- Hindi News
- National
- Dhamtari News Chhattisgarh News The Program Started Two Hours Late Teachers Were Disturbed By The Heat The Children Sitting At The Stall
दो घंटे देर से शुरू हुआ कार्यक्रम, शिक्षक गर्मी से परेशान होकर गए, स्टॉल पर बैठे रहे बच्चे
शिक्षा में शून्य निवेश नवाचार पर आधारित एक दिवसीय प्रदर्शनी एवं शिक्षक सम्मान समारोह किया गया। कार्यक्रम का संचालन कर रहीं कर्मचारी उद्घोषणा कर रहीं थी कि आज यहां पर नूर बरसने वाला है, कुछ नवाचार होने वाला है। जब कार्यक्रम शुरू हुआ तो यह अतिथियों की अनुपस्थिति की वजह से अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया। कार्यक्रम में अतिथि कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ को बनाया गया था।
कार्यक्रम सिन्हा समाज भवन में सुबह 11 बजे शुरू होना था। दोपहर 1 बजे तक शुरू नहीं हो सका। कुरूद, नगरी, मगरलोड व धमतरी ब्लाॅक से आए शिक्षक, बच्चे गर्मी से परेशान होते रहे। सभी शिक्षक कार्यक्रम शुरू नहीं होने के कारण गर्मी से बचने स्टॉल छोड़कर पंडाल में जमे रहे। यहां भी गर्मी से निजात नहीं मिली। शिक्षकों को जो भी मिला उसी से हवा करते नजर आए। बच्चों की प्रदर्शनी स्टॉल में ड्यूटी लगा दी। प्रदर्शनी पंडाल में भी तेज गर्मी थी। बच्चे धूप से परेशान रहे। ठंडे पानी की व्यवस्था की गई, वह भी धूप में रखा था। लोगों को मजबूरी में गर्म पानी पीना पड़ा।
शिक्षकों ने बच्चों को बना दिया कैमरा मैन: दो घंटे तक कार्यक्रम शुरू नहीं हुआ तो शिक्षक मोबाइल से सेल्फी लेते रहे। वहीं कुछ शिक्षकों ने बच्चों को कैमरा मैन बना दिया। विज्ञान, गणित मॉडल दिखाने आए बच्चे शिक्षकों का फोटो शूट करते नजर आए। एक के बाद एक शिक्षक अपना मोबाइल थमाकर बच्चों से फोटो
शूट कराते रहे।
बैठे-बैठे बांट दिए प्रशस्ति पत्र: दोपहर 12.45 बजे कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षकों को अरविंदो सोसायटी ने प्रशस्ति पत्र बांट दिया गया। प्रशस्ति पत्र में शिक्षकों का नाम नहीं लिखा था। इस पर शिक्षकों ने स्वयं अपने नाम लिखे। इस तरह हो रहे सम्मान पर कुछ शिक्षकों ने नाराजगी भी जाहिर की। इसी प्रशस्ति पत्र से गर्मी से राहत के लिए हवा करते रहे। अंत में प्रशस्ति पत्र के साथ शिक्षकों व अतिथियों ने ग्रुप
सेशन कराया।
कबाड़ से जुगाड़ पर बनाए मॉडल की लगी प्रदर्शनी
दोपहर 1.05 बजे प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी विपिन देशमुख आए। राजीव गांधी शिक्षा मिशन और अरविंदो सोसायटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ लाल रिबन काटकर किया। दोपहर 3 बजे कार्यक्रम का समापन हुआ। अतिथियों ने शिक्षा में शून्य निवेश नवाचार पर लगाई गई मॉडल प्रदर्शनी को देखा। चारों ब्लाक से 22 स्टॉलो में 100 से अधिक स्कूलों ने कबाड़ से जुगाड़ पर आधारित प्रदर्शनी लगाई। गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी समेत अन्य विषयों के मॉडल बनाकर शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे। इन्हीं की प्रदर्शनी लगाई गई। सभी स्कूलों से एकेडमिक, नॉन एकेडमिक और टीएलएम फाईल जमा कराई गई। इन फाईलों को एनसीईआरटी दिल्ली भेजा जाएगा।
शिक्षकों की जगह सिर्फ बच्चे ही बैठे रहे।
प्रदर्शनी स्टॉल में जानकारी देने शिक्षक मौजूद नहीं थे।