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गजकेसरी योग में आज होगा होलिका दहन

एक वर्ष पहले
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होलिका दहन 9 मार्च को पूर्णिमा तिथि पर गजकेसरी योग में होगा। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6.26 से 8.52 तक रहेगा। इस बार होलिका दहन पर भद्रा नहीं होगी। भद्रा 9 मार्च की रात 9 बजकर 37 मिनट से शुरू होगा। भद्रा में होली नहीं जलाई जाती इसलिए उससे पहले होलिका दहन करना शुभ होगा। इसके अगले दिन 10 मार्च को रंगों से खेलने की परंपरा है जिसे धुलंडी कहा जाता है।

होलिका का पूजन ऐसे करें- हर साल होलिका पूजन शाम के समय किया जाता है। जमीन को साफ कर गाय के गोबर से होलिका बनाएं या सार्वजनिक जगह पर जाकर जहां होलिका बनी हो वहां पर पूजन करें।

होलिका पूजन से पहले गणेश जी का पूजन किया जाता है। पूजन के लिए एक थाली में रोली, चावल, साबुत हल्दी, बताशे, गुलाल और एक लोटा पानी लें। होलिका पर चढ़ावा अर्पित करके, भगवान नृसिंह का नाम स्मरण करें। अंत में होलिका दहन करके इसकी परिक्रमा करें। होलिका दहन की अग्नि में गुलाल डालें। इसके बाद अपने प्रियजनों और बड़ों को गुलाल लगाकर
आशीर्वाद लें।

आज होगी होली की खरीदारी- इस साल उमंग, उत्साह और रंगों का पर्व होली को देखते हुए शहर में होली की दुकानें सज चुकी हैं। खरीदारी भी शुरू हो चुकी है, पर खरीदारी करते वक्त कई सावधानियां रखना जरूरी है।

भारतीय समाज में त्योहारों के बहुत से पौराणिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व हैं। पर आधुनिक समाज ने इन सब में जो सबसे अहम चीज पिछले कुछ दशकों में जोड़ी है, वह है शॉपिंग। लोग इस त्योहार में मिठाई और गुलाल, मुखौटों की जमकर खरीदारी
करते हैँ।

गुलाल से खेलें सूखी होली

केमिकल रंगों के प्रयोग से होली पर लोगों को आंखों व त्वचा में जलन की परेशानी का सामना करना पड़ता है। आंख शरीर का सबसे नाजुक अंग है। केमिकल रंग पड़ जाने से आंखों में जलन, लाल होना व उसकी रोशनी जाने का भी खतरा रहता है। जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. अनुरंजन टोप्पो का कहना है कि केमिकल रंग दानेदार होते हैं। आंखों में पड़ने पर यह कॉर्निया व कंजेटाइव को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कई बार आंखों की रोशनी जाने का भी खतरा रहता है। केमिकल रंग लगने पर त्वचा में जलन होने लगती है। ऐसे में शरीर को रगड़ने से त्वचा पर दाने निकल सकते हैं। रगड़ने की बजाए जलन वाले स्थान पर ठंडा पानी डालना चाहिए। उससे काफी राहत मिलती है। इसलिए पानी की बचत के लिए सूखी होली ही खेलें।

गुलाल खेलने के पहले
बरते ये सावधानी


{शरीर के खुले हिस्से पर तेल या क्रीम लगा लेना चाहिए।

{बालों में नारियल का तेल लगाना चाहिए।

{शरीर के अधिकतर हिस्से को ढक लेना चाहिए।

{हर्बल रंगों व अबीर, गुलाल से खेलें होली।

{गुलाल पड़ जाने पर आंख को रगड़े नहीं।
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