंग मुर्गा 50 रुपए में दिया जा रहा है, जो एक डेढ़ माह पूर्व 130 से 140 रुपए में बिकता था।

मटन मार्केट को हर साल होली के त्योहार का इंतजार रहता है क्योंकि इसी त्योहार में पूरे साल भर की बिक्री के बराबर सिर्फ होली के त्योहार पर ही माल बिक जाता था। मगर इस बार दाम घटने के बावजूद भी खरीददारों की वो भीड़ नही दिख रही है जो होली में दिखती थी। यह बात भी सच है कि कोरोना की वजह से जहां मुर्गा मटन के दाम घट गए हैं, वहां हरी सब्जियों के दाम बढ़ने लगे हैं।

बलौदाबाजार के 4 ठिकानों पर छापा


खाद्य सुरक्षा अधिकारी उमेश वर्मा और औषधि निरीक्षक नीलिमा के नेतृत्व में होटल पर्क प्लाजा, दिलखुश ढाबा, छत्तीसगढ़ ढाबा और पापी पेट ढाबा पर छापामार कार्रवाई की गई। जांच में सभी जगह भारी गंदगी पसरी हुई मिली। संस्थानों में छापा और जांच के दौरान फ्रीजर खुलवाए जाने पर पुराना और अखाद्य हो चुका चिकन पाया गया। पुलिस बल की मौजूदगी में इसे मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया।


दाना और मुर्गी के दाम बराबर हो गए

सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए थे, जिसमें कोरोना वायरस के चलते मुर्गों को जिंदा दफनाते हुए दिखाया गया था। इस बारे में मुर्गी व्यवसायी बब्बर खान का कहना है कि ऐसा कोई मामला सामने नहीं अया है लेकिन अफवाह के कारण लोग इसे खाने से घबरा रहे हैं। मुर्गे की बिक्री घटने के कारण उन्हें दामों में कटौती करनी पड़ रही है। मुर्गा व्यवसायी अतीक खान ने बताया कि मुर्गी को दाना खिलाने के लिए दाने की कीमत 30 प्रति किलो है। वहीं मुर्गी की कीमत भी दाने के बराबर ही 30 से 50 रुपए किलो है।

भाटापारा.
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