हाथियों को खदेड़ने के लिए पटाखा फोड़ रहे शिक्षाकर्मी को प्यारे हाथी ने रौंदा

Jashpuranagar News - भास्कर संवाददाता | अंबिकापुर सूरजपुर जिले के चांदनी बिहारपुर इलाके के पासल गांव में हाथियों ने जमकर उत्पात...

Bhaskar News Network

Nov 11, 2019, 07:05 AM IST
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भास्कर संवाददाता | अंबिकापुर

सूरजपुर जिले के चांदनी बिहारपुर इलाके के पासल गांव में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया और एक शिक्षाकर्मी को कुचलकर मार डाला। उसका शव पांच सौ मीटर के क्षेत्र में कई टुकड़ों में सुबह बिखरा मिला, वहीं हाथियों को पटाखा फोड़कर भगाने के दौरान शिक्षाकर्मी के बेटे व दर्जनभर ग्रामीणों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।

जानकारी के अनुसार ओड़गी विकासखंड मुख्यालय से 53 किलोमीटर दूर तीन हाथियों का दल गुरुघासीदास अभयारण्य में विचरण कर रहा है। हाथियों का ये दल शाम ढलते ही गांवों की ओर रुख कर रहा है। इसके बाद भी हाथी रिहायशी इलाकों में न आएं, इसके लिए वन अमला ठोस कदम नहीं उठा रहा है। चांदनी बिहारपुर से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित पासल गांव में शनिवार की शाम सात बजे के करीब प्यारे हाथी का दल आ धमका। शिक्षाकर्मी विश्वनाथ तिवारी अपने बेटे रामअधीन के साथ बाहर निकले तो गांव के दर्जन भर लोग भी हाथियों को भगाने की तैयारी में थे। घर के पास ही खेत होने के कारण विश्वनाथ तिवारी पटाखा फोड़कर हाथियों को भगाने के लिए घर से कुछ दूरी पर गए।

12 गांवों के 2 हजार परिवार कर रहे रतजगा

72 हाथियों के गुरुघासीदास अभ्यारण में आ जाने से इससे लगे गांव मोहरसोप, बसनरा, कछिया, नवडीहा, जुड़वनिया, खैरा, बघोई, पासल, रेवटी और पेंडारी गांव के लोग दहशत में जी रहे हैं। इन गांवों में करीब 2 हजार परिवार रह रहे हैं और ये जंगल किनारे खेतों में लगे धान व दूसरी फसलों के तैयार होने के बाद भी काटने जाने से डर रहे हैं। वहीं शाम ढलते ही खाना खाकर हाथियों से बचने के लिए घरों के बाहर बैठकर रात बिता रहे हैं।

रात में नहीं पहुंचे वनकर्मी

ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद इसकी जानकारी वन विभाग के बीट गार्ड व अधिकारियों को दिया गया,लेकिन कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। सुबह होने पर बीट गार्ड ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार किया। वन अमला का कहना है कि अगर रात में वे फसल से हाथियों को भगाने के लिए नहीं गए होते तो हादसा नहीं हुआ होता। वहीं 48 घंटे के भीतर दो लोगों को हाथियों द्वारा कुचलकर मार डालने की घटना से लोगों में आक्रोश है।

गजराज वाहन दिखाने भर के लिए, लाेग जागरूक नहीं

हाथियों के आंतक पर सूरजपुर डीएफओ भगत का कहना है कि बिहारपुर इलाके में गजराज वाहन तो नहीं है। दो साल बाद यहां हाथियों का दल आया है। गजराज वाहन दिखाने भर के लिए है, वह क्या करेगा। इस इलाके के लोग हाथियों के व्यवहार को लेकर जागरूक नहीं हैं। गांवों में हालात का जायजा ले रहा हूं।

ओडिशा से 25 हाथियों का दल पहुंचा खडूंग नदी के पास, ग्रामीण कर रहे रतजगा

जशपुरनगर | वन परिक्षेत्र तपकरा के सागजोर जंगल में 25 हाथियाें का दल आने से किसानाें काे अपनी पकी हुई धान की फसल को बचाने की चुनौती आ गई है। क्षेत्र के ग्रामीण हाथियों के आतंक से पहले से ही जूझ रहा है। शनिवार शाम हाथियों के आने की भनक मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया है। ग्रामीण अपनी सुरक्षा की तैयारी में जुट गए हैं। ओडिशा सरहद से सागजोर पंचायत जुड़ा है और यहां हमेशा से हाथियों का आना जाना लगा रहता है। शनिवार को 25 हाथियों का दल खडूंग नदी के आस पास रहा। हाथियों के आन से ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर भयभीत है। किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। किसानों की माने तो वनकर्मियों को रात में गांव के नजदीक गश्त लगानी चाहिए, ताकि लोगों के दिलों से हाथी की दहशत खत्म हो सके। उन्होंने बताया कि गांव की महिलाएं और बच्चों रात भर डर से सोए ही नहीं सके।

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