पत्थलगांव से कांसाबेल तक हाइवे का निर्माण रुका, वाहनों का आवागमन ठप

Jashpuranagar News - भास्कर संवाददाता | जशपुरनगर जर्जर राष्ट्रीय राजमार्ग को लेकर निर्माण कंपनी के लापरवाही का खामियाजा एक बार फिर...

Oct 13, 2019, 07:01 AM IST
Jashpur News - chhattisgarh news construction of highway from pathalgaon to kansabal halted vehicular traffic stalled
भास्कर संवाददाता | जशपुरनगर

जर्जर राष्ट्रीय राजमार्ग को लेकर निर्माण कंपनी के लापरवाही का खामियाजा एक बार फिर क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बारिश के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति बद से बदतर हो गई है। स्थिति यह है कि सड़क पर अब वाहनों का आना-जाना ही बंद हो गया है। पाकरगांव से लुड़ेग तक का सड़क पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो गई है। सड़क की बदहाल स्थित को लेकर लोगों में आक्रोश है।

एनएच 43 पत्थलगांव क्षेत्र की जीवनरेखा है। जिला मुख्यालय जशपुर तक पहुंचने का यह इकलौता प्रमुख मार्ग है,पर पिछले 4 साल से यह जीवन रेखा ठेकेदारों की मनमानी और लापरवाही का शिकार बन गई है। पहले सड़क निर्माण कंपनी जीवीआर ने निर्माण के नाम पर पत्थलगांव से कांसाबेल तक पूरी सड़क को खोदकर रख दी। इससे लोगों की जीवनचर्या प्रभावित होती रही। बाद में काम शुरू होता देख लोग उम्मीद के सहारे बैठे थे पर थोड़े ही दिनों में सड़क का काम ढीला पड़ गया। कुछ दिनों तक खींचतान कर काम चलाने का दिखावा किया जाता रहा, पर अब आर्थिक दिक्कतों का हवाला देते हुए कंपनी ने काम पूरी तरह बंद कर दिया। निविदा शर्तों के अनुसार ठेका कंपनी जीवीआर द्वारा एनएच 43 काे सीमेंट कंक्रीट से बनाना है। काम बंद हाेने से समय सड़क पर कांक्रीटीकरण तो दूर इस पर नीचे के बेस का काम भी नाम मात्र को ही हो पाया था। जिसे देखते हुए जीवीआर कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करते हुए ग्रोवर कंपनी काे नया ठेका दिया गया। ठेका मिलने के बाद ग्रोवर कंपनी ने सड़क निर्माण के लिए मध्यप्रदेश के हरदा कंपनी से बड़ी-बड़ी मशीनें किराए में लाकर काम शुरू किया। लोगांे में एक बार फिर आस जगी की उन्हें अब अच्छी सड़क मिल पाएगी। पर अब कंपनी किराया नहीं मिलने की बातकर अपना सामान समेट रही है।

पाकरगांव से लुड़ेग तक हाइवे पर खेत जैसा दलदल, गड्‌ढों में फंस रहे वाहन

पत्थलगांव से बनगांव जाने वाला हुआ पूरी तरह से जर्जर

किराया नहीं मिला तो कंपनी उठा रही सामान

ग्रोवर कंपनी को पत्थलगांव से कांसाबेल तक का सड़क निर्माण का ठेका मिलने के बाद सड़क निर्माण के लिए कंपनी ने बड़ी बड़ी मशीनें यहां लाकर स्थापित की थी। मशीनाें को लाने के बाद कंपनी द्वारा निर्माण शुरू नहीं किया। बताया जाता है कि कंपनी ने मध्यप्रदेश के हरदा कंपनी से मशीनों को किराए में लेकर आई थी। मशीन के आने के बाद से इनका किराया जुड़ना शुरू हो गया। कंपनी द्वारा काम शुरू नहीं करने के बाद भी किराया दिनाें दिन बढ़ता चला गया। जब मशीनों का किराया लगभग 85 लाख रुपए से अधिक हो गया तो हरदा कंपनी ने पिछले सप्ताह पत्थलगांव पहुंचकर मशीनाें को उठा ले गई है।

भास्कर संवाददाता | जशपुरनगर

जर्जर राष्ट्रीय राजमार्ग को लेकर निर्माण कंपनी के लापरवाही का खामियाजा एक बार फिर क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बारिश के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति बद से बदतर हो गई है। स्थिति यह है कि सड़क पर अब वाहनों का आना-जाना ही बंद हो गया है। पाकरगांव से लुड़ेग तक का सड़क पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो गई है। सड़क की बदहाल स्थित को लेकर लोगों में आक्रोश है।

एनएच 43 पत्थलगांव क्षेत्र की जीवनरेखा है। जिला मुख्यालय जशपुर तक पहुंचने का यह इकलौता प्रमुख मार्ग है,पर पिछले 4 साल से यह जीवन रेखा ठेकेदारों की मनमानी और लापरवाही का शिकार बन गई है। पहले सड़क निर्माण कंपनी जीवीआर ने निर्माण के नाम पर पत्थलगांव से कांसाबेल तक पूरी सड़क को खोदकर रख दी। इससे लोगों की जीवनचर्या प्रभावित होती रही। बाद में काम शुरू होता देख लोग उम्मीद के सहारे बैठे थे पर थोड़े ही दिनों में सड़क का काम ढीला पड़ गया। कुछ दिनों तक खींचतान कर काम चलाने का दिखावा किया जाता रहा, पर अब आर्थिक दिक्कतों का हवाला देते हुए कंपनी ने काम पूरी तरह बंद कर दिया। निविदा शर्तों के अनुसार ठेका कंपनी जीवीआर द्वारा एनएच 43 काे सीमेंट कंक्रीट से बनाना है। काम बंद हाेने से समय सड़क पर कांक्रीटीकरण तो दूर इस पर नीचे के बेस का काम भी नाम मात्र को ही हो पाया था। जिसे देखते हुए जीवीआर कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करते हुए ग्रोवर कंपनी काे नया ठेका दिया गया। ठेका मिलने के बाद ग्रोवर कंपनी ने सड़क निर्माण के लिए मध्यप्रदेश के हरदा कंपनी से बड़ी-बड़ी मशीनें किराए में लाकर काम शुरू किया। लोगांे में एक बार फिर आस जगी की उन्हें अब अच्छी सड़क मिल पाएगी। पर अब कंपनी किराया नहीं मिलने की बातकर अपना सामान समेट रही है।

कंपनी से किराए के 85 लाख रुपए लेने हैं


कंपनी के मजदूरों ने भी छोड़ा काम

ठेका कंपनी ग्रोवर के अंडर में काम करने वाले मजदूरो ने भी निर्माण काम को बंद कर दिया है। बताया जाता है कि कंपनी ने मशीन का किराया के साथ-साथ मजदूरों का मजदूरी भुगतान भी नहीं किया है। जिसके कारण अब मजदूरों ने भी काम करने से मना कर दिया है। सड़क निर्माण में लगे मजदूर मनीष, डेवीड़, सुलेमान, दीपक सहित अन्य मजदूरों का कहना है कि कंपनी ने उन्हें मजदूरी भुगतान नहीं किया है। जिसके कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। जिसे देखते हुए अब वे भी अपना काम बंद कर दिए हैं।

नई मशीन लाकर काम शुरू कराएंगे


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